आजम खान की फिर बढ़ीं मुश्किलें: जेल में पूछताछ के बाद भ्रष्टाचार का केस दर्ज, ED को नहीं दे पाए 494 करोड़ का हिसाब
Azam khan Jauhar University Case: रामपुर जिला जेल में मंगलवार को ईडी की टीम ने पूर्व मंत्री आजम खान से पूछताछ की. ईडी के तीन अधिकारियों ने उनसे करीब 8 घंटे पूछताछ की. इसके बाद सपा नेता आजम खान पर भ्रष्टाचार का केस दर्ज हो गया है. बताया जा रहा है कि पूर्व मंत्री 494 करोड़ का हिसाब किताब नहीं दे पाए.
Azam khan Jauhar University Case/ सुरेश दिवाकर (रामपुर): उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं. उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का एक और मुकदमा दर्ज हो गया है. यह कार्रवाई करोड़ों रुपये के वित्तीय लेन-देन और हिसाब-किताब में गड़बड़ी पाए जाने के बाद की गई है..
494 करोड़ रुपये का हिसाब नहीं दे पाए पूर्व मंत्री
जानकारी के अनुसार, मंगलवार को जौहर यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े ट्रस्ट के मामले में पूछताछ करने के लिए ईडी की टीम रामपुर जेल पहुंची थी. जहां ईडी के तीन अधिकारियों ने सपा नेता से करीब 8 घंटे तक पूछताछ की. इस पूछताछ के दौरान पूर्व मंत्री आजम खान 494 करोड़ का हिसाब किताब नहीं दे पाए. करोड़ों वित्तीय अनियमितताओं के सामने आने के बाद जांच एजेंसियों ने शिकंजा कस दिया है. ईडी के डिप्टी डायरेक्टर ने अजीमनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है.
मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और कई फर्म भी आरोपी
इस हाई-प्रोफाइल मामले में सिर्फ व्यक्तिगत तौर पर आजम खान ही नहीं, बल्कि उनका मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट भी आरोपी बनाया गया है. इसके अलावा एफआईआर में कई अन्य नाम भी शामिल हैं. एफआईआर में जिन्हें नामजद किया गया है, उनमें मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, एस.एस. एंड एस. इंटरप्राइजेज, एस.एस. चिके एसोसिएट और अन्य शामिल हैं.
जांच एजेंसियों का मानना है कि इन संस्थाओं और फर्मों के जरिए वित्तीय हेराफेरी को अंजाम दिया गया था, जिसकी परतें टटोली जा रही हैं.
सलाखों के पीछे से बढ़ती कानूनी अड़चनें
आजम खान भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के मामलों में पहले से ही कानूनी लड़ाइयों का सामना कर रहे हैं. अब यह नया मुकदमा उनके लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है. जेल में पूछताछ के बाद थाने में एफआईआर दर्ज होने से आने वाले दिनों में उनकी कानूनी मुश्किलें और ज्यादा बढ़ सकती हैं. पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियां अब इस पूरे 494 करोड़ के वित्तीय नेटवर्क और दस्तावेजों की कड़ियों को आपस में जोड़ने में जुट गई हैं.
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