दिवाली से ठीक पहले अगर आप भी प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या जाने का मन बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है. श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में विराजमान रामलला के दर्शन, पूजन और आरती के समय में बड़ा बदलाव किया गया है. 1 नवंबर से मंदिर परिसर में शीतकालीन समय-सारणी (Winter Schedule) लागू हो जाएगी.
राम मंदिर धार्मिक समिति के सदस्य राजकुमार दास का कहना है कि देश के सभी प्रमुख मंदिरों में ग्रीष्मकालीन और शरद ऋतु के दौरान दर्शन की अलग-अलग विधियां और व्यवस्थाएं होती हैं. हमारे ठाकुर श्री रामलला सरकार भी बाल रूप में विराजमान हैं, इसलिए उनकी सेवा भी उसी भाव से की जाती है, जिस भाव से एक बालक की देखभाल की जाती है. सर्दियों में सुबह देर तक अंधेरा रहने और दिन छोटे होने के कारण राम मंदिर धार्मिक समिति ने यह फैसला लिया है.
शीतकालीन व्यवस्था के तहत अब रामलला के पट सुबह 4:00 बजे खुलेंगे और रात 10:00 बजे बंद हो जाएंगे. पहले रात में मंदिर के पट 10:30 बजे बंद होते थे, यानी अब रात में समय आधा घंटा घटा दिया गया है. इतना ही नहीं, रामलला की मंगला आरती सुबह 4:30 बजे, श्रृंगार आरती 6:30 बजे, बालभोग समय सुबह 8:00 बजे से 8:10 बजे, मध्याह्न विश्राम दोपहर 12:30 बजे से 1:30 बजे, संध्या आरती शाम 7 बजे और शयन आरती रात 9:30 बजे होगी.
बदले हुए समय के साथ-साथ मंदिर प्रशासन ने देश-विदेश से आने वाले राम भक्तों को राहत भी दी है. अब आरती के दौरान दर्शन करने की व्यवस्था को और सुलभ बना दिया गया है. आरती के लिए जारी किए जाने वाले पास की संख्या दोगुनी कर दी गई है. इसके साथ ही आरती के दौरान जैसे ही मंदिर के पट खुलेंगे, आम श्रद्धालु भी बिना किसी विशेष पास के सीधे रामलला के दिव्य दर्शन कर सकेंगे.
पासधारकों के लिए पहले की तरह सुरक्षित व्यवस्था जारी रहेगी, लेकिन आम भक्तों के लिए यह फैसला किसी सौगात से कम नहीं है. अगर आप भी अयोध्या यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो इसी नई समय-सारणी के हिसाब से अपना प्लान बनाएं.