)
रामनगरी अयोध्या एक बार फिर इतिहास रचने जा रहा है. दीपोत्सव के इस पावन पर्व पर शहर का कोना-कोना राममय हो चुका है. शनिवार को शहर के साकेत महाविद्यालय से सियाराम की भव्य झांकी निकाली गई, जिसे उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. ढोल-नगाड़ों की गूंज और कलाकारों के पारंपरिक नृत्य के साथ निकली इस शोभायात्रा ने पूरे शहर में दीपावली के उल्लास को चार चांद लगा दिए.
राम पथ पर जीवंत हुए रामायण के प्रसंग
साकेत महाविद्यालय से शुरू होकर यह शोभायात्रा अयोध्या के प्रमुख मार्गों और राम पथ से होते हुए रामकथा पार्क तक पहुंचेंगी. राम पथ पर चल रही इन झांकियों में रामायण के विभिन्न प्रसंगों को बेहद खूबसूरती से जीवंत किया गया है. इस दौरान पूरा माहौल 'जय श्री राम' और राम कथा के जयकारों से गूंज उठा.
जयकारों की गूंज
शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण वह दृश्य रहा, जहां कलाकारों ने अलग-अलग पौराणिक स्वरूपों में जीवंत भूमिकाएं निभाईं. इस दौरान भगवान राम के स्वरूप ने कहा कि अयोध्या के कण-कण में राम बसे हैं, तो वहीं बजरंगबली के रूप में कलाकार ने जय श्री राम के नारे लगाए. यहां तक कि रावण के रूप में सजे कलाकार द्वारा 'हर हर महादेव' के उद्घोष ने दर्शकों को पूरी तरह मंत्रमुग्ध कर दिया.
बिहार की सांस्कृतिक छटा
इस शोभायात्रा में देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं. खास तौर से बिहार से आए कलाकारों ने भगवान राम और माता सीता के भजनों पर शानदार प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया. कलाकारों ने अपने गीतों के माध्यम से यह संदेश भी दिया कि बिहार में दीपावली के ठीक सातवें दिन लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा मनाई जाती है, जो हमारी समृद्ध संस्कृति और देश की पहचान का प्रतीक है.
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने क्या कहा?
इस भव्य आयोजन के दौरान उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने ज़ी मीडिया से खास बातचीत में कहा कि अयोध्या एक बार फिर से इतिहास रचने की कगार पर है. दीपोत्सव को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. उन्होंने कहा कि झांकियां निकल रही है और अयोध्या एक बार फिर से इतिहास रचेगी.
अयोध्या की सड़कों पर उमड़ी भीड़ और भक्तिमय माहौल ने यह साबित कर दिया कि त्रेतायुग की वह गौरवशाली गाथा आज भी हर भारतवासी के दिल में उतनी ही जीवंत है.
(अयोध्या से नंदन श्रीवास्तव की रिपोर्ट)