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Bijnor Child Trafficking News/ राजवीर चौधरी: कहते हैं मां की ममता और पिता का साया दुनिया की सबसे बड़ी ढाल होते हैं, लेकिन बिजनौर के नगीना थाना क्षेत्र से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां आर्थिक तंगी और लालच के चक्रव्यूह में एक मासूम का सौदा कर दिया गया. 14 महीने के जिगर के टुकड़े को पहले 'पालन-पोषण' के नाम पर सौंपा गया और फिर अस्पतालों व दलालों के नेटवर्क के जरिए उसे 5 लाख रुपये में बेच डाला गया.
हालांकि, पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने इस घिनौने खेल का पर्दाफाश करते हुए मासूम को सकुशल बरामद कर लिया है और कलयुगी मां-बाप समेत कुल 6 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है.
ऐसे शुरू हुआ 'सौदा-ए-ममता'
घटना नगीना क्षेत्र के नैनपुरा गांव से जुड़ी है. पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि शबनम और उसके पति फरमान के पहले से चार बच्चे थे. इसके बाद जब घर में जुड़वा बच्चों ने जन्म लिया, तो आर्थिक तंगी का हवाला देकर उन्होंने 15 दिन के एक बेटे को दूसरों को सौंपने का फैसला किया.
शुरुआत में शफीकन के जरिए बच्चे को 2 लाख रुपये में 'गोद' देने का नाटक रचा गया, लेकिन पर्दे के पीछे दलालों का एक बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा था.
अस्पतालों का चक्कर और 5 लाख में री-सेल!
पुलिस की पूछताछ में चौंकाने वाला सच सामने आया. पुलिस के मुताबिक, 2 लाख में लिया गया यह मासूम आगे दलालों की मदद से हरिद्वार के सलोचना और अन्य आरोपियों के जरिए एक दूसरे दंपति को पूरे 5 लाख रुपये में बेच दिया गया. इस पूरे खेल में कुछ अस्पतालों और बिचौलियों की भूमिका भी सामने आई है, जहां पैसों का लेन-देन हुआ.
पैसों के बंटवारे पर बिगड़ी बात
पुलिस के मुताबिक, मासूम के सौदे से मिले 5 लाख रुपये आपस में बांट लिए गए, लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आया जब बच्चे के असली माता-पिता यानी शबनम और फरमान को पता चला कि बच्चा तो आगे बहुत भारी रकम में बिका है. ज्यादा पैसों के लालच में उन्होंने शिकायत दर्ज कराने की धमकी दी, जिसके बाद दलालों ने चुप रहने के लिए उन्हें 1.5 लाख रुपये अतिरिक्त थमा दिए.
मामा की एक शिकायत पर हुई कार्रवाई
मामले की भनक जब बच्चे के मामा ताजूद्दीन को लगी, तो उसने 28 सितंबर को नगीना थाने में तहरीर दी. शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और एक टीम का गठन किया गया. जांच आगे बढ़ी तो परत-दर-परत पूरा रैकेट बेनकाब हो गया. पुलिस ने तुरंत छापेमारी कर जितेन्द्र कुमार उर्फ विक्की, कपिल उर्फ राजवीर, फरमान, शफीकन, शबनम, सलोचना को गिरफ्तार कर लिया.
मासूम सकुशल, गंभीर धाराओं में मुकदमा
बिजनौर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए बच्चे को दलालों के चंगुल से सकुशल छुड़ा लिया है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सख्त धाराओं को मुकदमे में जोड़ा गया है. पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह के तार अस्पतालों के किसी बड़े बाल-तस्करी (Child Trafficking) सिंडिकेट से तो नहीं जुड़े हैं.