कई बार जिंदगी में सब कुछ ठीक चलता हुआ दिखाई देता है, लेकिन अचानक एक ऐसा मोड़ आता है, जहां इंसान को समझ नहीं आता कि आगे जाने के लिए कौन सा रास्ता चुने. उत्तराखंड की डिजिटल कंटेंट क्रिएटर निधि कंवर की कहानी भी कुछ ऐसी ही है.
निधि ने सोशल मीडिया पर अपने संघर्ष की कहानी बताते हुए कहा कि पढ़ाई के मामले में वह हमेशा अच्छी छात्रा रही हैं. 10वीं में उनके 90 प्रतिशत और 12वीं में 95 प्रतिशत नंबर आए. अच्छे नंबरों की वजह से उन्हें एक अच्छे इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन मिला. कॉलेज के बाद बेंगलुरु में उन्हें करीब 80 हजार रुपये महीने की इंटर्नशिप भी मिल गई. उस समय शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसके बाद उनकी जिंदगी इतनी तेजी से बदलने वाली है.
इंटर्नशिप खत्म होने के बाद निधि के सामने सबसे बड़ी परेशानी नौकरी की थी. उन्होंने लगातार कोशिश की, इंटरव्यू दिए और कई जगह आवेदन किया, लेकिन काम नहीं मिला. एक-दो महीने की बात होती तो शायद संभालना आसान था. लेकिन यह इंतजार करीब 9 महीने तक चला. धीरे-धीरे रिजेक्शन का असर उनकी सोच और रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ने लगा. निधि ने बताया कि वह एक समय पर करीब 6 महीने तक घर से बाहर नहीं निकलीं. लोगों से बात करना भी बंद कर दिया था. जिस लड़की को पढ़ाई और करियर को लेकर काफी उम्मीदें थीं, वही अब लोगों के सवालों से बचने लगी थी.
निधि के लिए Google का इंटरव्यू खास था. उन्हें लगा कि शायद यहां उनका सपना पूरा हो जाएगा. लगातार कोशिशों के बाद उन्हें लगा था कि इस कंपनी में नौकरी मिल सकती है. लेकिन नतीजा उनके पक्ष में नहीं आया. Google ने उन्हें रिजेक्ट कर दिया. निधि के लिए यह सिर्फ एक नौकरी का रिजेक्शन नहीं था. उन्हें लगने लगा कि शायद जिस रास्ते पर वह इतने समय से चल रही थीं, वह रास्ता उनके लिए था ही नहीं. लगातार कोशिश, इंतजार और रिजेक्शन के बीच उनका आत्मविश्वास भी कमजोर पड़ने लगा.
इसी मुश्किल समय में निधि की दादी का फोन आया. दादी ने उनसे कहा कि वह शायद बहुत बड़ा सपना देख रही हैं, इसलिए अगर कोई छोटा मौका मिले तो उसे भी देख लेना चाहिए. यह बात निधि के दिमाग में बैठ गई. शायद पहली बार उन्हें लगा कि कामयाबी का सिर्फ एक रास्ता नहीं होता. जरूरी नहीं कि अच्छी नौकरी, बड़ी कंपनी और बड़ा पैकेज ही जिंदगी की आखिरी मंजिल हो. इसके बाद उन्होंने कुछ ऐसा करने का फैसला किया, जिसके बारे में शायद उन्होंने खुद भी पहले नहीं सोचा था.
निधि ने यूट्यूब पर अपना चैनल बनाया. उनका पहला वीडियो ही बेहद पर्सनल और सीधा था. वीडियो का टाइटल 'Am I A Loser' था. इस वीडियो में उन्होंने अपनी उलझन, डर और लोगों के सवालों से बचने की आदत के बारे में बात की. वह बताती हैं कि उन्हें लोगों का सामना करने से डर लगने लगा था. फिर उन्होंने खुद से सवाल किया कि आखिर कब तक वह दूसरों के सवालों से डरती रहेंगी. यहीं से उन्होंने कैमरे के सामने अपनी कहानी बतानी शुरू कर दी. यूट्यूब के साथ उन्होंने इंस्टाग्राम पर भी वीडियो पोस्ट किए.
जिस लड़की को कुछ समय पहले नौकरी के लिए जगह-जगह रिजेक्शन मिल रहा था, उसकी जिंदगी अगले कुछ महीनों में बिल्कुल अलग हो गई. निधि के मुताबिक, करीब एक साल के अंदर उनके सोशल मीडिया फॉलोअर्स की संख्या 10 लाख के आसपास पहुंच गई. उनके वीडियो लोगों तक पहुंचने लगे और उनकी अपनी एक पहचान बनने लगी. निधि कहती हैं कि अब वह खुद को दुनिया की सबसे लकी इंसान मानती हैं. जिस सफलता को वह कभी Google की नौकरी में ढूंढ रही थीं, वही सफलता उन्हें YouTube और सोशल मीडिया से मिल गई. उनका कहना है कि इस सफर ने सिर्फ उनकी आर्थिक स्थिति नहीं बदली, बल्कि जिंदगी को देखने का नजरिया भी बदल दिया. अब वह आर्थिक रूप से स्वतंत्र हैं और अपने काम से खुश भी हैं.
निधि की कहानी सिर्फ करियर के उतार-चढ़ाव तक सीमित नहीं है. उनकी निजी जिंदगी में भी काफी मुश्किलें रही हैं. उन्होंने अपने वीडियो में बताया है कि जब वह सिर्फ 10 साल की थीं, तब एक हादसे में उनके माता-पिता की मौत हो गई थी. इसके बाद वह उत्तराखंड में अपने दादा-दादी के साथ रहने लगीं. शायद यही वजह है कि उनके लिए दादी की कही बात सिर्फ एक सलाह नहीं थी. मुश्किल वक्त में जब निधि खुद को लेकर सवाल कर रही थीं, तब दादी की वही छोटी सी बात उन्हें एक अलग रास्ते की तरफ ले गई.
निधि ने अपने इंस्टाग्राम पर अपनी यह कहानी शेयर की थी. वीडियो को अभी तक लाखों से ज्यादा बार देखा जा चुका था. हजारों लोगों ने इसे शेयर और कमेंट भी किया. वीडियो देखने वाले कई लोगों ने कहा कि उन्हें निधि की कहानी इसलिए पसंद आई क्योंकि इसमें सिर्फ सफलता नहीं, बल्कि उस सफलता तक पहुंचने का मुश्किल रास्ता भी दिखाई देता है. एक यूजर ने लिखा कि वह पहले से निधि का कंटेंट पसंद करता था, लेकिन उनकी कहानी जानने के बाद उनकी मेहनत की और ज्यादा कद्र होने लगी. एक अन्य यूजर ने आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने की उनकी बात की तारीफ की. कमेंट करने वाले ने कहा कि लोग अक्सर सफलता देखते हैं, लेकिन उस सफलता के पीछे छिपे डर, संघर्ष और लगातार कोशिश को नहीं देख पाते. एक यूजर ने तो निधि की आवाज और बात करने के अंदाज की तुलना एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण से भी कर दी.