सोशल मीडिया पर एक भारतीय छात्र का पोस्ट काफी वायरल हो रहा है, जिसमें उसने अमेरिकी यूनिवर्सिटी के एग्जाम सिस्टम की एक हैरान करने वाली सच्चाई बयां की है. छात्र के मुताबिक, अमेरिका में परीक्षा के दौरान कोई इनविजिलेटर यानी निगरानी करने वाला टीचर नहीं होता है, यहां तक कि ओपन बुक एग्जाम होने और फोन पास में होने के बावजूद कोई चीटिंग नहीं करता है.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक भारतीय छात्र ने अपने शुरुआती दो महीनों के अनुभव शेयर किए हैं. छात्र ने बताया कि अमरीकी यूनिवर्सिटी में कदम रखने के बाद उसके लिए सबसे बड़ा कल्चरल शॉक वहां की परीक्षा प्रणाली रही. भारत में जहां परीक्षा के दौरान टीचर्स क्लास में चक्कर काटते रहते हैं और जरा-सी नजर हटने पर भी स्टूडेंट्स इधर-उधर देखने लगते हैं, वहीं अमेरिका का माहौल बिल्कुल अलग है. वहां के सिस्टम में छात्रों और शिक्षकों के बीच आपसी भरोसे पर जोर दिया जाता है.
छात्र ने अपने पोस्ट में लिखा कि उसे अमेरिका पहुंचे हुए अभी दो महीने ही हुए हैं, लेकिन वहां का परीक्षा का माहौल देखकर वह हैरान रह गया. उसने बताया कि एग्जाम हॉल में कोई भी इनविजिलेटर या पहरेदार मौजूद नहीं होता है. इसके अलावा कई पेपर ओपन बुक होते हैं, जहां किताबें खुली रहती हैं. छात्र ने हैरानी जताते हुए कहा कि न तो कोई फोन चेक करने वाला होता है और न ही इंटरनेट जैमर लगे होते हैं, फिर भी हॉल में बैठा कोई भी छात्र न तो फोन का इस्तेमाल करता है और न ही किसी तरह की चीटिंग करता है. छात्र का मानना है कि भारत में जिस तरह का कटथ्रोट कॉम्पिटीशन है, वहां इस तरह के भरोसे की गुंजाइश बहुत कम बचती है.
It’s been 2 months since I landed in the US, & my biggest cultural shock has been exam ethics. No invigilators, open book, no phone checks or internet jammers, yet no one was on their phone or cheating Cutthroat competition in India just doesn’t allow for this kind of trust :/
— Tavishi Jatrele (@tavishi_jatrele) October 19, 2026
जानकारों के मुताबिक, अमेरिकी शिक्षण संस्थानों में कई बार एग्जाम टेक-होम असाइनमेंट के रूप में दिए जाते हैं या फिर बिना किसी फिजिकल प्रॉक्टर के ऑनलाइन आयोजित किए जाते हैं. कई बार जब कैंपस में ऑफलाइन परीक्षाएं होती हैं, तब भी पूरा फोकस लगातार निगरानी रखने के बजाय एकेडमिक ऑनेस्टी पर होता है. इसका मतलब यह नहीं है कि वहां लापरवाही की छूट है, बल्कि नियम तोड़े जाने पर सजा बहुत बड़ी होती है. यूनिवर्सिटी के नियमों का उल्लंघन करने या नकल करते पकड़े जाने पर छात्र को तुरंत सस्पेंड किया जा सकता है या फिर कॉलेज से हमेशा के लिए निकाला जा सकता है.
जैसे ही यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुई, इस पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई. अलग-अलग अमेरिकी यूनिवर्सिटीज में पढ़ने वाले छात्रों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी. एक यूजर ने लिखा कि हर क्लास में ऐसा नहीं होता है, कई जगहों पर इनविजिलेटर भी होते हैं और सभी टेस्ट ओपन बुक नहीं होते हैं. उस यूजर ने यह भी कहा कि अगर कोई चीटिंग करते पकड़ा जाता है, तो उसका करियर खत्म समझो, क्योंकि उसने खुद लोगों को पकड़े जाते देखा है. दूसरे यूजर ने लिखा कि अमेरिका में चीटिंग न होने की वजह सिर्फ ईमानदारी नहीं है, बल्कि वहां का सिस्टम ऐसा है जो लोगों को लगता ही नहीं कि चीटिंग करने की कोई जरूरत है.