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35 बेडरूम, 30 साल से वीरान: UAE का मशहूर 'भूतिया महल' करोड़ों में बिकने को तैयार; खरीदने की रेस में भारतीय भी शामिल

UAE के रास अल खैमाह में मौजूद एक आलीशान महल करीब 30 साल से खाली पड़ा रहा. 35 बेडरूम, हजारों वर्गफीट का एरिया और दुनिया के अलग-अलग देशों के कारीगरों से सजी इसकी खूबसूरत दीवारें आज भी इसे खास बनाती हैं. लेकिन लंबे समय तक वीरान रहने के कारण इसके साथ अजीब आवाजों और अपने आप जलती-बुझती लाइटों की कहानियां जुड़ गईं. अब यही चर्चित महल करीब 52 करोड़ रुपये में बिक्री के लिए तैयार है.

Written By Santosh Kumar Mishra
Published: Sep 25, 2026, 07:45 AM IST | Updated: Sep 25, 2026, 08:00 AM IST
Image Credit: प्रतीकात्मक AI इमेज
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रास अल खैमाह की एक पहाड़ी पर बना यह महल बाहर से जितना शानदार दिखता है, इसकी कहानी उतनी ही रहस्यमयी है. इसे अल कासिमी पैलेस के नाम से जाना जाता है. कई सालों तक यहां किसी के रहने की खबर नहीं थी. धीरे-धीरे आसपास के लोगों के बीच इसके बारे में तरह-तरह की बातें होने लगीं और महल को 'भूतिया महल' कहा जाने लगा.

1985 में बने इस महल पर करीब 500 मिलियन दिरहम खर्च हुए थे, लेकिन मालिक कभी यहां नहीं रहे. लंबे समय तक खाली रहने के कारण यहां डरावनी कहानियां भी जुड़ गईं. अब इतने साल बाद यह प्रॉपर्टी एक बार फिर चर्चा में है. वजह है इसकी बिक्री. महल को लेकर संभावित खरीदारों और निवेशकों में दिलचस्पी बढ़ रही है.

52 करोड़ रुपये की कीमत लगी

खलीज टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, महल को 22.5 मिलियन दिरहम यानी करीब 52 करोड़ रुपये में बिना फर्नीचर के बेचा जा रहा है. अगर खरीदार महल के अंदर मौजूद पुराने सामान और कलेक्शन भी लेना चाहता है तो कीमत 23.5 मिलियन दिरहम यानी करीब 54 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी. मतलब सिर्फ एक घर नहीं, बल्कि इतिहास और रहस्यमयी कहानियों से जुड़ी पूरी प्रॉपर्टी खरीदार के सामने है.

35 बेडरूम वाला है आलीशान महल

इस प्रॉपर्टी का साइज भी इसकी कीमत की तरह बड़ा है. महल करीब 1,91,742 वर्गफीट के प्लॉट पर बना है. इसका बिल्ट-अप एरिया करीब 33,827 वर्गफीट बताया गया है. इसमें कुल 35 बेडरूम हैं. प्रॉपर्टी की बिक्री की जिम्मेदारी बिशप एंड नाइट के पास है. कंपनी के मैनेजिंग पार्टनर जोश हेनरी के मुताबिक, कई संभावित खरीदार इस महल में दिलचस्पी दिखा चुके हैं. दिलचस्प बात यह है कि हर खरीदार इस जगह को अपने अलग नजरिए से देख रहा है.

दुनिया भर के कारीगरों ने सजाया

यह महल किसी आम घर की तरह नहीं बनाया गया था. साल 1985 में इसका निर्माण शुरू हुआ था और इसे रास अल खैमाह के शाही परिवार से जुड़े दिवंगत शेख अब्दुल अजीज बिन हुमैद अल कासिमी ने एक पहाड़ी पर बनवाया था. महल को सजाने के लिए ईरान, मोरक्को, भारत और चीन से कारीगर बुलाए गए थे. अंदर मोजाइक, पेंटेड टाइल्स और भित्तिचित्रों का इस्तेमाल किया गया. दीवारों पर गजलें लिखी गईं और फ्रांस तथा बेल्जियम के क्रिस्टल झूमरों से कमरों को सजाया गया. दीवारों और अंदरूनी हिस्सों में कबूतर और उल्लू जैसी आकृतियां भी बनाई गई थीं. रिपोर्ट के मुताबिक, इस आलीशान महल को तैयार करने में 500 मिलियन दिरहम से ज्यादा खर्च हुआ था.

इतना सुंदर था, फिर भी खाली क्यों रहा?

महल की कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा यही है. इतना पैसा खर्च करके तैयार किया गया यह शानदार पैलेस बनने के बाद भी लंबे समय तक वीरान पड़ा रहा. बताया जाता है कि शेख अब्दुल अजीज इसमें कभी रहे ही नहीं. इसकी एक वजह परिवार की आपत्ति को बताया जाता है. महल में इंसानों और जानवरों की आकृतियों वाली कई मूर्तियां और कलाकृतियां थीं, जिन्हें लेकर परिवार के कुछ सदस्यों को आपत्ति थी. इसके बाद महल लंबे समय तक बंद रहा. करीब 35 साल तक यहां आम जिंदगी की हलचल नहीं दिखी.

खाली पड़ा तो शुरू हो गईं डरावनी कहानियां

जब कोई इतनी बड़ी और आलीशान इमारत सालों तक बंद पड़ी रहे तो उसके बारे में कहानियां बनना भी स्वाभाविक है. इस महल के साथ भी ऐसा ही हुआ. स्थानीय लोगों के बीच चर्चा होने लगी कि यहां रात में अजीब आवाजें सुनाई देती हैं. कुछ कहानियों में महल की लाइटें अपने आप जलने और बुझने की बातें भी सामने आईं. धीरे-धीरे इन किस्सों ने महल की एक अलग पहचान बना दी. लोग इसे 'भूतिया महल' कहने लगे. हालांकि, इन कथित घटनाओं की कोई पुख्ता पुष्टि सामने नहीं है. महल के लंबे समय तक खाली रहने ने जरूर इन कहानियों को और हवा दी.

2019 में फिर खुले दरवाजे

करीब तीन दशक तक वीरान रहने के बाद साल 2019 में महल को फिर से लोगों के लिए खोला गया. तारिक अहमद अल शरहान ने इसे नया रूप दिया और म्यूजियम में बदल दिया. इसका नाम अल कैसर अल गमेद रखा गया, जिसका मतलब 'रहस्य का महल' बताया जाता है. इसके बाद लोग टिकट लेकर अंदर जा सकते थे. यहां एंट्री फीस 75 दिरहम रखी गई थी. इस तरह जिस जगह को लोग लंबे समय तक डर और रहस्य से जोड़कर देखते थे, वही जगह बाद में लोगों के लिए एक तरह का टूरिस्ट स्पॉट बन गई.

भारत और ब्रिटेन से भी खरीदार

अब महल की बिक्री ने इसकी कहानी को फिर चर्चा में ला दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ UAE ही नहीं, बल्कि भारत, ब्रिटेन और आसपास के देशों के संभावित खरीदारों ने भी इसमें दिलचस्पी दिखाई है. कुछ लोगों की ओर से बोली लगाए जाने की बात भी सामने आई है. खरीदारों की दिलचस्पी सिर्फ महल की रहस्यमयी कहानी की वजह से नहीं है. रास अल खैमाह में बढ़ता टूरिज्म और मरजान आइलैंड का भविष्य भी इस प्रॉपर्टी को निवेश के लिहाज से खास बना रहा है.

होटल बनेगा या प्राइवेट महल?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर यह महल बिक गया तो नया मालिक इसका क्या करेगा. रियल एस्टेट सलाहकारों के मुताबिक, इसके कई इस्तेमाल हो सकते हैं. कोई इसे अपना प्राइवेट घर या फैमिली एस्टेट बना सकता है. कोई खरीदार इसे लग्जरी होटल या टूरिस्ट डेस्टिनेशन में बदल सकता है. इवेंट्स के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि, इसके लिए जरूरी मंजूरियां लेनी होंगी. खास बात यह बताई गई है कि प्रॉपर्टी पर किसी तरह की विरासत संबंधी पाबंदी नहीं है. इसका मतलब है कि नया मालिक जरूरत के हिसाब से इसमें रेनोवेशन, डिजाइन में बदलाव या दूसरे निर्माण कार्य कर सकता है.

डर की कहानी से करोड़ों की डील तक

जिस महल के खाली कमरों और सुनसान गलियारों को लेकर कभी डरावनी कहानियां सुनाई जाती थीं, आज वही जगह करोड़ों की रियल एस्टेट डील के केंद्र में है. 35 बेडरूम वाला यह पैलेस सिर्फ एक महंगा घर नहीं, बल्कि अपनी कहानी, डिजाइन और लंबे समय तक खाली रहने की वजह से अपने आप में एक अनोखी प्रॉपर्टी बन चुका है. अब देखना दिलचस्प होगा कि इसका अगला मालिक इसे प्राइवेट एस्टेट बनाता है, होटल में बदलता है या फिर इसकी रहस्यमयी पहचान को ही इसकी सबसे बड़ी खासियत बनाकर टूरिज्म से जोड़ देता है.

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संतोष मिश्रा जी न्यूज में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. वह पिछले 4.5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं. ट्रैवल, फीचर, ऑफबीट, ट्रेंडिंग और वायरल खबरों के साथ-साथ टेक और साइंस से जुड़ी खबरों में भी उनकी विशेष विशेषज्ञता है. उनकी खबरें अपनी विश्वसनीयता और सटीक जानकारी के लिए जानी जाती हैं. आसान और सहज भाषा में लिखे गए उनके कंटेंट को पाठक काफी पसंद करते हैं. सोशल मीडिया की दुनिया (Instagram, X, Reddit, Threads और Facebook) पर उनकी अच्छी पकड़ है. वह ट्रेंडिंग विषयों पर लगातार नजर रखते हैं और फ्रेश व यूनिक खबरें पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं. संतोष मिश्रा इससे पहले News Nation और India Ahead जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम कर चुके हैं. उन्होंने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) किया है.
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