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राजस्थान के आबू रोड के एक मिडिल क्लास मारवाड़ी परिवार से आने वाली हिमानी मित्तल का मानना है कि अपनी जिंदगी के फैसले खुद लेने के लिए आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होना जरूरी है. उनके लिए यह सिर्फ पैसे कमाने की बात नहीं थी, बल्कि अपनी पसंद से जिंदगी जीने की आजादी भी थी.
हिमानी ने इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में अपनी जिंदगी के सफर के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि कम उम्र में ही उन्हें एहसास हो गया था कि अगर उन्हें अपनी शर्तों पर जिंदगी जीनी है तो आर्थिक रूप से किसी दूसरे पर निर्भर नहीं रहना चाहिए. यही सोच उनके करियर की शुरुआत की वजह बनी. उन्होंने ऐसा रास्ता चुना, जिसमें आगे बढ़ने के लिए किसी एक नौकरी या तय ऑफिस टाइम पर निर्भर रहना जरूरी नहीं था.
हिमानी ने मात्र 21 साल की उम्र में स्पेनिश भाषा पढ़ाना शुरू कर दिया था. दिलचस्प बात यह है कि उस समय वह खुद भी इस भाषा को सीख रही थीं. इसके बावजूद उन्होंने पढ़ाने का काम शुरू किया और धीरे-धीरे अपने लिए कमाई का रास्ता बनाया. यह फैसला उनके लिए आसान नहीं रहा होगा, क्योंकि किसी नई चीज की शुरुआत करते समय अनुभव की कमी और असफल होने का डर अक्सर लोगों को पीछे खींचता है. लेकिन हिमानी ने इंतजार करने के बजाय काम करते हुए सीखने का रास्ता चुना. फिर कोरोना महामारी का दौर आया. उस समय हिमानी 23 साल की थीं. कोरोना के चलते कामकाज का तरीका बदल रहा था और उन्होंने भी अपने काम को पूरी तरह ऑनलाइन करने का फैसला लिया. इस बदलाव से उन्हें घर बैठे काम करने और नए मौके खोजने का अवसर मिला. ऑनलाइन काम ने आगे चलकर उनकी जिंदगी में कई नए रास्ते खोले.
हिमानी के सफर में अगला बड़ा मोड़ तब आया, जब उन्होंने फिल्ममेकिंग में मास्टर डिग्री पूरी की. इसके बाद 25 साल की उम्र में वह स्पेन चली गईं. वहां उन्होंने अंग्रेजी पढ़ाने का काम किया और करीब तीन साल तक रहीं. स्पेन में रहना उनके लिए सिर्फ दूसरे देश में नौकरी करने का अनुभव नहीं था. इस दौरान उन्हें अलग-अलग देशों के लोगों से मिलने, उनकी जिंदगी को करीब से समझने और यूरोप घूमने का मौका मिला. अलग-अलग जगहों पर रहने वाले लोगों की सोच, उनके फैसले और जिंदगी जीने के तरीके देखकर हिमानी को महसूस हुआ कि हर किसी के लिए सफलता का मतलब एक जैसा नहीं होता. जरूरी नहीं कि हर इंसान एक ही उम्र में नौकरी करे, शादी करे या जिंदगी में किसी खास मुकाम पर पहुंचे. कई बार दूसरों से मिलने और नई जगहों को देखने से इंसान अपनी जिंदगी को नए नजरिए से समझ पाता है. हिमानी के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. स्पेन में बिताए समय ने उनकी सोच को और खुला बनाया.
विदेश में कुछ साल बिताने के बाद हिमानी करीब दो साल पहले भारत लौट आईं. लेकिन देश लौटने के बाद भी उन्होंने जिंदगी को लेकर अपने फैसले बदलने के बजाय अपनी पसंद को प्राथमिकता देना जारी रखा. पिछले साल वह दिल्ली चली गईं और इसके करीब तीन महीने पहले केरल में रहने लगीं. उनके सफर में शहर बदलते रहे, काम बदलता रहा और जिंदगी को देखने का नजरिया भी आगे बढ़ता रहा. जहां कई लोगों को एक उम्र के बाद शादी और घर बसाने की चिंता सताने लगती है, वहीं हिमानी ने फिलहाल अपने करियर, घूमने और खुद को समझने पर ध्यान देने का फैसला किया है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर किसी को शादी या नौकरी से दूर रहना चाहिए. हिमानी की कहानी का खास पहलू यह है कि वह अपनी जिंदगी के फैसले दूसरों की तय की हुई समयसीमा के हिसाब से नहीं लेना चाहतीं. उनके लिए जरूरी है कि वह वही करें, जिसमें उन्हें खुशी मिले और जो उनकी मौजूदा सोच से मेल खाता हो.
हिमानी अब सोशल मीडिया पर कंटेंट बनाती हैं. उनके वीडियो में अकेले घूमने, डेली रूटीन की छोटी-छोटी चीजों में खुशी ढूंढने और अपनी पसंद के अनुसार जिंदगी जीने जैसे विषय शामिल रहते हैं. उनकी कोशिश है कि लोग दूसरों की जिंदगी से अपनी तुलना करने के बजाय अपनी जरूरतों और इच्छाओं को समझें. अक्सर सोशल मीडिया पर लोगों को किसी की अच्छी नौकरी, विदेश यात्रा या सफल करियर दिखाई देता है. लेकिन उस चमक के पीछे की उलझनें और संघर्ष नजर नहीं आते. हिमानी की कहानी इस बात की याद दिलाती है कि जिंदगी में बदलाव करना हमेशा असफलता का संकेत नहीं होता. कई बार किसी रास्ते पर कुछ दूर चलने के बाद इंसान को पता चलता है कि उसे कहीं और जाना है. ऐसे में पुरानी दिशा छोड़कर नई शुरुआत करना भी आगे बढ़ने का एक तरीका हो सकता है.
हिमानी की जिंदगी बाहर से देखने पर काफी रोमांचक लग सकती है. ऑनलाइन काम, विदेश में रहना, यूरोप घूमना और अपनी पसंद के अनुसार फैसले लेना कई लोगों का सपना होता है. लेकिन हिमानी ने यह भी स्वीकार किया है कि 30 साल की उम्र में भी उनके पास जिंदगी के हर सवाल का जवाब नहीं है. उनके मुताबिक, जिंदगी एक बार फिर उन्हें नई शुरुआत की तरफ ले जा रही है. वह इस बदलाव को परेशानी या हार की तरह देखने के बजाय खुद को समझने और आगे बढ़ने के मौके के तौर पर ले रही हैं. यह बात उन लोगों को खास तौर पर अपनी ओर खींच सकती है, जो 30 की उम्र के आसपास पहुंचकर अपने करियर या निजी जिंदगी को लेकर उलझन में हैं. कई बार लोगों को लगता है कि अब तक सब कुछ तय हो जाना चाहिए था. अच्छी नौकरी, सही करियर, शादी और भविष्य की पूरी योजना. लेकिन हकीकत यह है कि हर किसी की जिंदगी का रास्ता अलग होता है. किसी को जल्दी अपना काम पसंद आ जाता है तो किसी को कई कोशिशों के बाद भी सही दिशा तलाशनी पड़ती है.
हिमानी इंस्टाग्राम पर 'एसएफ चैलेंज' नाम से एक सीरीज भी चला रही हैं. इसके जरिए वह उन लोगों से जुड़ना चाहती हैं, जो 30 की उम्र में हैं या इस पड़ाव के करीब पहुंच रहे हैं और समाज की उम्मीदों के दबाव में महसूस करते हैं. इस सीरीज का मकसद ऐसे लोगों को एक-दूसरे के अनुभवों से जोड़ना है, जो अपना करियर बदलना चाहते हैं, कोई नया काम शुरू करना चाहते हैं या जिंदगी में एक अलग रास्ता चुनने के बारे में सोच रहे हैं. हिमानी की कोशिश है कि लोग यह समझें कि सफलता हासिल करने, शादी करने या जिंदगी में किसी मुकाम पर पहुंचने की कोई एक तय उम्र नहीं होती. हर किसी के हालात, जिम्मेदारियां और प्राथमिकताएं अलग होती हैं.
हिमानी की कहानी सामने आने के बाद कई लोगों ने उनके सफर से जुड़ाव महसूस किया. कुछ यूजर्स ने उनकी हिम्मत की तारीफ की तो कुछ ने अपनी जिंदगी की उलझनों के बारे में भी बताया. एक यूजर ने लिखा कि वह भी ऐसा काम करना चाहता है, जिसमें उसे खुशी मिले. वह 9 से 5 वाली नौकरी छोड़ना चाहता है, लेकिन अभी उसे यह समझ नहीं आ रहा कि आगे क्या करना चाहिए. एक दूसरे यूजर ने कहा कि वह हिमानी की बातों से खुद को काफी जुड़ा हुआ महसूस करता है और उनके सफर को करीब से देखना चाहता है. वहीं, एक यूजर ने लिखा कि बिना पारंपरिक नौकरी के दुनिया घूमना कई लड़कियों का सपना होता है. एक अन्य व्यक्ति ने हिमानी की सफलता और चेहरे की खुशी की तारीफ करते हुए बताया कि वह भी कुछ ऐसी ही स्थिति से गुजर रहा है और अभी अपनी खुशी तलाशने की कोशिश कर रहा है.
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