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भारत में रहने वाले लोगों के लिए कुछ ही मिनटों में सामान घर मंगाना अब आम बात हो गई है. लोग अपना फोन उठाते हैं, ऐप खोलते हैं और कोई भी सामान ऑर्डर कर देते हैं. कुछ देर बाद सामान दरवाजे पर पहुंच जाता है. लेकिन विदेश से आई किसी महिला के लिए यह सर्विस कितनी हैरान करने वाली हो सकती है, इसका अंदाजा आप डोमिनिका के वीडियो से लगा सकते हैं.
पोलैंड की कंटेंट क्रिएटर डोमिनिका पातालास-कलरा ने इंस्टाग्राम पर अपना अनुभव शेयर किया. वह Blinkit पर कुछ देख रही थीं, तभी उन्हें फोटो प्रिंट कराने का ऑप्शन नजर आया. यह देखकर उनकी दिलचस्पी बढ़ गई. उन्होंने शायद सोचा भी नहीं था कि रोजमर्रा का सामान पहुंचाने वाला ऐप तस्वीरें छपवाने की सुविधा भी देगा.
डोमिनिका ने वीडियो में बताया कि Blinkit पर सिर्फ सामान ही नहीं मंगाया जा सकता. इसमें आप प्रिंटिंग से जुड़ी अपनी जरूरतें भी पूरी कर सकते हैं. इस सर्विस में डॉक्यूमेंट, पासपोर्ट साइज फोटो और सामान्य तस्वीरें प्रिंट कराने का ऑप्शन मौजूद है. डोमिनिका ने भी इस सुविधा को आजमाने का फैसला किया. उन्होंने अलग-अलग साइज की तीन तस्वीरें ऑर्डर कीं. उनके लिए यह जानना दिलचस्प था कि फोन में मौजूद तस्वीरों को प्रिंट कराने के लिए अब किसी फोटो स्टूडियो तक जाने की जरूरत नहीं पड़ रही थी.
डोमिनिका के अनुसार, ऐप पर तस्वीरें अलग-अलग फॉर्मेट में प्रिंट कराने के ऑप्शन मौजूद थे. इनमें बड़े आकार की फोटो, एल्बम साइज, चौकोर फोटो और पोलरॉइड स्टाइल के प्रिंट शामिल थे. उन्होंने अपनी पसंद के हिसाब से तस्वीरें चुनीं और ऑर्डर कर दिया. इसके बाद स्क्रीन पर डिलीवरी का अनुमानित समय करीब 21 मिनट दिखाई दिया. डोमिनिका के लिए यह बात भी कम हैरान करने वाली नहीं थी. आमतौर पर फोटो प्रिंट कराने के लिए लोगों को स्टूडियो जाना पड़ता है या फिर तस्वीरें तैयार होने का इंतजार करना पड़ता है. यहां तस्वीरें घर बैठे मंगाने का ऑप्शन था.
ऑर्डर मिलने के बाद डोमिनिका ने पैकेट खोला और एक-एक करके सभी तस्वीरें देखीं. उन्होंने बड़े प्रिंट, चौकोर साइज फोटो और पोलरॉइड स्टाइल वाली तस्वीरों को ध्यान से चेक किया. तस्वीरों की क्वालिटी देखकर वह काफी खुश नजर आईं. उन्होंने कहा कि प्रिंट बहुत अच्छे थे और नतीजा देखकर उन्हें हैरानी हुई. उनके लिए यह सिर्फ फोटो मंगाने का अनुभव नहीं था, बल्कि यह समझने का मौका भी था कि भारत में डिजिटल सेवाएं लोगों की छोटी-छोटी जरूरतों को किस तरह आसान बना रही हैं.
डोमिनिका ने बताया कि इन तस्वीरों के लिए उन्होंने करीब 100 रुपये खर्च किए. उनके लिए कीमत और घर तक डिलीवरी की सुविधा, दोनों ही खास थीं. भारत में रहने वाले कई लोग क्विक कॉमर्स ऐप्स के जरिए रोजमर्रा की चीजें मंगाते हैं. लेकिन किसी विदेशी कंटेंट क्रिएटर के नजरिए से देखें, तो इन ऐप्स पर मिलने वाली सुविधाएं एक अलग अनुभव हो सकती हैं. डोमिनिका ने भी अपने वीडियो में इसी बात पर जोर दिया कि भारत में तकनीक का इस्तेमाल लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाने के लिए किया जा रहा है.
डोमिनिका ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के कैप्शन में भारत में टेक्नोलॉजी और डिजिटल सर्विस की तारीफ की. उन्होंने बताया कि यहां मिलने वाली सुविधाएं उनके डेली रूटीन के काम आसान बना रही हैं. हालांकि, उन्होंने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि ऐसी सुविधाओं की वजह से वह और आलसी होती जा रही हैं. उनकी बात का मतलब साफ था. जिन कामों के लिए पहले घर से बाहर निकलना पड़ता था, वे अब फोन पर कुछ क्लिक करके पूरे हो सकते हैं. उनका यह अनुभव दिखाता है कि किसी दूसरे देश से आने वाले व्यक्ति के लिए भारत की डिजिटल सर्विस कितनी अलग और खास हो सकती है. यहां ऑनलाइन पेमेंट से लेकर घर पर सामान मंगाने तक कई कामों में मोबाइल ऐप्स की भूमिका लगातार बढ़ी है.
डोमिनिका का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इस सर्विस को लेकर अपनी राय रखी. कई यूजर्स ने कहा कि भारत में क्विक कॉमर्स की वजह से छोटे-छोटे काम भी काफी आसान हो गए हैं. एक यूजर ने लिखा कि भारत में टेक्नोलॉजी अपने चरम पर पहुंच गई है. वहीं, एक दूसरे यूजर ने बताया कि वह पिछले दो साल से इस सर्विस का इस्तेमाल कर रहे हैं और यह उनके लिए काफी मददगार साबित हुई है. एक अन्य यूजर ने मजाक में लिखा कि प्रिंटिंग की सुविधा तो पुरानी है, लेकिन एंबुलेंस की सुविधा नई है. यह कमेंट ऐप पर उपलब्ध अलग-अलग सर्विसेज को लेकर चल रही चर्चा का हिस्सा था.