सोशल मीडिया पर जब भी पड़ोसी देश पाकिस्तान से जुड़ा कोई ऐसा वीडियो सामने आता है, जिसमें रोजमर्रा की चीजों की कीमत दिखाई जाती है, तो लोगों की नजर तुरंत उस पर टिक जाती है. इस बार मामला सब्जियों का है. बहावलपुर की मंडी का बताया जा रहा यह वीडियो भी कुछ ऐसा ही है. कैमरा लेकर एक शख्स मंडी में घूमता है और वहां मौजूद दुकानदारों से सब्जियों के भाव पूछता जाता है.
दुकानदार जो कीमत बताते हैं, वही वीडियो में सुनाई देती है. वीडियो सामने आने के बाद भारतीय सोशल मीडिया यूजर्स के बीच भी इसकी चर्चा शुरू हो गई. कुछ लोग इन कीमतों की तुलना भारत के सब्जी बाजार से करने लगे, तो कुछ ने पाकिस्तान की आर्थिक हालत को लेकर सवाल उठाए. हालांकि, यहां एक जरूरी बात समझना भी जरूरी है कि वीडियो में बताए गए रेट किस वजन के हैं, यह पूरी तरह साफ नहीं है.
वायरल वीडियो में मंडी में मौजूद शख्स एक-एक करके सब्जियों के दाम पूछता नजर आता है. सबसे पहले जब बैंगन की कीमत पूछी जाती है तो दुकानदार 350 रुपये का भाव बताता है. इसके बाद बात दूसरी सब्जियों की ओर बढ़ती है. कद्दू के लिए 600 रुपये का रेट बताया जाता है. गाजर की कीमत भी 600 रुपये बताई जाती है. इसके बाद जब करेले का भाव पूछा जाता है तो उसका रेट भी 600 रुपये बताया जाता है. नींबू की कीमत 150 रुपये बताई जाती है. यानी वीडियो में दिखाई और सुनाई दे रही कीमतों में अलग-अलग सब्जियों के लिए अलग रेट बताए गए हैं. लेकिन इन सभी कीमतों के बीच जिस एक रेट ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा, वह मटर का है.
जब वीडियो में मटर की कीमत पूछी जाती है तो दुकानदार 2 हजार रुपये का भाव बताता है. बस यही हिस्सा सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा में आ गया. लोगों ने वीडियो को शेयर करते हुए तरह-तरह के कमेंट किए. कुछ यूजर्स ने सवाल किया कि अगर मटर जैसी आम तौर पर खाई जाने वाली सब्जी का भाव इतना ज्यादा है, तो आम परिवार इसे खरीदता कैसे होगा. कुछ लोगों ने पाकिस्तान की महंगाई और वहां की आर्थिक परेशानियों का जिक्र करते हुए कहा कि रोजमर्रा की चीजों की कीमत बढ़ने का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ता है. वहीं कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि अगर सब्जियों के इतने रेट हैं तो फिर पाकिस्तान में सोने और चांदी की कीमत क्या होगी.
वीडियो की सबसे दिलचस्प बात यही है कि इसमें बताए गए रेट सुनने के बाद एक सवाल खड़ा होता है कि आखिर ये कीमत किस वजन के लिए है? सोशल मीडिया पर वीडियो को लेकर चर्चा करने वाले कुछ यूजर्स ने इसी बात की ओर ध्यान दिलाया है. उनका कहना है कि पाकिस्तान में कुछ जगहों पर सब्जियों और दूसरी चीजों का भाव सिर्फ किलो के हिसाब से नहीं, बल्कि स्थानीय वजन की इकाइयों में भी बताया जाता है. इसी संदर्भ में 'धड़ी' का नाम सामने आ रहा है. यही वजह है कि वीडियो में दुकानदार अगर 350 रुपये या 600 रुपये कह रहा है तो उसे सीधे 350 या 600 रुपये प्रति किलो मान लेना जरूरी नहीं है. पहले यह समझना होगा कि दुकानदार किस वजन की यूनिट का इस्तेमाल कर रहा है.
'धड़ी' पाकिस्तान और आसपास के इलाकों में इस्तेमाल होने वाली एक पारंपरिक वजन इकाई के तौर पर जानी जाती है. कई जगह इसका वजन करीब 5 किलो के आसपास माना जाता है, हालांकि स्थानीय इस्तेमाल में इसका हिसाब जगह के हिसाब से अलग भी हो सकता है. इसका मतलब अगर किसी सब्जी का भाव 600 रुपये 'धड़ी' बताया जा रहा है और वहां एक धड़ी करीब 5 किलो की है, तो उसे सीधे 600 रुपये किलो कहना सही नहीं होगा. इसी तरह मटर के 2 हजार रुपये वाले रेट को भी समझने के लिए यह पता होना जरूरी है कि यह कीमत किस मात्रा के लिए बताई गई है. वायरल वीडियो में अगर दुकानदार ने किलो के बजाय किसी दूसरी वजन यूनिट में कीमत बताई है, तो सोशल मीडिया पर हो रही सीधी तुलना तस्वीर को काफी बदल सकती है.
वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने अपने-अपने तरीके से इसकी व्याख्या शुरू कर दी है. कुछ यूजर्स इसे पाकिस्तान में महंगाई की स्थिति से जोड़कर देख रहे हैं. वहीं कुछ लोगों का कहना है कि सिर्फ एक मंडी के वीडियो से पूरे पाकिस्तान के सब्जी बाजार की तस्वीर नहीं समझी जा सकती. यह बात भी ध्यान रखने वाली है कि सब्जियों के रेट मौसम, शहर, मंडी, सप्लाई और क्वालिटी के हिसाब से लगातार बदलते रहते हैं. किसी एक दिन या किसी एक मंडी में मिला भाव दूसरे इलाके में बिल्कुल अलग हो सकता है. इसलिए बहावलपुर के इस वायरल वीडियो को देखकर पूरे पाकिस्तान में सब्जियों के दाम तय कर देना ठीक नहीं होगा.
फिलहाल सोशल मीडिया पर बहावलपुर मंडी का यह वीडियो इसलिए चर्चा में है क्योंकि इसमें दुकानदारों से पूछे गए सब्जियों के भाव लोगों को काफी ज्यादा लग रहे हैं. बैंगन के 350 रुपये, कद्दू और गाजर के 600 रुपये, करेले के 600 रुपये, नींबू के 150 रुपये और मटर के 2 हजार रुपये बताए जाने ने लोगों का ध्यान खींचा है. लेकिन वीडियो को समझने में सबसे जरूरी सवाल वही है कि ये रेट किलो के हैं या धड़ी के? जब तक इस बात की साफ जानकारी नहीं मिलती, तब तक वीडियो में सुनाई दे रहे आंकड़ों को सीधे प्रति किलो का भाव मानना सही नहीं होगा. यही वजह है कि इस वायरल वीडियो को लेकर चर्चा करते समय सिर्फ कीमत नहीं, बल्कि वहां इस्तेमाल होने वाली वजन की यूनिट को भी समझना जरूरी है.