विदेश से किसी देश में पहुंचने के बाद एयरपोर्ट पर सबसे पहले जो चीज नजर आती है, उससे उस जगह की पहली तस्वीर बनती है. लेकिन पाकिस्तान पहुंचे एक यात्री के लिए यह अनुभव थोड़ा अलग रहा. प्लेन से उतरने के बाद जब उसने एयरपोर्ट के अंदर का नजारा देखा तो कैमरा निकाल लिया.
हांगकांग में रहने वाले मुहम्मद अवैस सुल्तान ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया. वीडियो में उन्होंने पाकिस्तान पहुंचने के बाद एयरपोर्ट और उसके आसपास दिखाई देने वाले कुछ नजारे रिकॉर्ड किए. इसके बाद वीडियो को उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया. देखते ही देखते यह क्लिप वायरल होने लगी.
वीडियो की शुरुआत प्लेन के अंदर से होती है. फ्लाइट लैंड कर चुकी है और यात्री बाहर निकलने की तैयारी में नजर आते हैं. कुछ लोग अपना सामान लेकर जल्दी-जल्दी आगे बढ़ते दिखाई देते हैं. इसके बाद कैमरा एयरपोर्ट के अंदर की तरफ जाता है. यहीं पहुंचकर वीडियो का वह हिस्सा सामने आता है, जिसने सबसे ज्यादा लोगों का ध्यान खींचा.
एयरपोर्ट के एक हिस्से में कई यात्री जमीन पर बैठे और लेटे हुए नजर आते हैं. कोई फर्श पर ही आराम कर रहा है तो कोई अपने सामान के साथ बैठा हुआ है. एक-दो नहीं, बल्कि अलग-अलग जगहों पर कई लोगों को इसी तरह बैठे या सोते देखा जा सकता है. कुछ लोग आपस में बातचीत करते भी दिखाई देते हैं. वीडियो देखकर ऐसा लगता है कि एयरपोर्ट के इस हिस्से में लोग काफी देर से बैठे हुए हैं और उन्हें फर्श पर बैठने या लेटने में कोई खास परेशानी नहीं है. यही नजारा देखकर वीडियो देखने वाले कई यूजर्स ने इसकी तुलना बस स्टैंड और दूसरे पब्लिक स्पेस से कर दी.
इस वीडियो में सबसे दिलचस्प बात यह है कि एयरपोर्ट का फर्श और आसपास का इलाका काफी साफ-सुथरा नजर आता है. इसका मतलब मामला गंदगी या टूटे-फूटे एयरपोर्ट का नहीं दिखता. लोगों की नजर जिस बात पर गई, वह यात्रियों का फर्श पर बैठना और सोना था. कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे पब्लिक प्लेस में व्यवहार और सिविक सेंस से जोड़ दिया. हालांकि, सिर्फ एक वीडियो देखकर यह तय करना मुश्किल है कि लोग वहां क्यों सो रहे थे. हो सकता है कि कुछ यात्रियों की फ्लाइट का इंतजार लंबा हो, या उन्हें आराम करने की जरूरत हो या एयरपोर्ट पर बैठने की पर्याप्त जगह न मिली हो. वीडियो में इसकी कोई साफ वजह नहीं बताई गई है.
वीडियो सिर्फ एयरपोर्ट के अंदर तक सीमित नहीं रहता. इसके बाद मुहम्मद अवैस सुल्तान बाहर के कुछ नजारे भी कैमरे में दिखाते हैं. सड़क पर गुजरती गाड़ियों के बीच एक ट्रक भी दिखाई देता है, जिस पर गाय और दूसरे जानवर नजर आ रहे हैं. यह सीन भी वीडियो देखने वालों के लिए चर्चा का हिस्सा बन गया. मतलब कुछ ही मिनट के वीडियो में एयरपोर्ट से लेकर सड़क तक ऐसे सीन दिखे, जिन्हें देखकर सोशल मीडिया यूजर्स ने अपनी-अपनी राय बनानी शुरू कर दी.
वीडियो वायरल होने के बाद लोगों के कमेंट भी काफी मजेदार रहे. कई यूजर्स ने फर्श पर सोते यात्रियों का वीडियो देखकर पूछा कि यह सच में एयरपोर्ट है या फिर कोई बस स्टैंड. एक और यूजर ने मजाक में लिखा कि पक्का एयरपोर्ट ही था ना, कहीं बस स्टॉप या रेलवे स्टेशन तो नहीं. एक दूसरे यूजर ने इसे पाकिस्तान बताते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी. किसी ने लिखा कि वीडियो देखकर ऐसा लग रहा है जैसे वह 1999 में पहुंच गया हो. वहीं, एक यूजर ने एयरपोर्ट के इस नजारे की तुलना अपने गांव के बस स्टैंड से तक कर दी.
मुहम्मद अवैस सुल्तान का यह वीडियो शेयर होने के बाद तेजी से लोगों तक पहुंचा. अभी भी इस क्लिप को बड़ी संख्या में व्यूज मिल रहे हैं और लोग कमेंट सेक्शन में पाकिस्तान के एयरपोर्ट और वहां के यात्रियों के व्यवहार पर चर्चा कर रहे हैं. हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि वीडियो में पाकिस्तान के किसी खास एयरपोर्ट का नाम साफ तौर पर नहीं बताया गया है. यह भी स्पष्ट नहीं है कि फर्श पर सो रहे लोग किन परिस्थितियों में वहां रुके हुए थे.
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो अक्सर किसी जगह की एक खास तस्वीर दिखाते हैं. इस मामले में भी यात्रियों के फर्श पर बैठे या सोते हुए कुछ सीन सामने आए हैं. इससे पूरे एयरपोर्ट या वहां आने वाले सभी यात्रियों के बारे में कोई सामान्य निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा. फिर भी वीडियो ने एक दिलचस्प सवाल जरूर खड़ा किया है. एयरपोर्ट जैसे पब्लिक स्पेस में यात्रियों से किस तरह के व्यवहार की उम्मीद की जाती है और यात्रियों को आराम करने के लिए कितनी सुविधाएं मिलनी चाहिए?
मुहम्मद अवैस सुल्तान ने शायद अपने सफर का एक अजीब अनुभव कैमरे में रिकॉर्ड करके शेयर किया था, लेकिन इंटरनेट पर आते ही यह वीडियो बहस का विषय बन गया. किसी को यात्रियों का फर्श पर सोना अजीब लगा तो किसी ने इसे सामान्य स्थिति बताया. फिलहाल वीडियो में दिख रहे नजारों को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा जारी है. एयरपोर्ट कितना साफ था, वहां यात्रियों के लिए क्या सुविधाएं थीं और लोग जमीन पर क्यों आराम कर रहे थे, इन सवालों के जवाब वीडियो में नहीं मिलते.
(Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर इंटरनेट पर मौजूद डिटेल्स को एकत्रित करके बनाई गई है. Zee News इसके प्रमाणिकता, दावों और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है.)