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सुबह चिकन पार्टी, दोपहर में खर्राटे: मुर्गियां खा-खाकर इतना मोटा हो गया बाज कि उड़ना ही भूल गया; डॉक्टरों ने बताई वजह

अमेरिका के वर्जीनिया में एक मादा बाज के साथ ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर आप हंस भी पड़ेंगे और हैरान भी होंगे. यह बाज एक घर के पास मुर्गियों का शिकार करके अपना पेट भर रही थी. हर रोज आसान शिकार मिलने और खाने के बाद पेड़ों पर सोते रहने की आदत ने उसका वजन इतना बढ़ा दिया कि वह उड़ने लायक ही नहीं बची.

Written By Santosh Kumar Mishra
Published: Nov 06, 2026, 07:55 AM IST | Updated: Nov 06, 2026, 08:19 AM IST
Image Credit: FB | मुर्गियां खाकर बढ़ाया इतना वजन कि उड़ना ही भूल गई बाज!
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आमतौर पर बाज को आसमान में तेजी से उड़ते और अपने शिकार पर नजर रखते देखा जाता है. उसकी नजर इतनी तेज होती है कि सैकड़ों फीट ऊंचाई से जमीन पर हलचल करते छोटे जानवर भी उससे बच नहीं पाते. लेकिन अमेरिका के वर्जीनिया में एक बाज की हालत कुछ ऐसी हो गई कि वह जमीन से ऊपर ही नहीं उठ पा रही थी.

यह मादा रेड-शोल्डर्ड हॉक थी. उसे एक घर के ड्राइववे यानी गाड़ी खड़ी करने वाली जगह पर जमीन पर बैठा पाया गया. खास बात यह थी कि जहां वह मिली, वहां से साउथवेस्ट वर्जीनिया वाइल्डलाइफ सेंटर करीब एक मील की दूरी पर था. बाज को तुरंत सेंटर ले जाया गया. वहां मौजूद टीम ने यह पता लगाने की कोशिश की कि आखिर एक स्वस्थ दिखने वाला पक्षी उड़ क्यों नहीं पा रहा है. जांच के बाद डॉक्टरों ने जो वजह बताई, वह सुनकर वहां सभी लोग हैरान रह गए.

पहले चोट और बीमारी की जांच की गई

वाइल्डलाइफ सेंटर के एक्सपर्ट्स ने सबसे पहले बाज की सामान्य जांच की. उन्होंने देखा कि कहीं उसकी हड्डी तो नहीं टूटी है, सिर पर चोट तो नहीं लगी या आंखों में कोई परेशानी तो नहीं है. इसके अलावा शरीर पर चोट के निशान, कमजोरी और लेड पॉइजनिंग जैसी समस्याओं की भी जांच की गई. टीम यह जानना चाहती थी कि कहीं किसी दूसरे पक्षी या जानवर से लड़ाई के दौरान उसे चोट तो नहीं आई. लेकिन जांच में ऐसी कोई परेशानी सामने नहीं आई. बाज की सेहत से जुड़ी बाकी चीजें भी सामान्य थीं. इसके बाद एक्सपर्ट्स के सामने सबसे बड़ा सवाल यही था कि जब उसे कोई चोट या बीमारी नहीं है तो फिर वह उड़ क्यों नहीं पा रही?

वजन देखकर खुला पूरा राज

जब टीम ने बाज का वजन किया तो उसकी परेशानी की वजह धीरे-धीरे सामने आने लगी. उसका वजन करीब 910 ग्राम था. एक्सपर्ट्स के अनुसार, उसके शरीर पर इतनी ज्यादा चर्बी जमा हो चुकी थी कि छाती की हड्डी तक महसूस करना मुश्किल हो रहा था. इसके बाद सेंटर ने मजाकिया अंदाज में उसकी हालत को 'उड़ने के लिए बहुत मोटी' बताया. यानी बाज को कोई चोट नहीं लगी थी और न ही वह किसी बीमारी से परेशान थी. असल दिक्कत उसका बढ़ा हुआ वजन था. लेकिन सवाल यह था कि जंगल में शिकार करने वाली इस बाज का वजन आखिर इतना बढ़ कैसे गया?

रोज मुर्गियों का आसान शिकार मिल रहा था

जांच के दौरान एक्सपर्ट्स को पता चला कि यह बाज आसपास खुले में घूमने वाली मुर्गियों को अपना शिकार बना रही थी. उसे खाने के लिए ज्यादा मेहनत भी नहीं करनी पड़ रही थी. सेंटर के अनुसार, आसपास के लोग सुबह अपनी मुर्गियों को खुले में छोड़ देते थे. बाज को वहां आसानी से शिकार मिल जाता था. वह एक मुर्गी पकड़कर खाती और फिर पास के पेड़ों पर जाकर आराम करने लगती. कुछ देर बाद जब दोबारा भूख लगती तो वह फिर शिकार के लिए निकल पड़ती. यही सिलसिला कई हफ्तों तक चलता रहा. आसान खाना, भरपेट भोजन और उसके बाद लंबी नींद. बाज की यही दिनचर्या उसके लिए परेशानी बन गई. धीरे-धीरे शरीर पर चर्बी जमा होती गई और एक समय ऐसा आया जब उसके लिए उड़ना भी मुश्किल हो गया.

सोशल मीडिया पर लोगों ने लिए मजे

वाइल्डलाइफ सेंटर ने जब इस पूरे मामले की जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर की तो लोगों को यकीन ही नहीं हुआ. बाज के उड़ नहीं पाने की वजह जानकर कई यूजर्स हंसने लगे. एक यूजर ने लिखा कि 'मोटी' होना भी किसी पक्षी की बीमारी का कारण बन सकता है, यह जानकर उसे हैरानी हुई. दूसरे यूजर ने मजाक में पूछा कि आखिर किसी जंगली बाज को डाइट पर कैसे रखा जाएगा? कुछ लोगों ने अपने अनुभव भी शेयर किए. एक यूजर ने बताया कि उसके घर में खुले में घूमने वाली मुर्गियों को भी शिकारी पक्षी एक-एक करके उठा ले जाते थे. इसके बाद उन्होंने मुर्गियों के लिए जाली वाला बड़ा और आसानी से एक जगह से दूसरी जगह ले जाने वाला बाड़ा तैयार करवाया. एक अन्य यूजर ने सुझाव दिया कि मुर्गियों के झुंड में काली मुर्गियां रखने से शिकारी पक्षी उन्हें कौआ या रैवन समझ सकते हैं.

हंसने वाली बात के पीछे छिपा था बड़ा खतरा

पहली नजर में यह पूरा मामला मजेदार लग सकता है. लेकिन वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट्स के लिए बाज की हालत चिंता की बात थी. जंगल में किसी शिकारी पक्षी के लिए उड़ना सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह जाने का तरीका नहीं होता, बल्कि उसकी सुरक्षा के लिए भी बेहद जरूरी है. अगर बाज जमीन पर ही पड़ी रहती तो वह किसी बड़े शिकारी जानवर का आसान शिकार बन सकती थी. वह न तो तेजी से उड़कर खतरे से बच पाती और न ही सामान्य तरीके से अपना बचाव कर पाती. इसका मतलब जिस आसान खाने की वजह से उसका वजन बढ़ा, वही आदत उसकी जान के लिए खतरा बन सकती थी.

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About the Author

संतोष मिश्रा जी न्यूज में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. वह पिछले 4.5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं. ट्रैवल, फीचर, ऑफबीट, ट्रेंडिंग और वायरल खबरों के साथ-साथ टेक और साइंस से जुड़ी खबरों में भी उनकी विशेष विशेषज्ञता है. उनकी खबरें अपनी विश्वसनीयता और सटीक जानकारी के लिए जानी जाती हैं. आसान और सहज भाषा में लिखे गए उनके कंटेंट को पाठक काफी पसंद करते हैं. सोशल मीडिया की दुनिया (Instagram, X, Reddit, Threads और Facebook) पर उनकी अच्छी पकड़ है. वह ट्रेंडिंग विषयों पर लगातार नजर रखते हैं और फ्रेश व यूनिक खबरें पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं. संतोष मिश्रा इससे पहले News Nation और India Ahead जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम कर चुके हैं. उन्होंने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) किया है.
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