अपने घर से दूसरी जगह जाने का फैसला करना जितना आसान लगता है, असल में सामान समेटना उतना ही मुश्किल होता है. अलमारी से लेकर सोफा, बेड और किचन के बर्तनों तक, हर चीज पैक करनी पड़ती है. फिर नए घर में पहुंचकर वही सामान खोलने और जमाने का काम शुरू हो जाता है. अगर आपको लगता है कि यह काम आसान है, तो रेंटेड रूम में रहने वाले किसी परिवार से जाकर पूछिए कि घर खाली करना कितना मुश्किल काम होता है. खास तौर पर तब, जब व्यक्ति काफी समय से एक जगह रह रहा हो.
लेकिन जरा सोचिए, अगर आपको अपना घर ही दूसरी जगह ले जाने का मौका मिल जाए, तो कैसा रहेगा? सुनने में यह किसी फिल्म का सीन लग सकता है, लेकिन न्यूजीलैंड में कुछ मकानों को सचमुच एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया जाता है. सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में ऐसा ही नजारा देखने को मिला है.
न्यूजीलैंड में रहने वाली भारतीय महिला आंचल ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट @aanchal_in_newzealand पर यह वीडियो शेयर किया है. इसमें एक बड़ा सा मकान ट्रक पर रखा नजर आता है. ट्रक सड़क से गुजर रहा है और उसके ऊपर रखा घर लोगों का ध्यान खींच रहा है. आंचल वीडियो में बताती हैं कि आमतौर पर लोग घर बदलते समय अपना सामान लेकर जाते हैं, लेकिन यहां कुछ लोग पूरा घर ही दूसरी जगह ले जाते हैं. यही बात इस वीडियो को खास बनाती है. सड़क पर चलते ट्रक के ऊपर रखा मकान देखकर पहली बार में किसी को भी हैरानी हो सकती है.
दरअसल, कुछ मकानों को खास तकनीक की मदद से उनकी पुरानी जगह से हटाकर दूसरी जमीन पर पहुंचाया जा सकता है. इसके लिए मकान को पहले उसकी नींव से सावधानी से अलग किया जाता है. फिर भारी मशीनों और खास उपकरणों की मदद से उसे उठाकर बड़े ट्रक या विशेष ट्रेलर पर रखा जाता है. इसके बाद मकान को तय रास्ते से नई जगह तक ले जाया जाता है. वहां पहले से तैयार नींव पर उसे उतारकर दोबारा रख दिया जाता है. फिर जरूरत के हिसाब से बिजली, पानी और दूसरी सुविधाओं के कनेक्शन जोड़े जाते हैं. हालांकि, यह काम किसी आम सामान को ट्रक पर लादने जितना आसान नहीं है. मकान की बनावट, उसका वजन, उसकी मजबूती और रास्ते में आने वाली बाधाओं को ध्यान में रखना पड़ता है. इसके लिए एक्सपर्ट की मदद और जरूरी मंजूरी भी लेनी पड़ सकती है.
वीडियो देखकर ऐसा लग सकता है कि न्यूजीलैंड में किसी भी घर को उठाकर कहीं भी पहुंचाया जा सकता है, लेकिन ऐसा नहीं है. मकान को दूसरी जगह ले जाना उसकी बनावट और स्थिति पर निर्भर करता है. लकड़ी से बने मकानों को इस तरह शिफ्ट करना आसान हो सकता है. वहीं, भारी कंक्रीट वाले मकानों को उठाना और ले जाना काफी मुश्किल होता है. इसके अलावा बिजली के तार, सड़क की चौड़ाई, पुलों की ऊंचाई और रास्ते में मौजूद दूसरी चीजों का भी ध्यान रखना पड़ता है. मतलब, मकान को शिफ्ट करने से पहले पूरी प्लानिंग बनानी पड़ती है. यह ऐसा काम नहीं है कि क्रेन मंगाई और घर उठाकर चल दिए.
भारत में आमतौर पर घर बदलने का मतलब होता है कि पुराने घर का सामान समेटकर नए घर में पहुंचा दिया जाए. इसके लिए लोग पैकर्स की मदद लेते हैं या फिर किराए का ट्रक बुलाते हैं. मकान अपनी जगह पर ही रहता है और लोग नया घर तलाशते हैं. ऐसे में सड़क पर पूरा मकान ट्रक के ऊपर रखा देखकर हैरानी होना स्वाभाविक है. आंचल ने भी इसी अंतर को अपने वीडियो के जरिए दिखाया है. उनके वीडियो का अंदाज ऐसा है कि देखने वाला आसानी से समझ सकता है कि दूसरे देश में घर बदलने का तरीका कितना अलग हो सकता है. हालांकि, न्यूजीलैंड में भी हर व्यक्ति अपना मकान इस तरह शिफ्ट नहीं करता. यह एक खास प्रक्रिया है, जिसका इस्तेमाल जरूरत और परिस्थितियों के हिसाब से किया जाता है.
किसी मकान को हटाने की जरूरत पड़ने पर उसे तोड़ना हमेशा एकमात्र ऑप्शन नहीं होता. अगर उसकी बनावट और हालत ठीक है, तो कुछ मामलों में उसे दूसरी जगह ले जाना भी संभव हो सकता है. इससे मकान में इस्तेमाल हुई लकड़ी और दूसरी निर्माण सामग्री का दोबारा उपयोग किया जा सकता है. हालांकि, घर को उठाने, ट्रांसपोर्ट करने और नई जगह ले जाने में भी काफी खर्च आता है. इसलिए यह तरीका हर मामले में सस्ता या आसान हो, ऐसा जरूरी नहीं है.
आंचल के वीडियो में सड़क पर ट्रक के ऊपर रखा मकान ही लोगों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण है. आमतौर पर सड़क पर कार, बस या ट्रक दिखाई देते हैं, लेकिन जब ट्रक पर पूरा घर नजर आए, तो लोग उसे देखकर रुकना चाहेंगे. इस वीडियो की खास बात यही है कि यह रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी एक ऐसी व्यवस्था दिखाता है, जिसके बारे में भारत में रहने वाले बहुत से लोगों ने शायद ही सोचा हो. यहां घर बदलने का मतलब अक्सर सामान की पैकिंग होता है, जबकि कुछ परिस्थितियों में न्यूजीलैंड में मकान को भी दूसरी जगह पहुंचाना संभव है.
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