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'भारत गरीब नहीं था, उसे कंगाल बनाया गया था!' न्यूयॉर्क की आर्टिस्ट ने दिखाया अंग्रेजों की लूट का आईना, Video देख भारतीय गदगद

न्यूयॉर्क की टैटू आर्टिस्ट जेमा फेरर इन दिनों जयपुर की गलियों और भारत की संस्कृति को करीब से समझने की कोशिश कर रही हैं. राजस्थान की पिंक सिटी से शेयर किए गए उनके वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. जेमा ने भारत की विरासत, योग, आयुर्वेद, टेक्सटाइल और इतिहास की तारीफ करते हुए कहा कि दुनिया में भारत की तस्वीर को अक्सर एकतरफा तरीके से पेश किया गया है.

'भारत गरीब नहीं था, उसे कंगाल बनाया गया था!' न्यूयॉर्क की आर्टिस्ट ने दिखाया अंग्रेजों की लूट का आईना, Video देख भारतीय गदगद
Image Credit: न्यूयॉर्क की आर्टिस्ट का वायरल वीडियो जीत रहा भारतीयों का दिल!

भारत घूमने आईं न्यूयॉर्क की टैटू आर्टिस्ट जेमा फेरर के लिए जयपुर की यात्रा सिर्फ एक टूरिस्ट ट्रिप बनकर नहीं रह गई. शहर की पुरानी इमारतें, रंग-बिरंगे बाजार, कारीगरी और यहां की संस्कृति ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि उन्होंने अपने अनुभव सोशल मीडिया पर शेयर करना शुरू कर दिया.

जेमा की इंस्टाग्राम प्रोफाइल के मुताबिक, वह इससे पहले मुंबई और दिल्ली भी घूम चुकी हैं. लेकिन जयपुर पहुंचने के बाद उन्होंने भारत को लेकर अपने विचारों को और खुलकर सामने रखा. उनके वीडियो में भारत की कला, इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को लेकर काफी उत्साह दिखाई देता है. उन्होंने कहा कि भारत को समझने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि इस देश को सिर्फ गरीबी, भीड़ और गंदगी की तस्वीरों से नहीं देखा जा सकता. उनके मुताबिक, भारत की कहानी इससे कहीं ज्यादा बड़ी और गहरी है.

'भारत को हमेशा गरीबी से क्यों जोड़ा गया?'

जेमा ने अपने एक वायरल वीडियो में भारत को लेकर पश्चिमी देशों में बनी आम धारणा पर सवाल उठाया. उनका कहना था कि विदेशी फिल्मों और पॉप कल्चर में भारत को कई बार गरीबी, भीड़भाड़ और अव्यवस्था वाले देश के तौर पर दिखाया जाता रहा है. उनके मुताबिक, भारत आने के बाद उन्हें इस तस्वीर के पीछे छूट गई दूसरी कहानी दिखाई दी. उन्होंने भारत की पुरानी कला, कपड़ों, आध्यात्मिक परंपराओं और लोक संस्कृति का जिक्र करते हुए कहा कि देश की पहचान सिर्फ उसकी मौजूदा समस्याओं से नहीं की जा सकती. जेमा ने खास तौर पर योग, आयुर्वेद और मेडिटेशन का उदाहरण दिया. उनका कहना था कि आज ये चीजें दुनिया के कई हिस्सों में बड़े कमर्शियल सेक्टर का हिस्सा बन चुकी हैं, लेकिन इनके भारतीय मूल और उनसे जुड़ी परंपराओं को उतना क्रेडिट नहीं मिलता, जितना मिलना चाहिए.

 

 

'भारत कभी गरीब था ही नहीं'

जेमा ने भारत के इतिहास और ब्रिटिश शासन के दौर को लेकर भी अपनी राय रखी. उन्होंने दावा किया कि भारत के पास कभी मजबूत आर्थिक और कारीगरी की परंपरा थी और यहां बनने वाले कपड़ों की दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में मांग थी. उन्होंने सूती कपड़े, मलमल और रेशम का जिक्र करते हुए कहा कि औपनिवेशिक दौर की नीतियों ने भारतीय कारीगरों और बुनकरों को नुकसान पहुंचाया. उनके मुताबिक, ब्रिटिश शासन के दौरान व्यापार से जुड़े फैसलों का असर भारत की पारंपरिक इंडस्ट्री पर पड़ा और बड़ी संख्या में कारीगर आर्थिक मुश्किलों में पहुंचे. इतिहासकारों के बीच भी भारत की अर्थव्यवस्था और ब्रिटिश शासन के आर्थिक प्रभाव को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है. हालांकि, जेमा ने अपने वीडियो में इस पूरे इतिहास को काफी भावनात्मक अंदाज में पेश किया और कहा कि भारत को उसकी वास्तविक क्षमता के हिसाब से दुनिया के सामने नहीं रखा गया.

 

 

योग और आयुर्वेद से लेकर टेक्सटाइल तक का जिक्र

जेमा की बातों में भारत की सांस्कृतिक विरासत सबसे बड़ा हिस्सा रही. उन्होंने कहा कि दुनिया आज योग, मेडिटेशन और आयुर्वेद जैसी चीजों को तेजी से अपना रही है. भारत में ये परंपराएं सदियों से जीवनशैली का हिस्सा रही हैं. उन्होंने टेक्सटाइल इंडस्ट्री का भी जिक्र किया. भारत की मलमल, सूती और रेशमी कपड़ों की पुरानी परंपरा को लेकर उन्होंने कहा कि भारतीय कारीगरों की कला दुनिया में अपनी अलग पहचान रखती थी. यही वजह है कि जेमा अब भारत की इन कहानियों को अपनी कला के जरिए लोगों तक पहुंचाना चाहती हैं. उनका कहना है कि वह भारत से जुड़ी उन कहानियों को दिखाना चाहती हैं, जो आमतौर पर ग्लोबल मीडिया की तस्वीरों में दिखाई नहीं देतीं.

 

 

गांधी और अहिंसा का भी किया जिक्र

जेमा ने भारत की आजादी की लड़ाई का जिक्र करते हुए महात्मा गांधी और अहिंसा के रास्ते की भी बात की. उनका कहना था कि भारत ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष में हिंसा के बजाय अहिंसा और जनआंदोलन को एक बड़ी ताकत के तौर पर इस्तेमाल किया. उन्होंने इसे दुनिया के इतिहास की एक खास मिसाल बताया. उनके मुताबिक, भारत की आजादी की कहानी सिर्फ राजनीतिक बदलाव की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस सोच की भी कहानी है, जिसमें बिना बड़े हथियारों के एक विशाल जनआंदोलन खड़ा किया गया. हालांकि, भारत की आजादी की लड़ाई में कई अलग-अलग विचारधाराओं, नेताओं और आंदोलनों की भूमिका थी. जेमा ने अपने वीडियो में खास तौर पर गांधी और अहिंसा के पक्ष को सामने रखा.

 

 

भारतीयों ने कहा- ऐसी बातें दुनिया तक पहुंचनी चाहिए

जेमा के वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भारतीय यूजर्स ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. कई लोगों ने कहा कि उन्हें खुशी है कि एक विदेशी टूरिस्ट भारत को सिर्फ एक आम टूरिस्ट डेस्टिनेशन की तरह देखने के बजाय उसकी संस्कृति और इतिहास को समझने की कोशिश कर रही हैं. एक यूजर ने लिखा कि भारत ऐसा देश नहीं है, जिसे सिर्फ घूमकर देखा जाए, बल्कि इसे महसूस करने की जरूरत है. एक दूसरे यूजर ने कहा कि जब कोई विदेशी व्यक्ति भारत की विरासत की तारीफ करता है तो उसकी बात ज्यादा लोगों तक पहुंचती है. कुछ लोगों ने जेमा की बातों से सहमति जताई, जबकि कुछ यूजर्स ने उनके ऐतिहासिक दावों पर अलग-अलग राय भी रखी. खास तौर पर ब्रिटिश शासन और भारत की अर्थव्यवस्था से जुड़े आंकड़ों को लेकर सोशल मीडिया पर बहस देखने को मिली.

जेमा ने कहा- भारत की कहानी आगे भी सुनाऊंगी

जेमा के लिए जयपुर की यात्रा अब सिर्फ घूमने तक सीमित नहीं दिख रही. उनके वीडियो में जिस तरह भारत की कला और संस्कृति को लेकर उत्साह नजर आ रहा है, उससे साफ है कि इस यात्रा ने उन पर गहरा असर डाला है. उन्होंने कहा कि वह अपनी कला के जरिए भारत से जुड़ी कहानियों को दुनिया के सामने लाना चाहती हैं. उनके लिए भारत सिर्फ एक खूबसूरत जगह नहीं, बल्कि हजारों साल पुरानी परंपराओं, अलग-अलग संस्कृतियों और अनगिनत कहानियों वाला देश है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उनके वीडियो ने एक बार फिर यह बहस शुरू कर दी है कि किसी देश की पहचान को सिर्फ उसकी कमियों से देखना कितना सही है. भारत में गरीबी, भीड़ और दूसरी समस्याएं अपनी जगह हैं, लेकिन उसके साथ मौजूद इतिहास, कला, संस्कृति और विरासत भी उतनी ही बड़ी कहानी का हिस्सा हैं.

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About the Author

Santosh Kumar Mishra

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संतोष मिश्रा जी न्यूज में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. वह पिछले 4.5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं. ट्रैवल, फीचर, ऑफबीट, ट्रेंडिंग और वायरल खबरों के साथ-साथ टेक और साइंस से जुड़ी खबरों में भी उनकी विशेष विशेषज्ञता है. उनकी खबरें अपनी विश्वसनीयता और सटीक जानकारी के लिए जानी जाती हैं. आसान और सहज भाषा में लिखे गए उनके कंटेंट को पाठक काफी पसंद करते हैं. सोशल मीडिया की दुनिया (Instagram, X, Reddit, Threads और Facebook) पर उनकी अच्छी पकड़ है. वह ट्रेंडिंग विषयों पर लगातार नजर रखते हैं और फ्रेश व यूनिक खबरें पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं. संतोष मिश्रा इससे पहले News Nation और India Ahead जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम कर चुके हैं. उन्होंने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) किया है.
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