नागपुर के खरबी इलाके में किराए के एक कमरे से नकली नोट मिलने के बाद पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है. इस मामले में पुष्पक कृष्ण भंडारकर उर्फ बेंडाने का नाम सामने आया है. वह नागपुर के त्रिमूर्ति नगर का रहने वाला बताया जा रहा है. पुलिस ने बताया कि पुष्पक ने करीब डेढ़ साल पहले यह कमरा किराए पर लिया था. उसका रेंट एग्रीमेंट जनवरी में खत्म हो गया था.
इसके बाद उसने कथित तौर पर कई महीनों तक किराया नहीं दिया. मकान मालिक रमेश ने जब उससे कमरा खाली करने को कहा, तो विवाद बढ़ गया. आरोप है कि पुष्पक ने उन्हें चाकू दिखाकर धमकाया था. इसके बाद मकान मालिक ने वाठोडा पुलिस स्टेशन में शिकायत की थी. उस समय पुलिस ने गैर-संज्ञेय (Non-Cognizable) शिकायत दर्ज की थी.
कमरे में रहने वाला शख्स लंबे समय से नजर नहीं आ रहा था. मकान मालिक को भी यह समझ नहीं आ रहा था कि आखिर वह कहां चला गया है. किराया पहले से बकाया था और कमरे के अंदर क्या रखा है, इसकी भी उसे जानकारी नहीं थी. अंत में तंग आ कर शनिवार को रमेश ने हथौड़े की मदद से कमरे का ताला तोड़ दिया. वह अंदर पहुंचा, तो वहां का नजारा देखकर चौंक गया. कमरे में एक बाल्टी के अंदर नोटों की गड्डियां रखी थीं. आसपास कागज बिखरे हुए थे और एक प्रिंटर भी लगा था. शुरुआत में ही मामला सामान्य किराएदार के सामान से जुड़ा नहीं लगा. रमेश ने बिना देर किए पुलिस को इसकी जानकारी दी.
सूचना मिलते ही वाठोडा पुलिस की टीम मौके पर पहुंची. कमरे की तलाशी के दौरान पुलिस को 500 रुपये के नकली नोटों की कई गड्डियां मिलीं. वहां नोट छापने के लिए इस्तेमाल होने वाला प्रिंटर और दूसरा सामान भी रखा था. बरामद नोटों की गिनती और शुरुआती जांच के लिए नोट गिनने वाली मशीन मंगाई गई. पुलिस की शुरुआती जांच में करीब 37 लाख रुपये के नकली नोट छापे जाने की बात सामने आई. मामला सिर्फ तैयार नोटों तक सीमित नहीं था. कमरे में कुछ ऐसे नोट भी मिले, जिन पर एक तरफ छपाई हुई थी, जबकि दूसरी तरफ का हिस्सा खाली था. इसके अलावा कमरे से छपाई में इस्तेमाल होने वाला सामान भी बरामद हुआ. पुलिस के मुताबिक, तैयार नकली नोटों, अधे छपे नोटों और दूसरे सामान की कुल कीमत करीब 48 लाख रुपये तक बताई गई है.
कमरे से प्रिंटर और बड़ी संख्या में नकली नोट मिलने के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर यह काम कब से चल रहा था. जांच में यह भी देखा जा रहा है कि नोट छापने के लिए सामान कहां से लाया गया था और क्या इस काम में कोई दूसरा व्यक्ति भी शामिल था. फिलहाल, अभी तक मिली जानकारी से यह साफ नहीं है कि आरोपी ने कितने समय तक नकली नोट छापे या उनमें से कितने नोट बाजार में चलाए गए. पुलिस बरामद सामग्री की जांच कर रही है. इन सवालों के जवाब जांच आगे बढ़ने के बाद ही सामने आ सकेंगे.
पुलिस ने बताया कि पुष्पक की तलाश शुरू की गई, तो जानकारी मिली कि वह मुंबई में है. उसे पकड़ने के लिए पुलिस की एक टीम भेजने की तैयारी की जा रही है. आरोपी फिलहाल फरार बताया जा रहा है. पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है. नकली नोटों की बरामदगी के साथ यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस कथित काम के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं है. हालांकि, मामले में आरोपी की गिरफ्तारी और बरामद नोटों की फॉरेंसिक जांच के बाद ही कई अहम बातें स्पष्ट हो पाएंगी.