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न दुकान का किराया, न कोई टेंशन: बाइक पर ही खोल दिया चलता-फिरता पंचर सेंटर; कमाई जान उड़ जाएंगे होश

क्या आपको भी लगता है कि कोई बिजनेस शुरू करने के लिए बड़ी दुकान और भारी-भरकम इन्वेस्टमेंट की जरूरत होती है. अगर हां, तो आप इस खबर को पढ़कर हैरान हो सकते हैं. क्योंकि मंगलुरु के एक शख्स ने बाइक पर ही पंचर बनाने का पूरा सेटअप तैयार कर लिया है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में वह बता रहा है कि कैसे सड़क पर गाड़ियों के टायर ठीक करता है और दिन में 30 पंचर तक बना लेता है.

Written By Santosh Kumar Mishra
Published: Oct 20, 2026, 07:54 AM IST | Updated: Oct 20, 2026, 08:08 AM IST
Image Credit: @kaashseakash | शख्स ने बाइक पर खोल दी पंचर की दुकान!
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आमतौर पर आपने सड़क के किनारे पंचर की दुकान तो जरूर ही देखी होगी. लोग एक कमरे में बैठकर पंचर लगाते हैं और टायर चेंज करते हैं. इसमें सबसे ज्यादा मुश्किल तब होती है, जब रास्ते में कहीं भी आपकी गाड़ी पंचर हो जाए, तो आपको पंचर की दुकान तक जाना होता है. लेकिन क्या हो, अगर पंचर की दुकान ही आपके पास तक पहुंच जाए. अब आपको यह मजाक लग रहा होगा, लेकिन ऐसा मंगलुरु के एक शख्स ने कर दिखाया है.

मंगलुरु से सामने आए एक वीडियो में ऐसा ही अनोखा तरीका देखने को मिल रहा है. इसमें एक शख्स ने अपनी बाइक को ही चलता-फिरता पंचर रिपेयरिंग सेंटर बना दिया है. बाइक पर पंचर ठीक करने के लिए जरूरी सामान रखा गया है. वह अलग-अलग जगहों पर जाकर लोगों की गाड़ियों के टायर ठीक करता है. इस काम की सबसे खास बात यह है कि ग्राहक को हर बार पंचर की दुकान खोजने या गाड़ी को धक्का देकर वहां तक ले जाने की जरूरत नहीं पड़ती. जरूरत पड़ने पर एक कॉल से मौके पर ही सर्विस मिल सकती है.

सिर्फ मशीनों पर खर्च किए 60 हजार रुपये

सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में जब शख्स से इस काम में लगने वाले पैसे के बारे में पूछा गया, तो उसने बताया कि पंचर रिपेयरिंग का सेटअप तैयार करने में करीब 60 हजार रुपये खर्च हुए हैं. हालांकि, इसमें बाइक की कीमत शामिल नहीं है. इसका मतलब है कि इस बिजनेस में शुरुआती खर्च का बड़ा हिस्सा बाइक पर लगे सामान पर है. इसके अलावा रोजमर्रा के खर्च, मशीनों की देखभाल और दूसरे जरूरी सामान पर भी पैसे लग सकते हैं. फिर भी इस मॉडल की खासियत यह है कि इसमें अलग से दुकान किराये पर लेने और उसे तैयार कराने की जरूरत नहीं पड़ती. बाइक पर ही सामान के साथ ग्राहक तक पहुंचा जा सकता है.

एक पंचर के 200 रुपये, 30 काम मिले तो छह हजार

वीडियो में शख्स ने अपनी कमाई का हिसाब भी बताया. उसके मुताबिक, वह एक पंचर ठीक करने के लिए 200 रुपये लेता है. अगर एक दिन में 30 पंचर बनाने का काम मिल जाए, तो कुल कमाई छह हजार रुपये तक पहुंच सकती है. हालांकि, इसे रोज की पक्की कमाई नहीं माना जा सकता. किसी दिन ज्यादा ग्राहक मिल सकते हैं, तो किसी दिन काम कम भी हो सकता है. इसके अलावा पेट्रोल, उपकरणों की मरम्मत और दूसरे खर्च निकालने के बाद ही असली मुनाफे का पता चलेगा. फिर भी यह आंकड़ा लोगों का ध्यान खींच रहा है. इसकी वजह है कम जगह में शुरू होने वाला ऐसा काम, जिसमें ग्राहक के पास जाकर सर्विस देने की सुविधा मिलती है.

 

 

सुबह छह बजे से रात 11 बजे तक काम

वीडियो में शख्स बताता है कि वह सुबह करीब छह बजे काम शुरू करता है और रात 11 बजे तक लोगों को सर्विस देता है. यानी उसका कामकाजी दिन काफी लंबा होता है. ऐसे बिजनेस में केवल गैजेट होना ही काफी नहीं है. सड़क पर अलग-अलग जगहों पर पहुंचना, ग्राहकों की जरूरत समझना और समय पर काम पूरा करना भी जरूरी है. बाइक पर सामान रखने का इंतजाम ऐसा होना चाहिए कि चलते समय उपकरण सुरक्षित रहें. साथ ही, सड़क किनारे पंचर बनाते समय ट्रैफिक और अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना भी अहम है.

QR कोड से लेता है डिजिटल पेमेंट

इस सेटअप में एक और चीज वीडियो बनाने वाले को खास लगी. बाइक पर डिजिटल पेमेंट के लिए QR कोड भी लगाया गया है. इससे ग्राहक के पास नकद पैसे न होने पर भी ऑनलाइन पेमेंट कर सकते हैं. आजकल छोटे कारोबार में डिजिटल पेमेंट आम होता जा रहा है. ऐसे में सड़क पर सर्विस देने वाले लोगों के लिए भी यह सुविधा काम की हो सकती है. ग्राहक को मौके पर काम मिल जाए और भुगतान का तरीका भी आसान हो, तो इस तरह के बिजनेस को चलाने में मदद मिल सकती है.

दूसरे शहरों में भी शुरू हो सकता है ऐसा काम

वीडियो शेयर करने वाले व्यक्ति ने इस बिजनेस मॉडल को दूसरे शहरों तक ले जाने की बात भी कही है. पोस्ट में एनसीआर, बेंगलुरु, मुंबई, हैदराबाद और जयपुर जैसे शहरों में इसे शुरू करने के इच्छुक लोगों से संपर्क करने की अपील की गई है. हालांकि, किसी दूसरे शहर में इस मॉडल को शुरू करने से पहले वहां की मांग, ग्राहकों की संख्या, सर्विस की कीमत और रोजाना आने वाले खर्च का हिसाब लगाना जरूरी होगा. हर इलाके में पंचर बनाने की मांग एक जैसी नहीं होती.

कम खर्च वाला आइडिया, लेकिन मेहनत कम नहीं

इस वायरल वीडियो की कहानी उन लोगों का ध्यान खींच रही है, जो अपना छोटा बिजनेस शुरू करना चाहते हैं. इसमें दुकान की जगह बाइक को काम का ठिकाना बनाया गया है और ग्राहक तक पहुंचने की सुविधा भी मिलती है. लेकिन लंबे समय तक सड़क पर काम करना आसान नहीं है. सुबह से रात तक मेहनत, सही जगह पर ग्राहकों की खोज और उपकरणों को संभालना इस काम का हिस्सा है. फिलहाल मंगलुरु के इस शख्स का बाइक पर पंचर बनाने वाला सेटअप सोशल मीडिया पर चर्चा में है. इसका सबसे बड़ा सबक यही है कि बिजनेस का आइडिया कई बार रोजमर्रा की जरूरत से निकल सकता है.

(Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर इंटरनेट पर मौजूद डिटेल्स को एकत्रित करके बनाई गई है. Zee News इसके प्रमाणिकता, दावों और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है.)

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About the Author

संतोष मिश्रा जी न्यूज में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. वह पिछले 4.5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं. ट्रैवल, फीचर, ऑफबीट, ट्रेंडिंग और वायरल खबरों के साथ-साथ टेक और साइंस से जुड़ी खबरों में भी उनकी विशेष विशेषज्ञता है. उनकी खबरें अपनी विश्वसनीयता और सटीक जानकारी के लिए जानी जाती हैं. आसान और सहज भाषा में लिखे गए उनके कंटेंट को पाठक काफी पसंद करते हैं. सोशल मीडिया की दुनिया (Instagram, X, Reddit, Threads और Facebook) पर उनकी अच्छी पकड़ है. वह ट्रेंडिंग विषयों पर लगातार नजर रखते हैं और फ्रेश व यूनिक खबरें पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं. संतोष मिश्रा इससे पहले News Nation और India Ahead जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम कर चुके हैं. उन्होंने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) किया है.
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