कई लोगों को हर रोज एक ही समय पर उठना, काम पर जाना और फिर घर लौटकर वही दिनचर्या दोहराना बोरिंग लगता है. इटली की फैशन डिजाइनर ईवा भी पहले कुछ ऐसा ही सोचती थीं. उन्हें एक तय रूटीन में बंधकर रहना पसंद नहीं था. लेकिन भारत आने और जयपुर में रहने के बाद उनकी सोच बदल गई.
ईवा ने इंस्टाग्राम पर अपनी जिंदगी की एक झलक दिखाते हुए बताया कि यहां उनकी सुबह से रात तक की दिनचर्या लगभग एक जैसी रहती है. इसके बावजूद उन्हें अपनी जिंदगी में कुछ कमी महसूस नहीं होती. उल्टा, वह इस रूटीन को एंजॉय कर रही हैं. उनके मुताबिक, जयपुर में रहकर उन्होंने अपनी पसंद की जिंदगी बनाई है और यही बात उनके लिए सबसे खास है.
ईवा सोशल मीडिया पर 'लुनाटेरिया' नाम से जानी जाती हैं. उनके कपड़ों के ब्रांड का नाम 'टेरेया' है. उन्होंने साल 2024 में जयपुर में फैशन और नेचुरल रंगाई की पढ़ाई के दौरान इस ब्रांड की शुरुआत की थी. ईवा के लिए यह सिर्फ कपड़े बनाने का काम नहीं था. वह भारत में रहना चाहती थीं और इसके लिए उन्होंने अपनी बचत का इस्तेमाल करके अपना काम शुरू करने का फैसला किया. अपने पहले कलेक्शन के लिए उन्होंने कपड़ों की दुकानों और थोक बाजारों के चक्कर लगाए. उन्हें अपनी पसंद के कपड़े और जरूरी सामान जुटाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ी.
ईवा ने अपने ब्रांड की शुरुआत के दिनों के बारे में बताया कि उन्होंने अपना पहला कलेक्शन तैयार किया और उसे बेचने की कोशिश की. उनकी मेहनत रंग लाई और कपड़ों को अच्छा रिस्पॉन्स मिला. उन्होंने बताया कि उनका बनाया हुआ कलेक्शन बिक गया. इस कामयाबी ने उन्हें आगे बढ़ने का हौसला दिया. ईवा के अनुसार, उस गर्मी में उन्हें अपना खर्च चलाने के लिए वेट्रेस का काम करने या अंगूरों की कटाई जैसे दूसरे काम करने की जरूरत नहीं पड़ी. उनके लिए यह अनुभव इसलिए भी खास था, क्योंकि वह अपने चुने हुए काम से कमाई कर पा रही थीं.
ईवा ने अपने वीडियो में जयपुर में बिताए एक दिन की झलक दिखाई. उनका दिन सुबह करीब सात बजे शुरू होता है. उठने के बाद वह नाश्ता करती हैं और फिर हिंदी सीखने के लिए समय निकालती हैं. वीडियो के अनुसार, वह सुबह के समय हिंदी की पढ़ाई करती हैं और इसके बाद अपने काम में जुट जाती हैं. एक दिन के वीडियो में वह दोपहर करीब दो बजे बाइक से काम के लिए निकलती भी नजर आईं. उनके दिन में पढ़ाई, फैशन डिजाइनिंग और अपने ब्रांड से जुड़े काम शामिल रहते हैं. शाम को घर लौटने के बाद वह पूजा करती हैं, खाना खाती हैं और फिर आराम करने की तैयारी करती हैं.
ईवा ने अपनी जिंदगी को लेकर एक दिलचस्प बात भी शेयर की. उन्होंने बताया कि बाहर से देखने पर उनकी जिंदगी काफी व्यवस्थित और खुशहाल लग सकती है, लेकिन इस रूटीन को अपनाना उनके लिए हमेशा आसान नहीं था. उन्होंने वीडियो में कहा कि वह पिछले दो दिनों से रो भी रही थीं. इसकी वजह यह थी कि वह एक तरफ कोर्स करना चाहती थीं, वहीं दूसरी तरफ मन में इसे लेकर हिचकिचाहट भी थी. यानी अपनी पसंद की जिंदगी बनाने के फैसले के साथ उनके मन में भी कई तरह के सवाल थे. फिर भी उन्होंने अपने फैसले पर आगे बढ़ने का चुना. उनकी यह बात दिखाती है कि नई जगह पर रहना और अपने सपनों के लिए काम करना हमेशा आसान नहीं होता. कई बार खुशी के साथ घबराहट और असमंजस भी चलता है.
ईवा ने भारत और इटली में अपनी रोजमर्रा की जिंदगी के अंतर के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा कि इटली में सुबह आठ बजे उठना भी कई बार मुश्किल लगता था, जबकि भारत में उनके लिए सुबह साढ़े पांच बजे उठना भी आसान हो जाता है. उन्होंने यह भी कहा कि इटली में काम कई बार सिर्फ काम जैसा महसूस होता है, लेकिन भारत में उन्हें अपनी जिंदगी और काम के बीच एक अलग तरह का जुड़ाव महसूस होता है. कपड़ें, खूबसूरती और आसपास के माहौल के बीच उन्हें यहां की जिंदगी किसी सपने जैसी लगती है. ईवा के लिए यह बदलाव सिर्फ जगह बदलने तक सीमित नहीं है. वह अब अपनी रोजमर्रा की जिंदगी को भी अलग नजर से देख रही हैं. जिस रूटीन से कभी वह बचना चाहती थीं, अब उसी में उन्हें सुकून मिलता है.
ईवा के वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स ने भी खूब प्यार लुटाया. लोगों को उनका पढ़ाई और काम के बीच तालमेल बैठाना पसंद आया. एक यूजर ने लिखा कि यह बहुत प्रेरणा देने वाला है. दूसरे ने कहा कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती. वहीं, एक अन्य यूजर ने उनके वीडियो को पहले दिन का सबसे प्यारा व्लॉग बताया. कई लोगों ने ईवा के फैसले और अपने सपनों के लिए मेहनत करने के उनके तरीके की तारीफ की. हालांकि, हर किसी की जिंदगी और परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन ईवा की कहानी उन लोगों को जरूर प्रेरित कर सकती है जो अपनी पसंद का काम शुरू करना चाहते हैं.
ईवा ने अपनी पोस्ट में लिखा कि जयपुर में उनकी रोजमर्रा की जिंदगी उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं लगती. वह पढ़ाई करती हैं, काम करती हैं, घर लौटती हैं और अपनी दिनचर्या पूरी करती हैं. बाहर से यह एक सामान्य रूटीन है, लेकिन उनके लिए इसकी अहमियत अलग है, क्योंकि उन्होंने इसे खुद चुना है. उनकी कहानी का खास पहलू यही है कि जिंदगी में खुशी हमेशा बड़े बदलावों से ही नहीं आती. कभी-कभी अपनी पसंद का काम करना, कुछ नया सीखना और अपनी शर्तों पर दिन बिताना भी काफी होता है. ईवा के लिए जयपुर अब सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि उस जिंदगी का हिस्सा है जिसे वह धीरे-धीरे अपने तरीके से बना रही हैं.
(Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर इंटरनेट पर मौजूद डिटेल्स को एकत्रित करके बनाई गई है. Zee News इसके प्रमाणिकता, दावों और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है.)