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ऑफिस की नौकरी में सुबह से शाम तक मीटिंग, ईमेल, टारगेट और डेडलाइन के बीच फिटनेस के लिए समय निकालना कई लोगों के लिए मुश्किल होता है. कंपनियां कर्मचारियों को हेल्थ इंश्योरेंस, जिम मेंबरशिप या फिटनेस प्रोग्राम जैसी सुविधाएं जरूर देती हैं. लेकिन दक्षिण कोरिया में काम कर रही एक भारतीय महिला ने ऐसा ऑफिस कल्चर दिखाया है, जहां फिटनेस को सीधे इनाम से जोड़ दिया गया है.
मानसी अरोड़ा ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर बताया कि दक्षिण कोरिया में काम करने के दौरान उन्हें कंपनी के इस खास फिटनेस चैलेंज के बारे में पता चला. इसमें कर्मचारियों को एक तय समय तक रेगुलर एक्सरसाइज करनी होती है. खास बात यह है कि सिर्फ एक्सरसाइज करने का दावा काफी नहीं है, उसका सबूत भी देना होता है.
मानसी के मुताबिक, कंपनी कर्मचारियों को करीब दो महीने का फिटनेस चैलेंज देती है. इसमें हिस्सा लेने वाले कर्मचारियों को डेली रूटीन के तौर पर वर्कआउट करना होता है. यानी एक-दो दिन जिम जाकर फिर गायब हो जाने से बात नहीं बनने वाली. इस चैलेंज का मकसद कर्मचारियों को अपनी हेल्थ और फिटनेस पर ध्यान देने के लिए मोटिवेट करना बताया गया है. ऑफिस के काम के साथ एक्सरसाइज को रोज की आदत बनाने की कोशिश की जाती है.
अब इस पूरे चैलेंज की सबसे अलग बात सामने आती है. कर्मचारियों को अपने वर्कआउट की जानकारी टीम लीडर या मैनेजर के साथ शेयर करनी होती है. इसके लिए फोटो या वीडियो भी भेजे जाते हैं. इसका मतलब कर्मचारी सिर्फ यह नहीं कह सकता कि आज उसने जिम कर लिया. उसे यह दिखाना भी होगा कि वह वास्तव में वर्कआउट कर रहा है. सोशल मीडिया पर मानसी ने इसी हिस्से को अपने फॉलोअर्स के साथ शेयर किया, जिसके बाद लोगों की दिलचस्पी इस ऑफिस कल्चर में बढ़ गई.
फिटनेस चैलेंज की मेहनत के बाद मिलने वाला इनाम इस कहानी को और दिलचस्प बना देता है. मानसी ने अपने वीडियो में बताया कि चैलेंज पूरा करने वाले कर्मचारियों को कंपनी की तरफ से लग्जरी फैशन ब्रांड के गिफ्ट दिए जाते हैं. वीडियो में Gucci, Chanel और Prada जैसे ब्रांड्स का जिक्र भी किया गया है. ऐसे में फिटनेस चैलेंज सिर्फ हेल्थ से जुड़ा मामला नहीं रह जाता, बल्कि कर्मचारियों के लिए एक मोटिवेशन भी बन जाता है. सोचिए, डेली जिम जाने और अपना वर्कआउट रिकॉर्ड करने के बाद अगर इनाम में कोई लग्जरी ब्रांड का गिफ्ट मिले तो कई लोगों के लिए यह एक्सरसाइज शुरू करने की अच्छी वजह हो सकती है.
मानसी ने वीडियो में इस पूरे अनुभव को अपने नजरिए से शेयर किया. उनके मुताबिक, दक्षिण कोरिया में जॉब शुरू करने के बाद इस तरह के ऑफिस कल्चर को देखना उनके लिए काफी अलग था. जहां कई जगह कर्मचारी फिटनेस के लिए खुद समय निकालते हैं, वहीं यहां कंपनी की तरफ से इसे एक चैलेंज की तरह रखा गया. इससे कर्मचारियों को अपने रूटीन में एक्सरसाइज शामिल करने का एक अलग तरह का मोटिवेशन मिलता है. हालांकि, सोशल मीडिया पर शेयर की गई जानकारी मानसी के अनुभव पर आधारित है. इससे यह जरूरी नहीं कि दक्षिण कोरिया की हर कंपनी में इसी तरह का फिटनेस चैलेंज चलता हो.
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने इस ऑफिस कल्चर पर खूब प्रतिक्रिया दी. कई लोगों को फिटनेस के बदले लग्जरी गिफ्ट देने का आइडिया पसंद आया. कुछ यूजर्स ने मजाक में कहा कि अगर ऐसी सुविधा नौकरी में मिले तो वे भी दक्षिण कोरिया में काम करने के बारे में सोच सकते हैं. एक यूजर ने लिखा कि काश भारत में भी कंपनियां ऐसा कुछ शुरू करें. वहीं कुछ लोगों ने कहा कि कर्मचारियों को सिर्फ ज्यादा काम देने के बजाय उनकी हेल्थ और पर्सनल लाइफ पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए.
मानसी की पोस्ट के बाद कुछ यूजर्स ने भारतीय ऑफिस कल्चर का भी जिक्र किया. लोगों ने कहा कि यहां कई कर्मचारियों के लिए ऑफिस के लंबे घंटे और काम का दबाव इतना ज्यादा होता है कि एक्सरसाइज और पर्सनल टाइम के लिए अलग से समय निकालना मुश्किल हो जाता है. हालांकि, हर कंपनी और हर नौकरी का माहौल एक जैसा नहीं होता. कई भारतीय कंपनियां भी कर्मचारियों के लिए जिम, हेल्थ प्रोग्राम, स्पोर्ट्स एक्टिविटी और वेलनेस से जुड़े कार्यक्रम चलाती हैं. फर्क सिर्फ इतना है कि हर जगह इनका तरीका अलग हो सकता है.
किसी कर्मचारी को फिट रहने के लिए सिर्फ सलाह देना और उसे किसी चैलेंज में शामिल करना, दोनों का असर अलग हो सकता है. जब उसके साथ कोई टारगेट और इनाम जुड़ जाए तो वह व्यक्ति ज्यादा नियमित रहने की कोशिश कर सकता है. यही वजह है कि मानसी की शेयर की गई कहानी लोगों को दिलचस्प लग रही है. यहां ऑफिस की तरफ से कर्मचारियों की फिटनेस को सिर्फ एक हेल्थ टॉपिक की तरह नहीं, बल्कि मोटिवेशन और टीम एक्टिविटी की तरह पेश किया गया है.
मानसी के वीडियो में सबसे ज्यादा चर्चा Prada, Gucci और Chanel जैसे नामों की हो रही है, लेकिन इस कहानी का दूसरा पहलू भी है. ऑफिस में काम करने वाले लोगों की हेल्थ पर ध्यान देना अब कई कंपनियों के लिए जरूरी होता जा रहा है. हर कर्मचारी के लिए लग्जरी गिफ्ट जरूरी नहीं है. कई लोगों के लिए बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस, समय पर छुट्टी, हेल्थ सुविधा या एक्सरसाइज के लिए समय भी उतना ही महत्वपूर्ण हो सकता है.