बारिश में साइकिल फिसली, चोट लगी और हैंडल टेढ़ा हो गया: जापान में दुकानदार ने बिना पैसे लिए कर दी मदद; भारतीय महिला ने ऐसे कहा शुक्रिया
जापान में रहने वाली एक भारतीय महिला के साथ बारिश में साइकिल चलाते वक्त छोटा सा हादसा हुआ. कंधे पर चोट लगी और साइकिल का हैंडल भी टेढ़ा हो गया. मरम्मत कराने पहुंची तो वह पैसे देने के लिए तैयार थी, क्योंकि जापान में छोटी सर्विस भी महंगी पड़ सकती है. लेकिन दुकानदार ने पहले साइकिल नहीं, उसकी चोट देखी और बिना कोई पैसा लिए हैंडल ठीक कर दिया.
कभी-कभी किसी अनजान शहर में एक छोटी सी घटना पूरे दिन का मूड बदल देती है. जापान में रहने वाली सोनम मिड्ढा के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. वह बारिश के दौरान साइकिल से काम पर जा रही थीं. सड़क गीली थी और इसी दौरान उनकी साइकिल अचानक फिसल गई.
सोनम सड़क पर गिर गईं. हादसा बहुत बड़ा नहीं था, लेकिन इस दौरान उनके कंधे पर चोट लग गई. इस दौरान उनकी साइकिल का हैंडल भी टेढ़ा हो गया. काम की जगह पहुंचने के बाद उन्हें फर्स्ट एड दिया गया, लेकिन साइकिल को ठीक कराना जरूरी था.
लंच ब्रेक में पहुंचीं साइकिल शॉप
फर्स्ट एड लेने के बाद सोनम ने लंच ब्रेक में पास की एक साइकिल रिपेयर शॉप ढूंढी. उनके दिमाग में उस वक्त एक और बात भी चल रही थी. उन्हें पहले से पता था कि जापान में साइकिल की छोटी-मोटी सर्विस के लिए भी ठीक-ठाक पैसे देने पड़ सकते हैं. उन्होंने बताया कि एक बार सिर्फ साइकिल की सीट की ऊंचाई एडजस्ट कराने के लिए उन्हें करीब 500 येन देने पड़े थे. इसलिए इस बार हैंडल ठीक कराने के लिए भी वह पैसे देने के लिए पूरी तरह तैयार थीं. लेकिन दुकान पर पहुंचते ही कहानी कुछ और हो गई.
दुकानदार ने पहले चोट देखी
सोनम के मुताबिक, दुकान के मालिक ने उनकी साइकिल को देखने से पहले उनकी तरफ देखा. उसने यह जानने की कोशिश की कि सोनम ठीक हैं या नहीं. चोट लगी होने की बात देखकर उसका ध्यान साइकिल से ज्यादा महिला की हालत पर चला गया. इसके बाद दुकानदार ने साइकिल का टेढ़ा हुआ हैंडल ठीक कर दिया. काम पूरा होने के बाद सोनम ने सामान्य तरीके से पूछा, 'इकुरा देसु का?' यानी जापानी भाषा में, 'कितने पैसे हुए?' सामने से जो जवाब मिला, उसने सोनम को हैरान कर दिया.
'नो प्राइस' सुनकर रह गईं हैरान
दुकानदार ने मुस्कुराते हुए कहा, 'नो प्राइस.' यानी इस काम के लिए कोई पैसा नहीं देना है. सोनम के लिए यह बात इसलिए भी खास थी क्योंकि जब वह दुकान पर जा रही थीं, तो उनको पता था कि वहां पैसे देने होंगे और वह इसके लिए पूरी तरह तैयार थीं. लेकिन दुकानदार ने उनसे कोई चार्ज नहीं लिया. इतना ही नहीं, उसने बारिश में साइकिल चलाते समय ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह भी दी. उसने गीली सड़क पर साइकिल फिसलने के खतरे को समझाया और आगे सुरक्षित तरीके से साइकिल चलाने के कुछ प्रैक्टिकल टिप्स भी दिए.
मदद छोटी थी, असर बड़ा हुआ
सोनम ने अपने वीडियो में बताया कि दुकानदार का यह व्यवहार उन्हें अंदर तक छू गया. उनके लिए बात सिर्फ कुछ पैसे बच जाने की नहीं थी. एक ऐसे देश में, जहां वह खुद बाहर से आकर रह रही हैं, किसी अनजान व्यक्ति का इस तरह उनकी चोट की चिंता करना उन्हें खास लगा. कई बार किसी मुश्किल वक्त में बहुत बड़ी मदद की जरूरत नहीं होती. कोई बस यह पूछ ले कि 'आप ठीक हैं?' तो भी काफी होता है. सोनम के लिए उस दिन दुकानदार का व्यवहार कुछ ऐसा ही था.
भारतीय खाने से किया शुक्रिया
सोनम ने दुकानदार को धन्यवाद कहने के लिए एक अलग तरीका चुना. उन्होंने पास के एक इंडियन रेस्टोरेंट का रुख किया और वहां से दुकानदार के लिए गरमा-गरम खाना खरीदकर ले आईं. वह उस व्यक्ति को उसके किए की कीमत पैसों में नहीं देना चाहती थीं. इसलिए उन्होंने अपनी तरफ से खाना देकर शुक्रिया अदा किया. यह छोटा सा जेस्चर सोनम के वीडियो का सबसे प्यारा हिस्सा बन गया. एक तरफ दुकानदार ने बिना पैसे लिए उनकी साइकिल ठीक की, तो दूसरी तरफ सोनम ने भारतीय खाना खिलाकर अपनी कृतज्ञता जताई.
सोनम ने शेयर किया पूरा अनुभव
सोनम मिड्ढा ने इस पूरे अनुभव का वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया. उन्होंने बताया कि कैसे एक मामूली साइकिल एक्सीडेंट के बाद उन्हें एक अनजान स्थानीय दुकानदार से ऐसी मदद मिली, जिसकी उन्होंने उम्मीद नहीं की थी. वीडियो में उनकी बातों से साफ महसूस होता है कि वह घटना उनके लिए सिर्फ साइकिल ठीक होने तक सीमित नहीं रही. जिस समय वह खुद चोट और साइकिल की परेशानी से जूझ रही थीं, उस समय किसी का बिना स्वार्थ मदद करना उन्हें याद रह गया.
सोशल मीडिया पर लोगों ने की तारीफ
सोनम की कहानी सोशल मीडिया पर पहुंची तो लोगों ने उनके अनुभव की जमकर तारीफ की. कई यूजर्स ने दुकानदार के व्यवहार को दिल छू लेने वाला बताया. कुछ लोगों ने सोनम की भी तारीफ की कि उन्होंने मदद मिलने के बाद उसे सिर्फ अपने तक नहीं रखा, बल्कि अपनी कहानी शेयर करके उस अच्छे अनुभव को आगे पहुंचाया. एक यूजर ने लिखा कि उसे सोनम पर गर्व है और दूसरे देश के लोगों तक भारत की सकारात्मक छवि पहुंचाने के लिए उनका शुक्रिया. एक अन्य यूजर ने कहा कि यह कहानी सुनकर उसकी आंखों में आंसू आ गए और उसे दूसरे देशों के लोगों की इंसानियत देखकर अच्छा लगा. एक कमेंट में कहा गया कि दोनों देशों में अच्छी मेजबानी और मदद करने वाले लोग मौजूद हैं.
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