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चीन के फुजियान प्रांत के झांगपिंग शहर में खौफनाक नजारा देखने को मिला, जहां एक 3 साल की छोटी सी बच्ची घर की खिड़की की ग्रिल से बाहर लटक गई थी. गनीमत ये रही कि वक्त रहते पड़ोसियों की नजर उस पर पड़ गई और उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना उस मासूम की जिंदगी बचा ली.
यह पूरी घटना 17 अक्टूबर की सुबह लगभग 7 बजकर 48 मिनट की है. चीन के फुजियान प्रांत के झांगपिंग इलाके में एक रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स बना हुआ है. रोज की तरह उस सुबह भी सब कुछ नॉर्मल चल रहा था लेकिन कोई नहीं जानता था कि कुछ ही पलों में एक बहुत बड़ा हादसा होने वाला है. एक तीन साल की छोटी सी बच्ची अपने घर के अंदर अकेली थी. उसके पिता काम पर गए हुए थे और उसकी मां उसे घर में सोता हुआ छोड़कर पास की ही मार्केट से सब्जी और जरूरी सामान लेने के लिए बाहर गई हुई थी. मां को लगा कि बच्ची सो रही है तो कुछ देर में लौट आएगी लेकिन तभी घर में एक ऐसा खेल शुरू हुआ जो बहुत खतरनाक साबित हो सकता था.
सोकर उठने के बाद बच्ची घर के अंदर खेलने लगी. खेलते-खेलते वह खिड़की के पास पहुंच गई. उस अपार्टमेंट की खिड़की पर सेफ्टी ग्रिल लगी हुई थी. बच्चों की आदत होती है कि वे हर चीज में झांकने की कोशिश करते हैं. उस मासूम ने भी खिड़की की ग्रिल से बाहर देखने की कोशिश की और उसका सिर उन लोहे की सलाखों के बीच में फंस गया. जब उसने खुद को निकालने की कोशिश की तो उसका शरीर बाहर की तरफ आ गया और सिर ग्रिल में ही अटक गया. इस तरह वह जमीन से करीब 12 मंजिल ऊपर हवा में लटक गई. उसके दोनों हाथ ग्रिल को मजबूती से पकड़े हुए थे और अगर उसका एक भी हाथ छूट जाता तो बहुत बड़ा अनर्थ हो जाता.
इतनी ऊंचाई पर एक छोटे से बच्चे को इस तरह हवा में झूलते हुए देख नीचे से गुजर रहे एक पड़ोसी की नजर उस पर पड़ गई. उस शख्स के पैरों तले जमीन खिसक गई. उसने बिना एक सेकंड गंवाए तुरंत एक्शन लिया. उसने तुरंत उस बच्ची की फोटो खींची और सोसाइटी के व्हाट्सएप या रेजिडेंशियल ग्रुप चैट में भेज दी ताकि बाकी लोग भी तुरंत मदद के लिए आ सकें. फ्लैट के अंदर परिवार का कोई भी सदस्य मौजूद नहीं था इसलिए दरवाजा अंदर से बंद था. ऐसे में सिक्योरिटी गार्ड और प्रॉपर्टी मैनेजमेंट के लोग दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे और सोचने लगे कि अब इस जानलेवा स्थिति से कैसे निपटा जाए.
बच्ची को बचाने के लिए लोगों ने तुरंत दिमाग लगाया. वे तुरंत उस अपार्टमेंट के ठीक नीचे वाले यानी 11वीं मंजिल के फ्लैट में गए. उस फ्लैट की खिड़की से दो मददगार लोग बाहर झुके. उन्होंने एक लंबा स्टूल यानी कुर्सी उठाई और बच्ची के ठीक नीचे हवा में पकड़ ली. उनका मकसद सिर्फ यह था कि अगर बच्ची का हाथ ग्रिल से छूटे भी, तो वह सीधे नीचे ना गिरे बल्कि उस स्टूल पर आ जाए. वे दोनों लगातार अपनी पूरी ताकत से उस स्टूल को ऊपर की तरफ थामे रहे ताकि बच्ची को थोड़ा सा सपोर्ट मिल सके और गिरने का खतरा कम हो जाए.
नीचे वाले फ्लैट से भले ही बच्ची तक हाथ पहुंचाना मुश्किल था क्योंकि वह काफी ऊपर थी लेकिन उन लोगों ने हिम्मत नहीं हारी. वे लगातार स्टूल थामे खड़े रहे और इंतजार करते रहे कि कब प्रोफेशनल मदद पहुंचे. कुछ ही देर में एमरजेंसी रेस्क्यू टीम यानी फायर फाइटर क्रू वहां पहुंच गया. उन्होंने बिना समय गंवाए बच्ची के फ्लैट का दरवाजा तोड़ दिया और अंदर दाखिल हुए. अंदर जाकर उन्होंने बड़ी सावधानी से बच्ची को उस ग्रिल से बाहर निकाला और उसकी जान बचाई.
इसके बाद तुरंत उसे मेडिकल चेकअप के लिए अस्पताल ले जाया गया. हालांकि उसकी सेहत को लेकर ज्यादा डिटेल सामने नहीं आई है लेकिन इतना तय है कि समय पर सबकी सूझबूझ से एक मासूम की जिंदगी बच गई.