ऑनलाइन शॉपिंग में ग्राहक सामान ऑर्डर करने के बाद डिलीवरी का इंतजार करते हैं. लेकिन अगर पार्सल पहुंचाने वाला ही सामान गायब करने लगे, तो कंपनी और ग्राहक, दोनों को नुकसान उठाना पड़ सकता है. गुजरात में सामने आया यह मामला कुछ ऐसा ही है.
पुलिस के अनुसार, भावनगर लोकल क्राइम ब्रांच (LCB) को सूचना मिली थी कि एक युवक बिना बिल और जरूरी कागजों के मोबाइल फोन और दूसरे सामान बेचने की कोशिश कर रहा है. वह गंगाजलिया झील के किनारे मोतीबाग रोड के पास मौजूद था. सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची. वहां रुत्विक मकवाणा उर्फ कोली नाम का युवक मिला. पुलिस ने जब उससे सामान के बिल और मालिकाना हक से जुड़े कागज मांगे, तो वह उन्हें नहीं दिखा पाया. इसके बाद पुलिस ने सामान को संदिग्ध मानते हुए जब्त कर लिया और युवक को गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस के अनुसार, 26 साल का आरोपी रुत्विक मकवाणा सूरत में फ्लिपकार्ट के लिए डिलीवरी एजेंट के तौर पर काम करता था. पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर करीब 15 दिन पहले पार्सल गायब करने की बात स्वीकार की. पुलिस का आरोप है कि वह ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए दिए गए डिलीवरी बैग में से महंगे सामान निकाल लेता था. इसके बाद पार्सल की डिलीवरी करने या सामान कंपनी को वापस लौटाने के बजाय उसे अपने पास रख लेता था. पुलिस ने बताया कि वह इसी तरह सामान लेकर गायब हो जाता था. हालांकि, इस मामले में जांच अभी जारी है और आरोपों से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया पूरी होनी बाकी है.
पुलिस ने आरोपी के पास से कुल 4,60,512 रुपये कीमत का सामान बरामद किया है. इसमें अलग-अलग कंपनियों के 13 मोबाइल फोन शामिल हैं. इसके अलावा ब्लूटूथ डिवाइस, स्मार्टवॉच, कलाई घड़ियां, परफ्यूम, कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक सामान भी मिला है. बरामद मोबाइल फोन में गूगल पिक्सल, सैमसंग, वीवो, मोटोरोला, पोको और दूसरी कंपनियों के फोन शामिल हैं. इनमें गूगल पिक्सल 10A की कीमत करीब 47 हजार रुपये और सैमसंग गैलेक्सी S25 FE की कीमत करीब 53 हजार रुपये तक बताई गई है. इसके अलावा सैमसंग गैलेक्सी A36 5G के दो फोन, लावा के दो फोन और वीवो V70 FE के दो फोन भी बरामद किए गए हैं. बरामद सामान में वीवो T5 प्रो 5G भी शामिल है, जिसकी कीमत करीब 45 हजार रुपये बताई गई है.
पुलिस की बरामदगी में सिर्फ महंगे फोन ही नहीं, बल्कि कई दूसरी चीजें भी शामिल हैं. इनमें फायर-बोल्ट की स्मार्टवॉच और टाइटन समेत कई ब्रांड की कलाई घड़ियां मिली हैं. इसके अलावा वनप्लस, वीवो और दूसरे ब्रांड के ब्लूटूथ डिवाइस भी बरामद किए गए हैं. परफ्यूम और बॉडी स्प्रे के साथ फेसवॉश, मॉइस्चराइजर और साबुन जैसी चीजें भी मिलीं. बरामद सामान में कोलगेट मैक्स फ्रेश टूथपेस्ट और बोरोप्लस के आठ साबुन भी शामिल हैं. यानी पार्सल में रखे जाने वाले महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान से लेकर रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली छोटी चीजें तक पुलिस को मिली हैं. यही वजह है कि बरामदगी की सूची में अलग-अलग तरह के सामान का जिक्र है.
इस मामले में एक और दिलचस्प बात यह है कि पुलिस को कपड़े और दूसरी निजी इस्तेमाल की चीजें भी बरामदगी में मिली हैं. इनमें पांच जोड़ी जींस, चार टी-शर्ट, एक शर्ट और रात में पहनने वाली पैंट शामिल हैं. इसके अलावा एक बेल्ट, नाइट लैंप, कार की पॉलिश का जेल, मोबाइल चार्जर और केबल भी मिले हैं. पुलिस ने एप्पल एयरपॉड्स का एक सेट भी बरामद किया है, जिसकी कीमत करीब 22 हजार रुपये बताई गई है. सामान में आईफोन 17 प्रो मैक्स का बैक कवर, एक पावर बैंक और चांदी के रंग का ब्रेसलेट भी शामिल है.
पुलिस के अनुसार, यह मामला सूरत के सरोली पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 306 के तहत दर्ज है. भावनगर LCB ने आरोपी को पकड़ने के बाद उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए गंगाजलिया पुलिस स्टेशन को सौंप दिया है. अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि बरामद सामान किन पार्सलों से जुड़ा है और इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है. साथ ही, सामान के स्रोत और ग्राहकों तक पार्सल पहुंचाने की प्रक्रिया से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है.
ऑनलाइन खरीदारी के दौरान ग्राहक को उम्मीद रहती है कि ऑर्डर किया गया सामान सही-सलामत उसके घर पहुंचेगा. डिलीवरी प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी से ग्राहक के साथ-साथ कंपनी को भी परेशानी होती है. भावनगर में सामने आए इस मामले में पुलिस ने लाखों रुपये का सामान बरामद किया है. अब जांच के दौरान यह साफ होगा कि कितने पार्सल गायब किए गए थे और बरामद सामान का किन ऑर्डर से संबंध है. फिलहाल, आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस आगे की जांच में जुटी है.