बॉस को बताया घर पर हूं, पर जनाब तो सिंगापुर में थे... वर्क फ्रॉम होम के नाम पर स्कैम, कंपनी ने नौकरी से निकाला
वर्क फ्रॉम होम के नाम पर सिंगापुर से काम कर रहे एक कर्मचारी को कंपनी ने नौकरी से निकाल दिया. जानिए कैसे लैपटॉप की लोकेशन से इस पूरे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ और कोर्ट का क्या फैसला आया.
क्या आपने कभी सोचा है कि घर के बिस्तर पर लेटकर या ऑफिस को बिना बताए किसी दूसरे देश से काम करने का ख्याल कितना खतरनाक साबित हो सकता है. आज की जनरेशन फ्लेक्सिबल जॉब और रिमोट कल्चर को बहुत पसंद करती है. लोग चाहते हैं कि बॉस की नजरों से दूर रहकर अपनी मर्जी से काम करें. लेकिन क्या हो अगर आपकी जरा सी चालाकी आपके करियर को हमेशा के लिए डुबो दे. आज हम आपको एक ऐसे ही मजेदार और हैरान कर देने वाले मामले के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां एक कर्मचारी ने घर से काम करने का नाटक किया, लेकिन उसका लैपटॉप उसकी पोल खोल दिया.
रिमोट जॉब ने दुनिया भर के कर्मचारियों को घर बैठे काम करने की आजादी दी है. बहुत से लोग इस सुविधा का आनंद लेते हैं और अपने काम को समय पर पूरा करते हैं. लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो सिस्टम का फायदा उठाकर बड़ा खेल खेलने की कोशिश करते हैं. सिडनी की एक कंपनी में काम करने वाले चार्ल्स ग्राहम के साथ कुछ ऐसा ही हुआ. चार्ल्स एक करेंसी डीलर थे और उन्होंने अपनी कंपनी से कहा कि वे घर से काम कर रहे हैं, लेकिन असल में वे सिंगापुर में बैठकर छुट्टियों का मजा ले रहे थे.
लैपटॉप की लोकेशन को ट्रैक
चार्ल्स की इस चालाकी का खुलासा तब हुआ जब कंपनी को उन पर शक हुआ. वे सिंगापुर में छुट्टियां मना रहे थे और काम के नाम पर सिर्फ कंपनी के लैपटॉप का इस्तेमाल कर रहे थे. कंपनी ने जब उनके लैपटॉप की लोकेशन को ट्रैक किया तो पता चला कि वे सिडनी वाले घर पर नहीं बल्कि सिंगापुर के किसी होटल में आराम फरमा रहे हैं. जब कंपनी ने उनसे इस बारे में सवाल किया तो उन्होंने अजीबोगरीब बहाने बनाने शुरू कर दिए. कभी उन्होंने पार्टनर की तबियत खराब होने का रोना रोया तो कभी कहा कि वे ईमेल के बोझ तले दबे हुए थे इसलिए समय पर नहीं बता पाए.
हफ्ते में तीन दिन ऑफिस आना अनिवार्य
दिलचस्प बात यह है कि यह पहली बार नहीं था जब चार्ल्स ने इस तरह का झूठ बोला था. इससे पहले भी जब कंपनी ने हफ्ते में तीन दिन ऑफिस आना अनिवार्य किया था, तब उन्होंने कभी नल ठीक करवाने के बहाने तो कभी बाली में बैठकर काम करने के नाटक किए थे. जब कंपनी ने उन्हें नौकरी से निकाला तो वे फेयर वर्क कमीशन पहुंच गए और अनफेयर डिस्मिसाल का केस दर्ज करा दिया. कमिशन ने पाया कि कर्मचारी ने झूठ बोला था और कंपनी के पास उसे निकालने का पूरा अधिकार था. हालांकि प्रक्रिया में कुछ कमियों के कारण उन्हें नोटिस पीरियड के चार हफ्ते की सैलरी जरूर मिल गई, लेकिन उनकी नौकरी हमेशा के लिए चली गई.