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स्नैक्स का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के दिमाग में चिप्स, चॉकलेट, बिस्किट या ऐसी दूसरी चीजें आती हैं, जिन्हें खाते ही स्वाद अच्छा लगता है और हाथ अपने आप दोबारा पैकेट की तरफ चला जाता है. लेकिन चीन में वजन घटाने की कोशिश कर रहे कुछ युवाओं ने इस सोच को ही उलट दिया है.
सोशल मीडिया पर सामने आए ट्रेंड में ऐसे स्नैक्स को पसंद किया जा रहा है, जिनमें स्वाद बहुत ज्यादा खास नहीं होता. कुछ फूड प्रोडक्ट्स ऐसे बताए जा रहे हैं, जिन्हें खाने में काफी देर लगती है और उन्हें जल्दी निगलने के बजाय लंबे समय तक चबाना पड़ता है.
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, इस ट्रेंड के पीछे सोच काफी सीधी है. सामान्य स्नैक अगर स्वादिष्ट हो तो वह कुछ ही मिनट में खत्म हो जाता है. कई बार स्वाद अच्छा होने की वजह से इंसान जरूरत से ज्यादा भी खा लेता है. इसके उलट अगर खाने वाली चीज का स्वाद फीका हो और उसे चबाने में ज्यादा समय लगे तो खाने की रफ्तार अपने आप धीमी हो सकती है. मतलब एक छोटा सा स्नैक लंबे समय तक चलता रहता है. यही बात कुछ युवाओं को खास लगती है. उनका मानना है कि इस तरह मुंह व्यस्त रहता है और बार-बार कुछ खाने की इच्छा को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है.
वजन कम करने की कोशिश में स्वादिष्ट चीजों से दूरी बनाना कोई नई बात नहीं है. लेकिन यहां दिलचस्प बात यह है कि लोग सिर्फ कम कैलोरी वाले खाने की तलाश नहीं कर रहे, बल्कि जानबूझकर ऐसे स्नैक्स चुन रहे हैं, जिनका स्वाद बहुत अच्छा नहीं है. इसका मतलब जहां आमतौर पर फूड कंपनियां अपने प्रोडक्ट को ज्यादा टेस्टी बनाने की कोशिश करती हैं, वहीं इस ट्रेंड में लोग ठीक इसका उल्टा चाहते हैं. उन्हें ऐसा खाना चाहिए, जो खाने की इच्छा बढ़ाने के बजाय उसे कम करे. इसी वजह से सोशल मीडिया पर इस ट्रेंड को लेकर अलग-अलग तरह के रिएक्शन भी देखने को मिल रहे हैं.
आजकल खाने और वजन घटाने से जुड़े ट्रेंड सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से फैलते हैं. कोई व्यक्ति अपने डाइट रूटीन का वीडियो बनाकर शेयर करता है तो दूसरे लोग भी उसे आजमाने लगते हैं. चीन में भी युवाओं के बीच इस तरह के बेस्वाद और लंबे समय तक चबाए जाने वाले स्नैक्स को लेकर पोस्ट और वीडियो चर्चा में हैं. लोग अपने अनुभव बताते हैं और यह शेयर करते हैं कि किस तरह उन्होंने टेस्टी स्नैक्स की जगह ऐसे ऑप्शन अपनाए. यही वजह है कि एक सामान्य डाइट हैबिट धीरे-धीरे सोशल मीडिया ट्रेंड का रूप लेती दिखाई दे रही है.
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, इसके पीछे सबसे बड़ी वजह खाने की क्रेविंग को माना जा रहा है. कई लोगों के लिए वजन घटाने के दौरान सबसे मुश्किल काम यह होता है कि पसंदीदा चीजें सामने होने पर खुद को रोकना. चिप्स, चॉकलेट या बिस्किट जैसी चीजों में स्वाद और टेक्सचर ऐसा होता है कि एक बार खाने के बाद दोबारा खाने का मन कर सकता है. ऐसे में कुछ युवा मान रहे हैं कि अगर स्नैक ही ऐसा हो, जो ज्यादा स्वादिष्ट न लगे, तो उसे बार-बार खाने की इच्छा भी कम हो सकती है. हालांकि, यह सोच हर व्यक्ति पर एक जैसी काम करेगी, यह जरूरी नहीं है.
यहां एक बात समझना जरूरी है कि किसी एक स्नैक या वायरल ट्रेंड से वजन कम होने की गारंटी नहीं होती. वजन घटने या बढ़ने पर पूरे दिन के खान-पान, कुल कैलोरी, फिजिकल एक्टिविटी, नींद और लाइफस्टाइल जैसी कई चीजों का असर पड़ता है. सिर्फ इसलिए कि कोई स्नैक लंबे समय तक चबाया जाता है या उसका स्वाद अच्छा नहीं है, उसे वजन घटाने का पक्का तरीका नहीं माना जा सकता. किसी भी डाइट में बदलाव करने से पहले यह देखना जरूरी है कि उससे शरीर को पर्याप्त और जरूरी पोषण मिल रहा है या नहीं.
सोशल मीडिया पर दिखने वाला हर डाइट ट्रेंड हर व्यक्ति के लिए सही हो, ऐसा जरूरी नहीं है. किसी को कोई तरीका आसान लग सकता है, जबकि दूसरे व्यक्ति के लिए वही तरीका परेशानी पैदा कर सकता है. वजन घटाने के लिए लंबे समय तक काम आने वाली आदतें आमतौर पर बैलेंस्ड डाइट और नियमित फिजिकल एक्टिविटी पर टिकी होती हैं. इसलिए किसी वायरल फूड ट्रेंड को अपनाने से पहले उसकी जानकारी समझना ज्यादा जरूरी है. खासकर तब, जब मकसद सिर्फ कुछ दिनों में वजन कम करना नहीं, बल्कि लंबे समय तक फिट रहना हो.
चीन के युवाओं के बीच चर्चा में आया यह ट्रेंड इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि इसमें वजन घटाने का तरीका सामान्य सोच से बिल्कुल उल्टा दिखाई देता है. दुनिया भर में लोग कम कैलोरी वाला लेकिन स्वादिष्ट खाना खोजते हैं, जबकि यहां कुछ लोग ऐसा स्नैक चुन रहे हैं, जो बेस्वाद हो और लंबे समय तक चलता रहे. इस ट्रेंड के पीछे खाने की स्पीड और क्रेविंग को कंट्रोल करने की सोच जरूर है, लेकिन इसे वजन घटाने का पक्का फॉर्मूला मानना सही नहीं होगा. आखिर में वजन कम करने के लिए सिर्फ यह मायने नहीं रखता कि आप क्या स्नैक खा रहे हैं, बल्कि पूरे दिन क्या और कितना खा रहे हैं, यह ज्यादा जरूरी है.