दो रस्सियां, चार खिलाड़ी और कमाल का तालमेल! भारतीय खिलाड़ियों का Double Dutch देख आनंद महिंद्रा हुए मुरीद, शेयर किया VIDEO
रस्सी कूदना आपको बचपन का खेल लगता होगा, लेकिन चीन में भारतीय खिलाड़ियों ने इसी खेल को ऐसी स्पीड, फुर्ती और तालमेल के साथ पेश किया कि पूरी दुनिया का ध्यान उनकी तरफ चला गया. भारतीय टीम ने डबल डच पेयर्स फ्रीस्टाइल इवेंट में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया. इसका वीडियो उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने X पर शेयर किया है और उन्होंने लिखा कि वह भी इसे देखकर हैरान रह गए.
आनंद महिंद्रा ने X पर द बेटर इंडिया का एक वीडियो शेयर किया है. इसमें चार भारतीय खिलाड़ी रस्सियों के साथ ऐसा शानदार खेल दिखाते नजर आ रहे हैं, जिसे पहली नजर में देखना आसान लग सकता है, लेकिन इसके पीछे कितनी मेहनत और प्रैक्टिस है, इसका अंदाजा वीडियो देखकर ही लगाया जा सकता है.
कभी दो खिलाड़ी दोनों तरफ से रस्सियां घुमाते हैं और बाकी खिलाड़ी उनके बीच कूदते हुए स्टेप्स करते हैं. अगले ही पल पूरा पैटर्न बदल जाता है और चारों खिलाड़ी एक साथ रस्सी के बीच छलांग लगाने लगते हैं. हर मूवमेंट इतनी तेजी से होता है कि आंखें कुछ सेकंड के लिए ठहर जाती हैं. इसी वीडियो को देखकर आनंद महिंद्रा ने लिखा कि "I did a double take when I saw this…" मतलब इसे देखकर उन्हें दोबारा देखना पड़ा.
रस्सी कूदना सिर्फ खेल नहीं, पूरा फिटनेस टेस्ट है
महिंद्रा ने अपने पोस्ट में लिखा कि जंप रोप शायद दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित या सबसे ज्यादा देखे जाने वाले खेलों में शामिल नहीं है. लेकिन इसे करने के लिए जिस फिटनेस, फुर्ती, तालमेल और तेज रिफ्लेक्स की जरूरत होती है, वह किसी बड़े स्पोर्ट्स से कम नहीं. उन्होंने कहा कि अक्सर सोशल मीडिया पर दूसरे देशों, खासकर पश्चिमी देशों और अब चीन के खिलाड़ियों के ऐसे वीडियो देखने को मिलते हैं, जिनमें उनकी गजब की स्किल और शरीर पर कंट्रोल नजर आता है. लेकिन उन्हें उम्मीद नहीं थी कि ऐसा कोई वीडियो भारतीय टीम का भी होगा.
चीन में भारतीय टीम ने जीता गोल्ड
आनंद महिंद्रा को जब पता चला कि वीडियो में दिख रहे भारतीय खिलाड़ी किसी सामान्य प्रदर्शन का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि उन्होंने चीन में आयोजित एक ग्लोबल प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता है, तो उन्होंने टीम की जमकर तारीफ की. महिंद्रा के मुताबिक भारतीय टीम ने सिर्फ शानदार एथलेटिक क्षमता नहीं दिखाई, बल्कि इस खेल में अपनी क्रिएटिविटी का भी रंग भर दिया. यही बात उनके प्रदर्शन को और खास बनाती है. भारतीय खिलाड़ियों ने Double Dutch Pairs Freestyle प्रतियोगिता में अपनी स्पीड, बॉडी कंट्रोल और आपसी तालमेल से शानदार प्रदर्शन किया और गोल्ड अपने नाम किया.
चार लोग, दो रस्सियां और गजब का तालमेल
अब सवाल आता है कि आखिर इस खेल में ऐसा क्या खास है? वीडियो में चार खिलाड़ी दिखाई देते हैं, लेकिन हर खिलाड़ी का काम अलग और बेहद सटीक होता है. दो खिलाड़ी लंबी रस्सियों को लगातार विपरीत दिशा में घुमाते हैं. उनके बीच बाकी खिलाड़ी जंप करते हुए अलग-अलग स्टेप्स और फ्रीस्टाइल मूव्स करते हैं. खिलाड़ियों को सिर्फ रस्सी के ऊपर से कूदना नहीं होता. उन्हें यह भी तय करना होता है कि किस पल पैर उठाना है, किस दिशा में घूमना है और कब अगला स्टेप करना है. जरा सी टाइमिंग बिगड़ी तो पूरी रूटीन का तालमेल बिगड़ सकता है.
Double Dutch में आखिर होता क्या है?
Double Dutch जंप रोप का एक खास फॉर्म है. इसमें दो लंबी रस्सियों को एक-दूसरे के उलट दिशा में तेजी से घुमाया जाता है. इन दोनों रस्सियों के बीच खिलाड़ी लगातार जंप करते हुए अलग-अलग स्टेप्स और करतब दिखाते हैं. इसमें स्पीड के साथ टाइमिंग सबसे ज्यादा मायने रखती है. खिलाड़ी को घूमती हुई दोनों रस्सियों की रफ्तार समझनी होती है और उसी हिसाब से अपनी बॉडी को मूव करना पड़ता है. फ्रीस्टाइल कैटेगरी में खिलाड़ी साधारण जंप तक सीमित नहीं रहते. वे अलग-अलग स्टेप्स, टर्न, ट्रांजिशन और दूसरे मूव्स को एक रूटीन में जोड़ते हैं.
देखने में आसान, करने में बेहद मुश्किल
मोबाइल स्क्रीन पर कुछ सेकंड का वीडियो देखकर लग सकता है कि इसमें बस रस्सी कूदनी है. लेकिन असल में एक पूरी रूटीन तैयार करने के लिए खिलाड़ियों को लंबे समय तक ट्रेनिंग करनी पड़ती है. एक साथ कई लोगों के कूदने के दौरान सभी की टाइमिंग लगभग एक जैसी होनी चाहिए. रस्सी घुमाने वाले खिलाड़ियों की स्पीड और बीच में जंप करने वालों की टाइमिंग में थोड़ा भी अंतर आया तो कदम रस्सी में फंस सकता है. यही वजह है कि इस खेल में फिटनेस के साथ-साथ कोऑर्डिनेशन और रिफ्लेक्स भी बेहद जरूरी होते हैं.
आनंद महिंद्रा ने भारतीय टीम को कहा- Bravo!
भारतीय टीम का प्रदर्शन देखकर आनंद महिंद्रा ने अपने पोस्ट में खिलाड़ियों की तारीफ की. उन्होंने लिखा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि इस विषय पर कोई वीडियो भारतीय टीम को दिखाएगा. लेकिन चीन में भारतीय खिलाड़ियों के गोल्ड जीतने की जानकारी मिलने के बाद उनका नजरिया बदल गया. उन्होंने टीम की उपलब्धि को लेकर उत्साह जताते हुए "Bravo!" कहा. उनके पोस्ट के बाद वीडियो को सोशल मीडिया पर भी खूब शेयर किया जा रहा है. लोग खिलाड़ियों की स्पीड और आपसी तालमेल देखकर हैरान हैं.
भारतीय खेलों की तस्वीर बदलने का संकेत?
इस वीडियो की खास बात सिर्फ गोल्ड मेडल नहीं है. यह इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि जंप रोप जैसे खेल को भारत में बहुत ज्यादा लोकप्रियता नहीं मिली है. ऐसे में किसी ग्लोबल मंच पर भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन बताता है कि देश के खिलाड़ी अब अलग-अलग स्पोर्ट्स में अपनी पहचान बना रहे हैं. क्रिकेट और कुछ बड़े खेलों से आगे भी भारत में टैलेंट की कमी नहीं है. जरूरत सिर्फ सही ट्रेनिंग, मौके और पहचान की है. चीन की इस प्रतियोगिता में भारतीय टीम का प्रदर्शन इसी बात की एक छोटी लेकिन शानदार मिसाल है.
बचपन की रस्सी कूद से ग्लोबल गोल्ड तक
बचपन में गली-मोहल्लों और स्कूलों में रस्सी कूदना सिर्फ मनोरंजन का हिस्सा रहा होगा. लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने इसी खेल को इंटरनेशनल लेवल की प्रतियोगिता में ले जाकर साबित कर दिया कि खेल छोटा या बड़ा नहीं होता, उसे करने का तरीका बड़ा हो सकता है. चार खिलाड़ी, दो रस्सियां और सेकंड के छोटे-छोटे हिस्सों में बदलती चालें. यही Double Dutch का रोमांच है. और अब जब आनंद महिंद्रा जैसे बड़े नाम इस प्रदर्शन को दुनिया के सामने ला रहे हैं, तो उम्मीद है कि इन खिलाड़ियों की पहचान सिर्फ एक वायरल वीडियो तक सीमित नहीं रहेगी. भारत की यह गोल्डन छलांग शायद आने वाले दिनों में जंप रोप को देश में एक नए स्पोर्ट्स के तौर पर पहचान दिलाने की शुरुआत भी बन जाए.