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₹5 लाख की कमाई, ₹2.6 लाख का खर्च: फिर भी ऑस्ट्रेलिया छोड़ रहा यह भारतीय, बताया सिडनी में रहने का पूरा हिसाब

ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में रह रहे भारतीय शख्स दिव्यज गौतम ने विदेश में अपनी कमाई और खर्च का पूरा हिसाब सोशल मीडिया पर शेयर किया है. उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया पहुंचने के बाद इंडियन ग्रॉसरी स्टोर में काम करने से लेकर अपनी कंसल्टिंग प्रैक्टिस शुरू करने तक उनकी कमाई कैसे बदली. एक समय उनकी औसत कमाई 10 हजार डॉलर महीना पहुंच गई, लेकिन अब वह सेविंग्स के साथ भारत लौटने की तैयारी कर रहे हैं.

Written By Santosh Kumar Mishra
Published: Sep 26, 2026, 07:34 AM IST | Updated: Sep 26, 2026, 07:46 AM IST
Image Credit: @psych.actually
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विदेश जाकर अच्छी कमाई करना कई भारतीयों का सपना होता है. लेकिन वहां पहुंचने के बाद असली कहानी सिर्फ सैलरी की नहीं होती. किराया, खाना, बिल और डेली के खर्च कमाई का बड़ा हिस्सा ले जाते हैं. सिडनी में रह रहे दिव्यज गौतम ने अब अपनी इसी जिंदगी का हिसाब लोगों के सामने रखा है.

गौतम ने बताया कि सिडनी छोड़ने में उनके पास करीब 18 दिन बाकी थे. भारत लौटने से पहले उन्होंने सोचा कि ऑस्ट्रेलिया में बिताए अपने समय की असली कमाई और खर्च लोगों के साथ शेयर किए जाएं. उनका ऑस्ट्रेलिया वाला सफर किसी बड़ी सैलरी से शुरू नहीं हुआ था. शुरुआत में वह एक इंडियन ग्रॉसरी स्टोर में काम करते थे. छह दिन काम करने के बदले उन्हें करीब 500 डॉलर हर हफ्ते मिलते थे.

फिर बढ़कर 1100 डॉलर हुई हफ्ते की कमाई

ग्रॉसरी स्टोर के बाद गौतम ने रिटेल सेक्टर में काम शुरू किया. यहां उनकी कमाई पहले के मुकाबले काफी बढ़ गई. उन्होंने बताया कि इस नौकरी में उन्हें करीब 1100 डॉलर हर हफ्ते मिलते थे. इसका मतलब कुछ समय में उनकी एक सप्ताह की कमाई दोगुने से भी ज्यादा हो गई थी. लेकिन गौतम के लिए असली बदलाव तब आया, जब उन्होंने नौकरी छोड़कर अपना काम शुरू करने का फैसला किया. उन्होंने साइकोसोशल रिस्क कंसल्टेंट के तौर पर अपनी प्रैक्टिस शुरू की. यहां कमाई का तरीका भी बदल गया. पहले की नौकरियों में उन्हें अपने काम के घंटों के हिसाब से पैसे मिलते थे, जबकि कंसल्टिंग में क्लाइंट उन्हें एक सर्विस के लिए पेमेंट करते थे.

कंसल्टिंग से 10 हजार डॉलर महीना

गौतम के अनुसार, उनकी कंसल्टिंग प्रैक्टिस में एक क्लाइंट से करीब 3 हजार डॉलर महीने की फीस मिलती थी. धीरे-धीरे क्लाइंट बढ़े और उनकी औसत एक महीने की कमाई करीब 10 हजार डॉलर तक पहुंच गई. हालांकि यह कमाई टैक्स से पहले की थी. टैक्स कटने के बाद उनके पास करीब 7500 डॉलर हर महीने बचते थे. भारतीय रुपये में देखें तो यह रकम कई लाख रुपये बैठती है, लेकिन सिडनी जैसे महंगे शहर में कमाई के साथ खर्च भी काफी बड़ा है. यही वजह है कि गौतम ने सिर्फ कमाई बताने के बजाय यह भी बताया कि हर महीने पैसा आखिर जाता कहां है.

 

 

सबसे बड़ा खर्च सिर्फ किराया

गौतम की लिस्ट में सबसे ऊपर किराया था. उन्होंने बताया कि रहने के लिए वह करीब 2400 डॉलर हर महीने खर्च करते थे. यानी उनकी टैक्स के बाद वाली कमाई का एक बड़ा हिस्सा सिर्फ घर के किराए में चला जाता था. इसके बाद बिजली, पानी और दूसरे यूटिलिटी बिल पर करीब 350 डॉलर खर्च होते थे. महीने का ग्रॉसरी बिल करीब 500 डॉलर था. यानी खाना-पीना और घर चलाने का खर्च भी मामूली नहीं था. इन खर्चों के अलावा जिम की फीस करीब 100 डॉलर और बाहर खाने-पीने या घूमने-फिरने पर वह 500 से 600 डॉलर महीने खर्च करते थे.

7500 डॉलर आए, करीब 3900 डॉलर खर्च हुए

गौतम के बताए हिसाब को जोड़ें तो टैक्स के बाद हर महीने करीब 7500 डॉलर की कमाई होती थी. वहीं उनका एक महीने का खर्च करीब 3900 डॉलर बैठता था. इस हिसाब से करीब 3600 डॉलर हर महीने उनके पास बच जाते थे. गौतम ने बताया कि वह बची हुई रकम का लगभग पूरा हिस्सा सेव करने की कोशिश करते थे. यही सेविंग्स अब उनके लिए खास मायने रखती हैं, क्योंकि वह ऑस्ट्रेलिया छोड़कर भारत लौटने की तैयारी कर रहे हैं. उनके मुताबिक, विदेश में कमाई करने का मतलब सिर्फ बड़ी सैलरी हासिल करना नहीं है. यह भी देखना जरूरी है कि उस कमाई में से वास्तव में कितना पैसा आपके पास बच रहा है.

भारत लौटने से पहले दिया एक बड़ा मैसेज

गौतम ने अपनी कहानी शेयर करते हुए कहा कि वह बिना किसी तैयारी के भारत वापस नहीं जाना चाहते. उनकी कोशिश है कि ऑस्ट्रेलिया से लौटते समय उनके पास एक फाइनेंशियल ताकत हो. इसको लेकर उनकी सोच साफ है. सिर्फ यह कहने के लिए कि विदेश में रहते हुए अच्छी कमाई की, वहां टिके रहना उनके लिए जरूरी नहीं है. अगर सेविंग्स तैयार हैं तो वापस लौटकर भी नई शुरुआत की जा सकती है. उनकी यह बात उन भारतीयों के लिए भी दिलचस्प है, जो विदेश में कमाई को सीधे भारतीय रुपये में बदलकर देखते हैं. असल तस्वीर समझने के लिए वहां के खर्च को साथ रखकर देखना जरूरी है.

सिडनी में 3900 डॉलर में गुजारा? लोगों ने पूछा सवाल

गौतम की पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स ने उनकी कहानी को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं. एक यूजर ने उनकी सोच और कम उम्र में फाइनेंशियल क्लैरिटी की तारीफ करते हुए लिखा कि इन चीजों के साथ कोई भी बहुत कुछ हासिल कर सकता है. हालांकि, कुछ लोगों ने उनके खर्च के आंकड़ों पर सवाल भी उठाए. एक यूजर ने कहा कि सिडनी में 3900 डॉलर महीने के खर्च में रहना आसान नहीं है, खासकर अगर लाइफस्टाइल और दूसरे खर्च भी शामिल हों. इससे एक बात साफ होती है कि विदेश में रहने का खर्च हर व्यक्ति के लिए एक जैसा नहीं होता. घर का किराया, लोकेशन, अकेले रहना या शेयरिंग, बाहर खाना और घूमना-फिरना जैसे खर्च के हिसाब से पूरा बजट बदल सकता है.

(Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर इंटरनेट पर मौजूद डिटेल्स को एकत्रित करके बनाई गई है. Zee News इसके प्रमाणिकता, दावों और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी फैसले से पहले संबंधित आधिकारिक विभाग से संपर्क जरूर करें.)

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संतोष मिश्रा जी न्यूज में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. वह पिछले 4.5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं. ट्रैवल, फीचर, ऑफबीट, ट्रेंडिंग और वायरल खबरों के साथ-साथ टेक और साइंस से जुड़ी खबरों में भी उनकी विशेष विशेषज्ञता है. उनकी खबरें अपनी विश्वसनीयता और सटीक जानकारी के लिए जानी जाती हैं. आसान और सहज भाषा में लिखे गए उनके कंटेंट को पाठक काफी पसंद करते हैं. सोशल मीडिया की दुनिया (Instagram, X, Reddit, Threads और Facebook) पर उनकी अच्छी पकड़ है. वह ट्रेंडिंग विषयों पर लगातार नजर रखते हैं और फ्रेश व यूनिक खबरें पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं. संतोष मिश्रा इससे पहले News Nation और India Ahead जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम कर चुके हैं. उन्होंने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) किया है.
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