ऑस्ट्रेलिया में कभी घर-घर पहुंचाता था पिज्जा: 11 साल बाद 3 रेस्टोरेंट और BMW का मालिक बना भारतीय; ऐसे बदली पूरी जिंदगी
भारत से पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुंचा एक भारतीय युवक कभी अपने खर्च चलाने के लिए पिज्जा डिलीवरी का काम करता था. पढ़ाई पूरी होने के बाद भी उसे अपने फील्ड में नौकरी नहीं मिली तो उसने पिज्जा शॉप में फुल-टाइम काम शुरू कर दिया. करीब तीन साल बाद फ्रेंचाइजी बिजनेस में कदम रखा और धीरे-धीरे तीन रेस्टोरेंट खड़े कर दिए. आज उसके पास ऑस्ट्रेलिया में घर और BMW है और ऑस्ट्रेलियाई नागरिकता भी है.
भारत से विदेश जाकर पढ़ाई करने वाले ज्यादातर युवाओं के सामने एक ही चुनौती होती है. उन्हें पढ़ाई के साथ अपना खर्च चलाने में सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है. कई छात्र इसके लिए पार्ट टाइम जॉब करते हैं, तो कुछ ऐसे काम भी करते हैं, जिनका उनकी पढ़ाई से कोई सीधा संबंध नहीं होता. ऑस्ट्रेलिया पहुंचे इस भारतीय युवक की शुरुआत भी कुछ ऐसी ही थी.
करीब 11 साल पहले वह पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया गया था. उस वक्त शायद उसने भी नहीं सोचा होगा कि आने वाले सालों में उसकी जिंदगी इतनी बदल जाएगी. पढ़ाई पूरी करने के बाद उसके सामने करियर बनाने की चुनौती थी, लेकिन शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं हुई.
अपने फील्ड में नहीं मिली नौकरी
इस कहानी को उसके ब्रदर-इन-लॉ और एंटरप्रेन्योर विनीथ के. ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है. उनके मुताबिक, पढ़ाई पूरी करने के बाद युवक को अपने स्किल और पढ़ाई के हिसाब से नौकरी नहीं मिली. ऐसे समय में उसके पास दो रास्ते थे. या तो वह नौकरी मिलने का इंतजार करता या फिर कोई ऐसा काम करता, जिससे रोजमर्रा के खर्च पूरे हो सकें. उसने दूसरा रास्ता चुना. उसने पिज्जा डिलीवरी का काम शुरू कर दिया.
डिलीवरी से पिज्जा शॉप तक पहुंचा
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआत में उसका काम घर-घर पिज्जा पहुंचाने का था. लेकिन यहीं से उसकी कहानी ने धीरे-धीरे नया मोड़ लेना शुरू किया. उसने पिज्जा शॉप में फुल-टाइम काम करना शुरू किया और सिर्फ डिलीवरी तक सीमित नहीं रहा. वह पिज्जा बनाने से लेकर उसे ग्राहकों तक पहुंचाने तक का काम करने लगा. मतलब जिस बिजनेस में वह बाहर से एक डिलीवरी वर्कर के तौर पर आया था, उसे उसने अंदर से समझना शुरू कर दिया. यही अनुभव आगे चलकर उसके लिए बिजनेस की नींव बना.
तीन साल बाद खुद बिजनेस में उतरा
करीब तीन साल तक पिज्जा बिजनेस में काम करने के बाद उसने अगला बड़ा कदम उठाया. विनीथ के मुताबिक, उसने पार्टनरशिप और कुछ फंड्स की मदद से एक पिज्जा फ्रेंचाइजी में निवेश किया. यह उसके सफर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट था. अब वह किसी और के लिए पिज्जा डिलीवर करने वाला कर्मचारी नहीं था, बल्कि खुद बिजनेस में पैसा लगा चुका था. हालांकि फ्रेंचाइजी लेना शुरुआत भर थी. इसके बाद असली चुनौती उसे बिजनेस को चलाने और बढ़ाने की थी.
एक से तीन रेस्टोरेंट तक पहुंचा कारोबार
पहली फ्रेंचाइजी के बाद उसने धीरे-धीरे अपना बिजनेस बढ़ाना शुरू किया. काम आगे बढ़ा तो उसने दो और पिज्जा फ्रेंचाइजी खरीद लीं. इस तरह एक समय पिज्जा डिलीवरी करने से शुरू हुआ सफर तीन रेस्टोरेंट तक पहुंच गया. यानी जिस शॉप में वह कभी कर्मचारी के तौर पर काम कर रहा था, उसी तरह के बिजनेस में उसने अपनी जगह बना ली. विनीथ की पोस्ट के मुताबिक, आज वह ऑस्ट्रेलिया में तीन रेस्टोरेंट का मालिक है. उसकी कहानी में सबसे खास बात यह है कि बदलाव किसी एक दिन में नहीं आया. डिलीवरी से शुरुआत, फिर फुल-टाइम काम, उसके बाद फ्रेंचाइजी में इनवेस्ट और धीरे-धीरे कारोबार का विस्तार किया. लड़के ने यह पूरा सफर करीब 11 साल में तय किया.
कोविड में भारत आया, फिर बदली फैमिली लाइफ
इस सफर के बीच दुनिया में कोविड महामारी भी आई. महामारी के दौरान वह भारत वापस आया और इसी दौरान उसकी शादी हुई. इसके बाद वह अपनी पत्नी को भी ऑस्ट्रेलिया ले गया. एक तरफ परिवार की जिंदगी आगे बढ़ रही थी, तो दूसरी तरफ उसका बिजनेस भी चलता रहा. समय के साथ उसने ऑस्ट्रेलिया में अपना घर बनाया और BMW जैसी महंगी कार भी खरीदी. विनीथ ने यह भी बताया कि उसके ब्रदर-इन-लॉ ने हैदराबाद में घर बनाया और अपने माता-पिता को भी ऑस्ट्रेलिया बुला लिया.
11 साल बाद मिली नागरिकता
इस कहानी का एक और खास पड़ाव हाल ही में आया. विनीथ के मुताबिक, उसके ब्रदर-इन-लॉ और उसके परिवार को इसी हफ्ते ऑस्ट्रेलियाई नागरिकता मिली है. इसका मतलब जिस देश में वह करीब 11 साल पहले पढ़ाई करने पहुंचा था, अब वहीं उसका बिजनेस, घर और परिवार की जिंदगी बस चुकी है. शुरुआत में पिज्जा डिलीवरी करने वाला यह युवक अब ऑस्ट्रेलिया में अपना कारोबार चला रहा है. हालांकि, सोशल मीडिया पोस्ट में उसकी पहचान, रेस्टोरेंट के नाम या बिजनेस की कमाई जैसी विस्तृत जानकारी शेयर नहीं की गई है. इसलिए उसकी आर्थिक सफलता की सटीक जानकारी हमारे पास नहीं है.
सोशल मीडिया पर लोग बोले- मेहनत रंग लाई
विनीथ की पोस्ट सामने आने के बाद लोगों ने इस कहानी को हाथोंहाथ लिया. कई यूजर्स ने इसे मेहनत और लगातार आगे बढ़ने की मिसाल बताया. कुछ लोगों ने कहा कि जिंदगी में शुरुआत कैसी है, उससे ज्यादा मायने यह रखता है कि इंसान आगे क्या करता है. एक यूजर ने सफलता के पीछे मेहनत के साथ सही समय और किस्मत की भूमिका का भी जिक्र किया. कई लोगों ने इस बात पर भी ध्यान दिया कि युवक ने नौकरी न मिलने के बाद काम को छोटा नहीं समझा. उसने जो काम मिला, उससे शुरुआत की और उसी सेक्टर में आगे बढ़ने का रास्ता खोज लिया.
डिलीवरी से बिजनेस तक, बदल गई पूरी जिंदगी
इस भारतीय की कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा यही है कि उसकी शुरुआत किसी बड़े बिजनेस ऑफिस या ऊंची सैलरी वाली नौकरी से नहीं हुई थी. वह घर-घर पिज्जा पहुंचाता था. फिर उसी काम को करीब से समझा, पिज्जा शॉप में फुल-टाइम काम किया और कुछ साल बाद खुद फ्रेंचाइजी बिजनेस में उतर गया. आज उसके पास तीन रेस्टोरेंट, ऑस्ट्रेलिया में अपना घर और BMW है. परिवार को भी ऑस्ट्रेलियाई नागरिकता मिल चुकी है. 11 साल के इस सफर में उसकी जिंदगी ने कई मोड़ देखे, लेकिन वह हर बार आगे बढ़ता रहा.