)
Apple का पहला फोल्डेबल iPhone Duo लॉन्च होते ही सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया था. फोन के फोल्ड और अनफोल्ड होने वाले डिजाइन ने लोगों का ध्यान खींचा. लेकिन भारत में इसकी चर्चा सिर्फ टेक्नोलॉजी और कीमत को लेकर नहीं हुई.
फोन के लॉन्च के लिए इस्तेमाल किए गए विजुअल टेम्पलेट को कांग्रेस और बीजेपी ने राजनीतिक तंज के लिए इस्तेमाल करना शुरू कर दिया. देखते ही देखते एक टेक्नोलॉजी लॉन्च का अंदाज दोनों पार्टियों की सोशल मीडिया लड़ाई का नया हथियार बन गया.
कांग्रेस ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया. इसकी शुरुआत फोल्डेड iPhone Duo से होती है. स्क्रीन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसद में दिया गया एक बयान सुनाई देता है, जिसमें वह देश में सड़क निर्माण के लिए 'स्पेस टेक्नोलॉजी' के इस्तेमाल की बात करते नजर आते हैं. इसके बाद फोन खुलता है और बड़ी स्क्रीन पर देश के अलग-अलग हिस्सों में खराब और धंसी हुई सड़कों के वीडियो दिखाई देने लगते हैं. वीडियो में बारिश के दौरान जलभराव और सड़क के टूटने जैसे नजारे दिखाए गए हैं. एक क्लिप में पानी से भरी सड़क पर एक ऑटो पलटता नजर आता है. दूसरे वीडियो में सड़क के गड्ढे से तेज पानी नीचे की तरफ जाता दिखाई देता है. कांग्रेस ने इन तस्वीरों के जरिए सरकार के सड़क निर्माण और बारिश के दौरान सामने आने वाली समस्याओं पर सवाल उठाने की कोशिश की.
कांग्रेस के वीडियो का अंत भी उसी फोल्डिंग इफेक्ट के साथ होता है. जैसे ही फोन दोबारा बंद होता है, प्रधानमंत्री मोदी की आवाज में 'सीना चौड़ा हो गया, वाह' जैसी लाइन सुनाई देती है. इसका मतलब पार्टी ने फोन के फोल्ड होने और खुलने वाले फीचर को राजनीतिक व्यंग्य में बदल दिया. पहले छोटी स्क्रीन पर सरकार का दावा और फिर बड़ी स्क्रीन पर सड़क की खराब हालत दिखाकर कांग्रेस ने अपने संदेश को सोशल मीडिया यूजर्स तक पहुंचाने की कोशिश की.
कांग्रेस ने इसी फॉर्मेट का इस्तेमाल करते हुए एक और वीडियो भी शेयर किया. इस वीडियो के जरिए पार्टी ने प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े राजनीतिक मुद्दे पर तंज कसा. इसमें भी फोल्डेबल फोन के खुलने और बंद होने वाले विजुअल का इस्तेमाल किया गया. यानी Apple का नया डिजाइन कांग्रेस के लिए सरकार पर हमला करने का एक नया सोशल मीडिया फॉर्मेट बन गया.
कांग्रेस के वीडियो के बाद बीजेपी भी पीछे नहीं रही. बीजेपी ने इसी फोल्डेबल फोन वाले मॉडल का इस्तेमाल करते हुए अपना वीडियो शेयर किया. वीडियो की शुरुआत फोल्डेड स्क्रीन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर से होती है. जैसे ही स्क्रीन खुलती है, उसमें सरकार के पिछले वर्षों के कामों और बड़े फैसलों से जुड़े अलग-अलग विजुअल दिखाई देते हैं. इनमें अयोध्या का राम मंदिर, आर्टिकल 370 हटाने का फैसला, ट्रेन, हाईवे, पोर्ट और दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के सीन शामिल किए गए हैं. बीजेपी ने इस वीडियो के जरिए उन मुद्दों को सामने रखा, जिन्हें पार्टी अपनी सरकार की उपलब्धियों के तौर पर पेश करती है.
इस पूरी सोशल मीडिया जंग की सबसे दिलचस्प बात यही है कि दोनों पार्टियों ने लगभग एक ही आइडिया का इस्तेमाल किया, लेकिन संदेश बिल्कुल अलग रखा. कांग्रेस ने फोल्डेबल स्क्रीन के जरिए सरकार के दावों और जमीनी समस्याओं के बीच अंतर दिखाने की कोशिश की. वहीं बीजेपी ने उसी फॉर्मेट को सरकार के कामों और बड़े फैसलों को दिखाने के लिए इस्तेमाल किया. इसका मतलब एक तरफ फोन की छोटी स्क्रीन पर दावा और बड़ी स्क्रीन पर सवाल, जबकि दूसरी तरफ छोटी स्क्रीन पर मोदी और बड़ी स्क्रीन पर सरकार के काम. सोशल मीडिया की भाषा में दोनों पार्टियों ने एक ही टेक्नोलॉजी को अपने-अपने राजनीतिक नैरेटिव में बदल दिया.
Decades passed, but Congress still couldn’t achieve what PM Modi pulled off in years.
𝐒𝐚𝐦𝐞 𝐈𝐧𝐝𝐢𝐚. 𝐃𝐢𝐟𝐟𝐞𝐫𝐞𝐧𝐭 𝐠𝐨𝐯𝐞𝐫𝐧𝐦𝐞𝐧𝐭. 𝐃𝐢𝐟𝐟𝐞𝐫𝐞𝐧𝐭 𝐫𝐞𝐬𝐮𝐥𝐭𝐬. pic.twitter.com/OGmqFHLhnk— BJP (@BJP4India) September 10, 2026
कांग्रेस और बीजेपी के बीच सोशल मीडिया पर ऐसी नोकझोंक कोई नई बात नहीं है. दोनों पार्टियां अक्सर एक-दूसरे पर हमला करने के लिए वायरल ट्रेंड, मीम, फिल्मी डायलॉग और पॉपुलर इंटरनेट फॉर्मेट का इस्तेमाल करती रही हैं. हाल के दिनों में भी कई मुद्दों को लेकर दोनों के बीच बयानबाजी देखने को मिली है. दिल्ली के सत्य निकेतन में छात्रों के PG से जुड़ी एक इमारत गिरने के बाद भी कांग्रेस ने छात्रों के रहने की खराब सुविधाओं और अच्छे हॉस्टल की कमी का मुद्दा उठाया था.
कांग्रेस का कहना रहा कि सरकार की नीतियों और दावों को जमीन पर मौजूद समस्याओं के आईने में भी देखा जाना चाहिए. वहीं बीजेपी लगातार अपनी सरकार के दौरान हुए बड़े फैसलों और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को उपलब्धि के तौर पर सामने रखती है. iPhone Duo वाला यह वीडियो इसी पुरानी राजनीतिक बहस का नया डिजिटल रूप बन गया है. फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार संसद या प्रेस कॉन्फ्रेंस के बजाय एक फोल्डेबल फोन का डिजाइन ही दोनों पार्टियों के लिए मीम और राजनीतिक संदेश का माध्यम बन गया.
iPhone Duo की लॉन्चिंग ने एक बार फिर दिखा दिया कि आज सोशल मीडिया पर कोई भी पॉपुलर ट्रेंड कुछ ही समय में राजनीति का हिस्सा बन सकता है. फोन का फोल्ड और अनफोल्ड होने वाला फीचर जहां Apple के लिए टेक्नोलॉजी का नया डिजाइन है, वहीं राजनीतिक पार्टियों ने इसे अपनी बात कहने का क्रिएटिव तरीका बना लिया. फिलहाल कांग्रेस और बीजेपी के वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा बटोर रहे हैं. दोनों ने एक ही फॉर्मेट को अपने-अपने तरीके से इस्तेमाल कर दिया है.