Success Story: बिना MBA या बड़ी डिग्री बना एप्पल का नया बॉस, जॉब्स जैसी एक आदत ने बदला जॉन टर्नस का भाग्य
ऐप्पल के नए CEO जॉन टर्नस की कहानी जानिए. बिना किसी MBA या मास्टर डिग्री के, केवल एक बैचलर डिग्री और स्टीव जॉब्स जैसी बारीकियों पर नजर रखने की आदत से वे एप्पल के नए बॉस बने हैं.
Apple में पूरे 15 साल बाद बहुत बड़ा बदलाव हुआ है. टिम कुक के हटने के बाद अब Apple की पूरी कमान जॉन टर्नस (John Ternus) के हाथों में आ गई है. आमतौर पर जब भी किसी इतनी बड़ी ग्लोबल कंपनी के CEO की बात होती है, तो हमारे दिमाग में हार्वर्ड या आईवी लीग से MBA किए हुए सूट-बूट वाले एग्जीक्यूटिव्स की इमेज बनती है. लेकिन जॉन टर्नस की कहानी पूरी तरह अलग है. उनके पास न तो कोई MBA की भारी-भरकम डिग्री है और न ही कोई मास्टर्स. उन्होंने सिर्फ यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिलवेनिया से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में साधारण बैचलर डिग्री की है. इसके बावजूद, उनमें एक ऐसी सुपरपावर है जो Apple के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स में हुआ करती थी- काम की छोटी से छोटी डिटेल पर हद से ज्यादा ध्यान देना.
जब स्क्रू के खांचे गिनने में आधी रात बिता दी
साल 2024 में एक यूनिवर्सिटी के प्रोग्राम में बोलते हुए जॉन टर्नस ने Apple में अपने शुरुआती दिनों का एक बड़ा ही मजेदार किस्सा शेयर किया था. जब वे Apple में अपने पहले प्रोजेक्ट 'सिनेमा डिस्प्ले मॉनिटर' पर काम कर रहे थे, तो वे एक बहुत छोटी सी बात पर अड़ गए.
वे मॉनिटर के पीछे लगने वाले स्टेनलेस-स्टील स्क्रू के सिरों पर बने खांचों (grooves) को गिनने लगे थे. ध्यान देने वाली बात यह थी कि वे पेंच मॉनिटर के बैक साइड में थे, जिन्हें कोई यूजर शायद कभी देखता भी नहीं. लेकिन स्टीव जॉब्स की तरह जॉन टर्नस का मानना था कि जब तक प्रोडक्ट का हर एक हिस्सा परफेक्ट न हो, तब तक बात नहीं बनती.
उन्होंने बताया कि रात के 12 बज चुके थे, वे घर से दूर थे और हाथ में मैग्नीफाइंग ग्लास (आवर्धक लेंस) लेकर पेंच के खांचे गिन रहे थे. वे सप्लायर से इस बात पर बहस कर रहे थे कि डिजाइन में 25 खांचे होने चाहिए थे, जबकि आपने 35 बनाकर दिए हैं.
उस वक्त उन्हें खुद लगा कि 'मैं यह क्या कर रहा हूं? क्या यह नॉर्मल है?' लेकिन फिर उन्होंने सोचा कि भले ही यह नॉर्मल न लगे, पर काम को सही तरीके से करना ही सबसे ज्यादा जरूरी है. उनके मुताबिक, जब आप किसी प्रोडक्ट को बनाने में महीनों की मेहनत डालते हैं, तो हर छोटी डिटेल मायने रखती है, चाहे कस्टमर का ध्यान उस पर जाए या न जाए.
कौन हैं Apple के नए CEO जॉन टर्नस?
अगर आप इंटरनेट पर जॉन टर्नस को सर्च करेंगे, तो आपको शुरुआत में बहुत कम जानकारी मिलेगी. वे सोशल मीडिया की चकाचौंध से काफी दूर रहते हैं. जब Apple ने उन्हें CEO बनाने का अनाउंसमेंट किया था, तब उनके LinkedIn अकाउंट पर प्रोफाइल पिक्चर तक नहीं लगी थी. हालांकि, नया पद संभालने के बाद उन्होंने X (ट्विटर) पर अपना अकाउंट बनाया और अपना पहला ट्वीट सिर्फ एक शब्द का किया- "hello".
भले ही वे सोशल मीडिया पर ज्यादा एक्टिव न रहे हों, लेकिन Apple के अंदर वे एक लेजेंड माने जाते हैं. जॉन साल 2001 में Apple की प्रोडक्ट डिजाइन टीम से जुड़े थे. 2013 में वे हार्डवेयर इंजीनियरिंग के VP बने और 2021 तक सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के पद पर पहुंच गए.
अपने लंबे करियर में उन्होंने iPhone, Mac, iPad, Apple Watch और AirPods जैसे लगभग हर बड़े Apple प्रोडक्ट के हार्डवेयर डिजाइन को लीड किया है. Mac कंप्यूटर्स में Apple की अपनी M-सीरीज चिप्स लाने का बड़ा क्रेडिट भी जॉन टर्नस को ही जाता है. रिपोर्ट्स की मानें तो CEO बनने से पहले वे कंपनी के जिन प्रोडक्ट्स की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, उनसे Apple की कुल कमाई का लगभग 80% हिस्सा आता था.
बिना भारी डिग्री के तय किया टॉप तक का सफर
जॉन टर्नस की यह कहानी आज के यूथ के लिए एक बड़ा मैसेज है कि आपकी स्किल, काम के प्रति जुनून और परफेक्शन की चाहत किसी भी डिग्री से बहुत बड़ी होती है. Apple से पहले वे 'वर्चुअल रिसर्च सिस्टम्स' नाम की कंपनी में मैकेनिकल इंजीनियर के तौर पर काम करते थे.
CEO का पद संभालते ही टर्नस ने अपने पहले ही दिन Apple की टीम को एक मैसेज भेजा. इसमें उन्होंने 9 सितंबर को होने वाले बड़े लॉन्च इवेंट का हिंट दिया और उसे 'माइंड-ब्लोइंग' बताया. माना जा रहा है कि इस इवेंट में Apple अपनी नई iPhone 18 Pro सीरीज के साथ अपना पहला iPhone Fold (फोल्डेबल आईफोन) पेश करने जा रहा है. 2007 में आए पहले iPhone के बाद से यह कंपनी का सबसे बड़ा प्रोडक्ट इनोवेशन होने वाला है, जिसे दुनिया के सामने जॉन टर्नस ही पेश करेंगे.