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कौन हैं अमन सेंगर? Elon Musk के साथ हुई $60 Billion की मेगा डील के बाद बन गए दुनिया के सबसे युवा टेक बिलियनेयर

25 वर्षीय भारतीय मूल के अमन सेंगर Elon Musk की SpaceX द्वारा उनकी AI कंपनी Anysphere (Cursor) को $60 Billion में खरीदे जाने के बाद दुनिया के सबसे युवा अरबपतियों में शामिल हो गए हैं. जानिए उनकी पूरी कहानी, नेट वर्थ और Elon Musk की इस बड़ी डील की वजह.

Written By Mohit Chaturvedi
Published: Sep 02, 2026, 02:47 PM IST | Updated: Sep 03, 2026, 10:36 AM IST
Image Credit: Aman Sanger
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आजकल AI का खुमार पूरी दुनिया पर छाया हुआ है. टेक इंडस्ट्री में हर दिन नए धमाके हो रहे हैं, लेकिन इस बार का धमाका इतना बड़ा है कि पूरी दुनिया देखती रह गई. भारतीय मूल के महज 25 साल के एक लड़के ने वो कर दिखाया है, जिसके बारे में बड़े-बड़े टेक दिग्गज भी सपने में ही सोच पाते हैं. हम बात कर रहे हैं अमन सेंगर (Aman Sanger) की, जिनकी बनाई कंपनी Anysphere और इसके हिट AI टूल Cursor को दुनिया के सबसे अमीर इंसान एलन मस्क (Elon Musk) की कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) ने खरीद लिया है.

यह डील कोई छोटी-मोटी डील नहीं है. स्पेसएक्स ने इस स्टार्टअप को 60 बिलियन डॉलर (यानी करीब 5 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा) की भारी-भरकम वैल्यूएशन पर खरीदा है. इस एक मेगा डील ने 25 साल के अमन सेंगर को रातों-रात दुनिया के सबसे कम उम्र के अरबपतियों की लिस्ट में ला खड़ा किया है.

आखिर कौन हैं 25 साल के यूथ आइकॉन अमन सेंगर?
अमन सेंगर भारतीय मूल के रहने वाले हैं और उन्होंने अमेरिका के मशहूर कॉलेज मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) से पढ़ाई की है. MIT में पढ़ाई के दौरान ही उनकी मुलाकात माइकल ट्रुएल (Michael Truell), सुलेह आसिफ (Sualeh Asif) और अरविद लुनमार्क (Arvid Lunnemark) से हुई. इन चारों दोस्तों की सोच एकदम अलग थी और यही सोच आगे चलकर इतिहास बनाने वाली थी.

अमन का फैमिली बैकग्राउंड भी काफी पढ़ा-लिखा और मजबूत रहा है. उनके पिता अरविंद सेंगर IIT बॉम्बे के पूर्व छात्र हैं और हेज-फंड इंडस्ट्री में एक बड़ा नाम हैं. उनकी मां शिल्पा सेंगर एक ऑर्थोडॉन्टिस्ट और एंटरप्रेन्योर हैं. अपनी खुद की कंपनी Anysphere शुरू करने से पहले अमन ने दुनिया की सबसे बड़ी इनवेस्टमेंट फर्म ब्रिजवाटर एसोसिएट्स और टेक जायंट गूगल (Google) में काम किया था. उन्होंने एक AI कंसल्टिंग स्टार्टअप भी चलाया था. फिलहाल वे अपनी कंपनी में चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) का रोल संभाल रहे हैं.

कॉलज के प्रोजेक्ट से Cursor AI तक का धमाकेदार सफर
साल 2022 में अमन सेंगर और उनके तीनों दोस्तों ने मिलकर Anysphere कंपनी की शुरुआत की. शुरुआत में उन्होंने AI के कई अलग-अलग इस्तेमाल पर रिसर्च की, लेकिन जल्द ही उन्हें कोडिंग करने वाले डेवलपर्स की एक बहुत बड़ी प्रॉब्लम समझ आ गई.

उस समय कोडिंग करते वक्त प्रोग्रामर्स को बार-बार अपने कोड एडिटर और AI चैटबॉट के बीच स्विच करना पड़ता था, जिससे काफी समय बर्बाद होता था. अमन और उनकी टीम ने सोचा कि क्यों न AI को सीधे कोडिंग स्क्रीन के अंदर ही फिट कर दिया जाए. बस इसी कूल आईडिया से जन्म हुआ Cursor AI का.

Cursor कोई नॉर्मल AI टूल नहीं है. यह सिर्फ 2 लाइन का कोड नहीं लिखता, बल्कि पूरे कोड बेस को एक बार में समझ लेता है. यह नए कोड लिख सकता है, गलतियां (Bugs) तुरंत पकड़ सकता है और आपकी नॉर्मल बोली जाने वाली भाषा के निर्देशों पर काम करता है. आजकल यूथ के बीच जो "Vibe Coding" का क्रेज चल रहा है- जहां आप बस AI को बताओ कि क्या बनाना है और AI पूरा कोड तैयार कर देता है- उसके पीछे Cursor का ही सबसे बड़ा हाथ है.

एलन मस्क की SpaceX ने क्यों लगाई 60 बिलियन डॉलर की बोली?
एलन मस्क काफी समय से AI की दुनिया में नंबर-1 बनने की तैयारी कर रहे हैं. SpaceX और Cursor के बीच अप्रैल 2026 में ही एक बड़ी पार्टनरशिप हुई थी. उस वक्त SpaceX के पास दो ऑप्शन थे- या तो वे $10 Billion की पार्टनरशिप करें या फिर $60 Billion देकर पूरी कंपनी ही खरीद लें. एलन मस्क ने बिना देर किए पूरी कंपनी खरीदने का ऑप्शन चुना.

अब Anysphere पूरी तरह से SpaceX की अपनी कंपनी बन जाएगी. एलन मस्क का प्लान अपने AI चैटबॉट Grok और Cursor AI के मॉडल्स को एक साथ मिलाकर एक ऐसा सुपर-इकोसिस्टम बनाने का है, जो दुनिया भर के डेवलपर्स की पहली पसंद बन जाए.

$60 Billion की डील के बाद अमन सेंगर की नेट वर्थ कितनी है?
डील पक्की होते ही अमन सेंगर और उनके तीनों दोस्त अरबपतियों के क्लब में शामिल हो गए हैं. फोर्ब्स (Forbes) की रिपोर्ट के मुताबिक, अमन सेंगर और उनके बाकी को-फाउंडर्स के पास कंपनी की लगभग 4.5% हिस्सेदारी (Stake) थी.

$60 Billion की टोटल वैल्यूएशन के हिसाब से देखें तो अमन सेंगर की पर्सनल नेट वर्थ अब करीब 2.7 बिलियन डॉलर (यानी लगभग 22,500 करोड़ रुपये) हो चुकी है. SpaceX के खरीदने से पहले ही इस कंपनी की वैल्यू $29.3 Billion तक पहुंच चुकी थी और एंड्रिसेन होरोविट्ज़ जैसे बड़े इन्वेस्टर्स ने भी इसमें पैसे लगाए थे.

दुनिया की 64% बड़ी कंपनियां कर रही हैं Cursor का इस्तेमाल
2022 से 2026 के बीच महज 4 सालों में Cursor AI ने जो ग्रोथ दिखाई है, वो किसी सपने जैसी लगती है. आज Nvidia, Adobe, Uber, Shopify और PayPal जैसी दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों के इंजीनियर्स अपना रोज़ का काम निपटाने के लिए Cursor का ही इस्तेमाल कर रहे हैं.

फॉर्च्यून 500 (Fortune 500) की 64% से ज्यादा कंपनियां अपने सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के लिए Cursor पर भरोसा करती हैं. MIT के एक छोटे से कमरे से शुरू हुआ यह आईडिया आज ग्लोबल टेक इंडस्ट्री पर राज कर रहा है और 25 साल के अमन सेंगर पूरे देश के यूथ के लिए एक मिसाल बन चुके हैं.

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About the Author

मोहित चतुर्वेदी डिजिटल न्यूज मीडिया में 16 से अधिक वर्षों का एक्सपीरियंस रखने वाले एक वरिष्ठ टेक जर्नलिस्ट हैं, जो वर्तमान में Zee News में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में टेक्नोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं. स्मार्टफोन रिव्यू, गैजेट एनालिसिस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सुरक्षा में गहरी विशेषज्ञता रखने वाले मोहित ने Apple, Samsung, OnePlus, Vivo और Xiaomi जैसे टॉप ब्रांड्स के फ्लैगशिप डिवाइसों का गहन और निष्पक्ष इन-डेप्थ रिव्यू किया है. अंतरराष्ट्रीय टेक इवेंट्स की ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव रखने वाले मोहित ने लंदन में 'Nothing Phone' और आयरलैंड के बेलफास्ट में 'Realme' के ग्लोबल लॉन्च इवेंट्स को कवर किया है, और इससे पहले वे NDTV, आजतक और दैनिक भास्कर जैसे देश के सबसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में टेक जर्नलिज्म और डिजिटल कंटेंट स्ट्रेटेजी में अहम भूमिकाएं निभा चुके हैं. जटिल तकनीकी बारीकियों को बेहद आसान भाषा में डिकोड करने के लिए पहचाने जाने वाले मोहित से सीधे Mohit.chaturvedi@zeemedia.com पर ईमेल के जरिए या उनके एक्स और इंस्टाग्राम हैंडल्स पर कनेक्ट किया जा सकता है.
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