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आज के इस डिजिटल दौर में WhatsApp हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है, लेकिन जब कभी ऐप में कोई तकनीकी समस्या आती है, तो हम तुरंत सपोर्ट टीम से मदद मांगने लग जाते हैं. लेकिन, क्या आपने कभी यह सोचा है कि जब आप WhatsApp सपोर्ट से समस्या को लेकल संपर्क करते हैं, तो आपकी शिकायत के साथ-साथ आपके फोन का कौन सा पर्सनल और टेक्निकल डेटा कंपनी के सिस्टम तक पहुंच जाता है?
अगर नहीं, तो यह जानना आपके लिए बहुत ही जरूरी है कि आपकी एक छोटी सी शिकायत के साथ आपके डिवाइस की प्राइवेसी से जुड़ी कई अंदरूनी जानकारियां भी WhatsApp सपोर्ट तक पहुंच जाती है. आइए जानते हैं कि जब आप WhatsApp सपोर्ट से कनेक्ट करते हैं, तो समाधान के साथ-साथ कंपनी को आपके फोन के बारे में क्या-क्या पता चल जाता है और इससे जुड़ी प्राइवेसी की पूरी सच्चाई क्या है:
जब आप WhatsApp की सपोर्ट टीम से कनेक्ट करते हैं, तो कंपनी आपकी समस्या से जुड़ी जानकारी के साथ आपका फोन नंबर या ईमेल एड्रेस ले सकती है. इसका इस्तेमाल आपकी समस्या को समझने और उसका समाधान देने के लिए किया जाता है. अगर आप WhatsApp ऐप के जरिए सपोर्ट टीम से संपर्क करते हैं, तो कंपनी आपकी समस्या को समझने के लिए कुछ अतिरिक्त जानकारी भी कलेक्ट कर सकती है. इसमें आपके फोन और WhatsApp से जुड़ी कई डिटेल शामिल होती हैं.
WhatsApp के अनुसार, सपोर्ट टीम से कनेक्ट करने पर कंपनी फोन नेटवर्क से जुड़ी जानकारी ले सकती है. इसमें आप किस मोबाइल ऑपरेटर और नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं, जैसी जानकारी शामिल हो सकती है.
इसके साथ ही डिवाइस की जानकारी भी ली जा सकती है. इसमें फोन का कॉन्फिगरेशन और डिवाइस में उपलब्ध स्टोरेज जैसी जरूरी डिटेल भी शामिल हैं. WhatsApp आपके डिवाइस की सेटिंग्स से जुड़ी जानकारी भी ले सकता है, जैसे फोन की भाषा और WhatsApp को दी गई परमिशन.
कंपनी बैकअप से जुड़ी जानकारी भी जान सकती है. इसमें बैकअप कितनी बार लिया जाता है और आखिरी बैकअप कब बनाया गया था, जैसी जानकारी हो सकती है.
इसके साथ ही WhatsApp ऐप का वर्जन और आपने WhatsApp के किन फीचर्स का इस्तेमाल किया है, इसकी जानकारी भी सपोर्ट टीम को मिल सकती है. कंपनी के अनुसार, इससे यह समझने में सहायता होती है कि समस्या या एरर किस जगह पर है.
WhatsApp ऐप के अंदर सपोर्ट टीम से चैट करने पर आपको WhatsApp के ऑफिशियल सपोर्ट अकाउंट से मैसेज मिलते हैं. इस अकाउंट पर वेरिफाइड बैज और Official Support Account का लेबल भी दिखाई देता है.
WhatsApp सपोर्ट से संपर्क करते समय यूजर्स को AI की मदद भी मिल सकती है. AI से मिलने वाले जवाब पर AI का लेबल दिखाई देता है, जिससे यूजर्स पहचान सकते हैं कि जवाब AI की ओर से आया है.
अगर आपको WhatsApp सपोर्ट के नाम से कोई मैसेज मिलता है, लेकिन उस अकाउंट पर वेरिफाइड बैज या Official Support Account का लेबल नहीं है, तो सावधान रहें. ऐसा मैसेज स्कैम हो सकता है. ऐसे नंबर या अकाउंट से आए मैसेज का जवाब न दें और उसे ब्लॉक या रिपोर्ट कर दें.
WhatsApp की ऑफिशियल वेबसाइट पर दिए गए कॉन्टैक्ट फॉर्म के जरिए भी सपोर्ट टीम से संपर्क किया जा सकता है. कंपनी के अनुसार, ईमेल के जरिए सपोर्ट से जवाब केवल @support.whatsapp.com पर खत्म होने वाले ईमेल एड्रेस से दिया जाता है.
वेबसाइट के कॉन्टैक्ट फॉर्म से समस्या बताते समय यूजर अपनी समस्या से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी भी दे सकता है. यूजर जो जानकारी कंटेंट या अटैचमेंट के तौर पर भेजता है, वह सपोर्ट टीम को भेजी जाती है.
WhatsApp यूजर्स सपोर्ट के दौरान AI से मिले जवाब पर अपना फीडबैक भी दे सकते हैं. इसके लिए AI के जवाब पर जाकर Menu में Good Answer या Bad Answer का विकल्प चुना जा सकता है. अगर WhatsApp कारण बताने के लिए कहता है, तो यूजर अपना फीडबैक Submit कर सकता है.