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जुकरबर्ग का अरबों डॉलर का दांव! Muse Wonder से क्या बदल जाएगा आपका WhatsApp और Instagram?

मेटा ने अपना सबसे पावरफुल एआई मॉडल Muse Wonder और Muse Wonder Full लॉन्च कर दिया है. Alexandr Wang की अगुवाई में बना यह मॉडल Active Memory और Active Focus फीचर्स से लैस है. जानिए यह OpenAI और Google को कैसे टक्कर देगा.

Written By Mohit Chaturvedi
Published: Oct 15, 2026, 12:57 PM IST | Updated: Oct 15, 2026, 01:00 PM IST
Image Credit: Meta
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मार्क जुकरबर्ग की कंपनी मेटा ने अपने अब तक के सबसे पावरफुल AI मॉडल म्यूज वंडर और म्यूज वंडर फुल को पेश कर दिया है. इससे पहले कंपनी ने अपना 'म्यूज' पर्सनल एजेंट लॉन्च किया था, जिसने मार्केट में काफी वाहवाही लूटी थी. लेकिन इस बार की कहानी कुछ अलग है. इस नए मॉडल को मेटा की स्पेशल 'सुपरइंटेलिजेंस टीम' ने तैयार किया है, जिसकी कमान Scale एआई के को-फाउंडर Alexandr Wang के हाथों में है. यह नया मॉडल सिर्फ सवाल-जवाब करने वाला साधारण चैटबॉट नहीं है, बल्कि यह आपके जटिल पर्सनल और प्रोफेशनल कामों को खुद-ब-खुद पूरा करने का दम रखता है. चाहे कोडिंग का उलझा हुआ ढांचा हो, लीगल डॉक्टूमेंट्स का झंझट हो या फिर महीनों पुराना कोई प्रोजेक्ट, म्यूज वंडर सब कुछ याद रखता है और उस पर ध्यान लगाकर काम खत्म करता है. तो आखिरकार क्या है यह 'म्यूज वंडर'? आइए बताते हैं...

क्या है मेटा का नया 'म्यूज वंडर' एआई मॉडल?
मेटा का म्यूज वंडर सबसे शक्तिशाली AI मॉडल है. इसे खास तौर पर एआई एजेंट्स को पावर देने के लिए बनाया गया है. यह दो वेरिएंट्स में आता है, पहला म्यूज वंडर और दूसरा इसका ज्यादा पावरफुल वर्जन म्यूज वंडर फुल. डेवलपमेंट के दौरान मेटा ने इसका कोड-नेम 'Watermelon' रखा था. इससे पहले मेटा ने म्यूज स्पार्क और म्यूज ग्लिमर जैसे मॉडल्स मार्केट में उतारे थे, लेकिन Muse Wonder को इन सबसे कई गुना आगे का जनरेशन माना जा रहा है. यह मॉडल सिर्फ आपके टेक्स्ट का जवाब नहीं देता, बल्कि अगर आप इसे कोई बड़ा और मुश्किल टास्क सौंप दें, तो यह बिना भटके उस काम को लगातार तब तक करता रहता है जब तक कि वह पूरा न हो जाए.

'Active Memory' और 'Active Focus' क्या हैं जो इसे सबसे अलग बनाते हैं
AI मॉडल्स की सबसे बड़ी समस्या यह रही है कि वे पुरानी बातचीत को बहुत जल्दी भूल जाते हैं या लंबे प्रोजेक्ट्स के दौरान अपने ट्रैक से भटक जाते हैं. मेटा ने इस समस्या का तोड़ निकाल लिया है और म्यूज वंडर में दो फीचर्स जोड़े हैं.

एक्टिव मेमोरी: इस फीचर की मदद से यह AI मॉडल हफ्तों या महीनों पुरानी बातचीत के संदर्भ को भी याद रख सकता है. यानी अगर आपने एक महीने पहले किसी प्रोजेक्ट की रूपरेखा बनाई थी, तो यह आज भी उसे याद रखकर अगली प्लानिंग करेगा. यह समझता है कि कौन सी पुरानी जानकारी कब और कहां काम आने वाली है.

एक्टिव फोकस: यह फीचर AI एजेंट्स को किसी मुश्किल काम पर लगातार ध्यान केंद्रित रखने में मदद करता है. अगर काम के बीच में कोई रुकावट या एरर आता है, तो यह AI हार मानने के बजाय अलग-अलग तरीके ढूंढता है. अगर इसे कोई कन्फ्यूजन होता है, तो यह यूजर से क्लैरिफिकेशन मांगता है और कोई भी बड़ा कदम उठाने से पहले यूजर की परमिशन लेता है.

जुकरबर्ग का बड़ा टर्नअराउंड और अरबों डॉलर का निवेश
अगर हम थोड़ा पीछे जाएं तो एक समय ऐसा आया था जब OpenAI और Google की तुलना में मेटा का AI डिपार्टमेंट थोड़ा सुस्त पड़ गया था. लेकिन इसके बाद मार्क जुकरबर्ग ने आक्रामक रणनीति अपनाई. पिछले 14 महीनों के दौरान उन्होंने दुनिया भर से टॉप AI टैलेंट को अपनी कंपनी में शामिल किया. Scale AI के फाउंडर Alexandr Wang को अपनी सुपरइंटेलिजेंस टीम का हेड बनाना इसी रणनीति का हिस्सा था.

इसके अलावा मेटा ने अपने डेटा सेंटर्स और AI इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए सैकड़ों अरबों डॉलर बहाए हैं. मेटा का लक्ष्य साधारण यूजर्स तक सुपरइंटेलिजेंस पहुंचाना है. जहां बाकी कंपनियां एंटरप्राइज और बिजनेस यूजर्स पर ज्यादा फोकस कर रही हैं, वहीं मेटा अपने Instagram, WhatsApp और Messenger के विशाल नेटवर्क के जरिए करोड़ों आम लोगों तक इसे पहुंचाने की तैयारी में है.

म्यूज वंडर की ट्रेनिंग और इसके पीछे की साइंस
मेटा ने खुलासा किया है कि इस नए मॉडल को उसके विशाल 'Prometheus Data Centre' में ट्रेन किया गया है, जो गीगावाट-स्केल की पावर पर चलता है. इसे ट्रेन करने के लिए दुनिया भर की दर्जनों भाषाओं के मल्टीलिंगुअल डेटासेट्स का इस्तेमाल किया गया है ताकि यह दुनिया के किसी भी कोने में रहने वाले यूजर की भाषा और कल्चर को समझ सके.

इनपुट की बात करें तो म्यूज वंडर टेक्स्ट, इमेज, वीडियो और वॉइस चारों तरह के इनपुट ले सकता है. हालांकि इसका आउटपुट फिलहाल सिर्फ टेक्स्ट फॉर्मेट में आता है. इसके पास 1 मिलियन टॉकेन्स का बड़ा कॉन्टेक्स्ट विंडो (Context Window) है, जिसका मतलब है कि आप इसे सैकड़ों पन्नों की किताब या कोड का विशाल ढांचा एक बार में पढ़ने के लिए दे सकते हैं.

क्या-क्या कर सकता है यह नया AI, जानिए इसकी कोर कैपेबिलिटीज
म्यूज वंडर की कैपेबिलिटीज सिर्फ चैटिंग तक सीमित नहीं हैं. मेटा ने इसके कुछ बहुत ही कमाल के इस्तेमाल का डेमो दिया है.

एडवांस कोडिंग: यह पूरे सॉफ्टवेयर के कोडबेस को ट्रैक कर सकता है, उसमें जरूरी बदलाव कर सकता है और बार-बार टेस्ट करके बग्स को खुद ही फिक्स कर सकता है.

पर्सनल प्लानिंग और हाउस हंटिंग: डेमो में देखा गया कि यह AI यूजर्स के लिए नया घर ढूंढने, शहर शिफ्ट होने की पूरी प्लानिंग करने और अलग-अलग वेब ऐप्स के बीच तालमेल बिठाकर काम करने में सक्षम है.

प्रोफेशनल और लीगल वर्क्स: फाइनेंस से जुड़े बड़े एनालिसिस, लीगल डॉक्यूमेंट्स तैयार करना और इंश्योरेंस क्लेम की प्रोसेस को ऑटोमेट करने जैसे गंभीर काम यह चुटकियों में निपटा सकता है.

बेंचमार्क रिपोर्ट्स में कैसा रही म्यूज वंडर की परफॉर्मेंस
बिना सबूतों के AI की दुनिया में किसी की बात नहीं मानी जाती. 'Intelligence Index' नाम की एक इंडिपेंडेंट बेंचमार्क रिपोर्ट में म्यूज वंडर के नतीजे हैरान करने वाले रहे हैं.

रीजनिंग, नॉलेज और कोडिंग के मामले में वंडर फुल ने 56 का स्कोर हासिल किया है.

इस स्कोर के साथ इसने Anthropic के Claude Sonnet 5.5 की बराबरी कर ली है.

सबसे बड़ी बात यह है कि इसने OpenAI के GPT-6 Astra, Google के Gemini 4 Argon और Anthropic के Claude Fable 5.1 को पीछे छोड़ दिया है.

सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के मामले में SWE-Marathon बेंचमार्क पर Wonder Full ने 57.5 का स्कोर बनाया, जबकि Claude Opus 5.5 को 46.3 और GPT-6 Astra को महज 42.5 स्कोर ही मिला.

हालांकि, हेल्थ और मेडिकल से जुड़े सवालों में Claude Opus 5.5 अभी भी इससे थोड़ा आगे है.

इसका इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं और क्या है इसकी कीमत
फिलहाल मेटा ने इस मॉडल को डेवलपर्स और एंटरप्राइज यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया है. डेवलपर्स इसे मेटा Model API और Muse Code के जरिए एक्सेस कर सकते हैं.

API की कीमत: एंटरप्राइज डेवलपर्स के लिए इनपुट डेटा की कीमत 4 डॉलर प्रति मिलियन टॉकेन्स और आउटपुट डेटा की कीमत 20 डॉलर प्रति मिलियन टॉकेन्स रखी गई है.

Muse Wonder Full: यह टॉप वेरिएंट केवल Muse Code के सब्सक्राइबर्स के लिए ही उपलब्ध है.

आम यूजर्स के लिए: जल्द ही मेटा अपने सबसे ज्यादा डाउनलोड किए जाने वाले Muse AI ऐप में इसे जोड़ेगा, लेकिन शुरुआत में इसका एक्सेस सिर्फ ऐप सब्सक्राइबर्स को ही मिलेगा.

सेफ्टी, प्राइवेसी और सुरक्षा के इंतजाम
जैसे-जैसे AI मॉडल्स पावरफुल हो रहे हैं, उनके गलत इस्तेमाल का खतरा भी बढ़ रहा है. मेटा का दावा है कि म्यूज वंडर में CBRN (केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर) खतरों और साइबर अटैक से निपटने के लिए अब तक के सबसे कड़े सेफ्टी गार्डरेल्स लगाए गए हैं.

कंपनी का कहना है कि यह उनका अब तक का सबसे ज्यादा 'अलाइन्ड' (Aligned) यानी इंसानी मूल्यों के हिसाब से चलने वाला मॉडल है. सेफ्टी से जुड़ी एक विस्तृत रिपोर्ट कंपनी जल्द ही जारी करेगी.

सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां और बीती गलतियां
हालांकि मेटा का ट्रैक रिकॉर्ड प्राइवेसी के मामले में थोड़ा विवादित रहा है. हाल ही में अगस्त 2026 में सेफ्टी टेस्टिंग के दौरान मेटा के एक AI एजेंट ने गलती से एक थर्ड-पार्टी सर्विस को हैक कर लिया था, जिसकी वजह एक टेस्टिंग सर्वर की गलत सेटिंग्स बताई गई थी. इसके अलावा कर्मचारियों के कंप्यूटर मूवमेंट्स से AI को ट्रेन करने के मेटा के कदम पर भी काफी बवाल हुआ था जिसे बाद में रोक दिया गया था. ऐसे में कई रिसर्चर्स और यूजर्स यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या वे अपने पर्सनल और फाइनेंस से जुड़े प्राइवेट डेटा पर मेटा के AI को इतना भरोसा दे सकते हैं.

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About the Author

मोहित चतुर्वेदी डिजिटल न्यूज मीडिया में 16 से अधिक वर्षों का एक्सपीरियंस रखने वाले एक वरिष्ठ टेक जर्नलिस्ट हैं, जो वर्तमान में Zee News में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में टेक्नोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं. स्मार्टफोन रिव्यू, गैजेट एनालिसिस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सुरक्षा में गहरी विशेषज्ञता रखने वाले मोहित ने Apple, Samsung, OnePlus, Vivo और Xiaomi जैसे टॉप ब्रांड्स के फ्लैगशिप डिवाइसों का गहन और निष्पक्ष इन-डेप्थ रिव्यू किया है. अंतरराष्ट्रीय टेक इवेंट्स की ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव रखने वाले मोहित ने लंदन में 'Nothing Phone' और आयरलैंड के बेलफास्ट में 'Realme' के ग्लोबल लॉन्च इवेंट्स को कवर किया है, और इससे पहले वे NDTV, आजतक और दैनिक भास्कर जैसे देश के सबसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में टेक जर्नलिज्म और डिजिटल कंटेंट स्ट्रेटेजी में अहम भूमिकाएं निभा चुके हैं. जटिल तकनीकी बारीकियों को बेहद आसान भाषा में डिकोड करने के लिए पहचाने जाने वाले मोहित से सीधे Mohit.chaturvedi@zeemedia.com पर ईमेल के जरिए या उनके एक्स और इंस्टाग्राम हैंडल्स पर कनेक्ट किया जा सकता है.
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