आपका घर बना हैकर्स का अड्डा! स्मार्ट फ्रिज और वाई-फाई राउटर कर रहा है आपकी जासूसी, घर का हर कोना खतरे में
स्मार्ट फ्रिज, टीवी और वाई-फाई राउटर हैक करके हैकर्स आपके घर में घुस रहे हैं. जानिए हालिया साइबर हमलों का सच और अपने स्मार्ट गैजेट्स को सेफ रखने के आसान टिप्स.
सोचिए, आप रात को सुकून से सो रहे हैं और अचानक आपके स्मार्ट बेडरूम का एयर कंडीशनर 50 डिग्री पर चलने लगे, या फिर रसोई का स्मार्ट फ्रिज अचानक सामान को ठंडा करने के बजाय गरम करके आग लगा दे. सुनने में किसी Sci-Fi थ्रिलर फिल्म का सीन लगता है न? लेकिन बॉस, यह कोई फिल्म नहीं बल्कि असली दुनिया में हो रहा एक नया साइबर क्राइम का खौफनाक मंजर है.
हाल ही में यूरोप के कुछ बड़े सुपरमार्केट्स में कुछ ऐसा ही हुआ. फ्रांस और बेल्जियम के सैकड़ों स्टोर्स में हैकर्स ने सिस्टम में घुसकर फ्रीजर्स का तापमान अचानक 50 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ा दिया. नतीजा? करोड़ों रुपये का खाना खराब हो गया और कई जगह तो आग तक लग गई. हम सब अपने घरों को 'स्मार्ट' बनाने की होड़ में लगे हैं. स्मार्ट टीवी, स्मार्ट डोरबेल, वाई-फाई से चलने वाला फ्रिज, एसी और यहां तक कि ब्लूटूथ वाला टूथब्रश भी. लेकिन कभी आपने सोचा है कि जिस इंटरनेट से ये सब चलते हैं, वही इंटरनेट आपके घर का दरवाजा हैकर्स के लिए खोल रहा है?
क्या सच में आपका स्मार्ट फ्रिज भी हैक हो सकता है?
इसका सीधा और सिंपल जवाब है- हां, बिल्कुल हो सकता है. कोई भी ऐसी मशीन जो इंटरनेट से जुड़ती है, चाहे वो ऐप से चले, ब्लूटूथ से कनेक्ट हो या वाई-फाई से, उसमें हैकर्स के लिए एंट्री का एक न एक रास्ता जरूर होता है. अगर उस डिवाइस का सॉफ्टवेयर थोड़ा सा भी कमजोर है, तो हैकर आसानी से उसमें सेंध लगा सकता है.
साल 2015 में ही साइबर एक्सपर्ट्स ने लास वेगास की एक बड़ी कॉन्फ्रेंस में दिखाया था कि कैसे एक पॉपुलर ब्रांड के स्मार्ट फ्रिज को हैक करके उसके जरिए इंटरनेट डेटा को बीच में ही चुराया जा सकता है. हैकर्स को हमेशा आपके फ्रिज में रखे दूध या ब्रेड से मतलब नहीं होता. वे उस कमजोर फ्रिज का इस्तेमाल आपके घर के वाई-फाई में घुसने के लिए करते हैं ताकि वहां से आपका लैपटॉप या फोन हैक किया जा सके.
आपके घर के कौन-कौन से गैजेट्स हैकर्स के निशाने पर हैं?
अगर आपको लगता है कि सिर्फ आपका फोन या कंप्यूटर ही हैक हो सकता है, तो आप बहुत बड़ी गलतफहमी में हैं. हैकर्स उन गैजेट्स को ज्यादा निशाना बनाते हैं जिन पर आप बिल्कुल ध्यान नहीं देते.
स्मार्ट फ्रिज, ओवन और वाशिंग मशीन: इन मशीनों का सॉफ्टवेयर अक्सर बहुत बेसिक होता है. अगर हैकर इसमें घुस जाए तो वो इसका टेम्परेचर बदल सकता है, मोटर खराब कर सकता है या आग लगवा सकता है.
सिक्योरिटी कैमरा और वीडियो डोरबेल: सोचिए, अगर आपके बेडरूम या लिविंग रूम का कैमरा किसी अनजान हैकर के कंट्रोल में आ जाए? वो आपकी पर्सनल लाइफ की लाइव स्ट्रीमिंग देख सकता है.
स्मार्ट लॉक और अलार्म सिस्टम: हैकर्स अगर स्मार्ट लॉक के सिस्टम को ओवरराइड कर दें, तो चोरों को बिना चाबी के आपके घर का दरवाजा खुला मिल जाएगा.
स्मार्ट एसी और थर्मोस्टैट: घर के तापमान को एकदम से बहुत ज्यादा या बहुत कम करके आपके इलेक्ट्रॉनिक्स को डैमेज किया जा सकता है.
वाई-फाई राउटर: डेटा के मुताबिक, स्मार्ट होम पर होने वाले साइबर हमलों में 75% से ज्यादा हमले वाई-फाई राउटर के जरिए होते हैं. क्योंकि राउटर ही आपके घर के हर डिवाइस का मेन गेट है.
स्मार्ट टूथब्रश और वियरेबल्स: जी हां, आजकल दांत साफ करने वाले ब्रश भी ब्लूटूथ से आते हैं. अगर उनमें सिक्योरिटी वीक है, तो वे भी हैकर्स के लिए एक छोटा सा रास्ता बन सकते हैं.
हैकर्स आपके गैजेट का कंट्रोल लेकर क्या-क्या कर सकते हैं?
जब कोई साइबर क्रिमिनल आपके स्मार्ट डिवाइस में घुस जाता है, तो वो कई तरह के काले कारनामे कर सकता है:
आपकी जासूसी: अगर आपके किसी डिवाइस में माइक या कैमरा है, तो हैकर आपकी बातें सुन सकता है और आपकी फोटो/वीडियो रिकॉर्ड कर सकता है.
घर का सामान खराब करना: जैसे सुपरमार्केट के फ्रीजर्स का तापमान 50 डिग्री कर दिया गया, वैसे ही आपके घर के एसी, फ्रिज या ओवन का गलत इस्तेमाल करके घर में आग लगाई जा सकती है.
नेटवर्क में घुसपैठ: फ्रिज या कैमरे के रास्ते हैकर आपके होम वाई-फाई में दाखिल होता है और फिर आपके फोन से बैंक डिटेल्स, पासवर्ड और पर्सनल चैट्स चुरा लेता है.
बॉटनेट बनाना: हैकर्स हजारों स्मार्ट गैजेट्स को हैक करके एक नेटवर्क बनाते हैं और फिर किसी बड़ी कंपनी की वेबसाइट को ठप करने के लिए उन डिवाइस का इस्तेमाल करते हैं.
क्या चलती हुई कार और बिजली-पानी का सिस्टम भी हैक हो सकता है?
यह सुनकर शायद आपकी रूह कांप जाए, लेकिन यह सच है.
2015 में साइबर रिसर्चर्स ने एक चलती हुई जीप कार को उसके इंटरनेट वाले एंटरटेनमेंट सिस्टम के जरिए रिमोटली कंट्रोल करके दिखा दिया था. हैकर्स ने कार के ब्रेक, स्टीयरिंग और इंजन तक का कंट्रोल ले लिया था. इसके बाद कंपनी को 14 लाख से ज्यादा गाड़ियां वापस बुलानी पड़ी थीं और उनका सॉफ्टवेयर अपडेट करना पड़ा था.
इसी तरह हाल ही में Kia गाड़ियों में भी एक ऐसी कमी पाई गई थी, जिससे सिर्फ नंबर प्लेट के जरिए कार को ट्रैक, अनलॉक और स्टार्ट किया जा सकता था. हालांकि कंपनी ने इसे तुरंत ठीक कर दिया था.
अगर बात करें शहर की बिजली या पानी की सप्लाई की, तो ये सिस्टम भी पूरी तरह से इंटरनेट से अछूते नहीं हैं. हालांकि, इनमें बहुत ज्यादा सिक्योरिटी लेयर्स होती हैं, इसलिए इन्हें हैक करना घर के वाई-फाई राउटर को हैक करने जितना आसान नहीं होता. लेकिन खतरा हमेशा बना रहता है.
स्मार्ट गैजेट्स को हैकर्स से बचाने के 6 Hacks
पासवर्ड बदलें: जब आप नया गैजेट खरीदते हैं, तो उसका पासवर्ड अक्सर 'admin' या '1245' होता है. इसे तुरंत बदलकर एक मजबूत और नया पासवर्ड बनाएं.
Two-Factor Authentication ऑन करें: जिस भी स्मार्ट ऐप में 2FA का ऑप्शन हो, उसे चालू रखें. इससे बिना OTP के कोई ऐप लॉगिन नहीं कर पाएगा.
सॉफ्टवेयर अपडेट करें: जैसे ही ऐप या गैजेट का नया अपडेट आए, उसे तुरंत अपडेट करें. कंपनियां अपडेट में सुरक्षा की कमियों को ही ठीक करती हैं.
पुराने गैजेट्स को कहें अलविदा: अगर आपका कोई स्मार्ट डिवाइस इतना पुराना हो गया है कि कंपनी अब उसके लिए अपडेट नहीं भेजती, तो उसे बदल देना ही बेहतर है.
राउटर को सुपर-सेक्योर बनाएं: अपने वाई-फाई राउटर का पासवर्ड हर कुछ महीनों में बदलें और उसका फर्मवेयर हमेशा अपडेट रखें.
स्मार्ट गैजेट्स के लिए अलग वाई-फाई नेटवर्क बनाएं: अपने राउटर में एक 'Guest Network' बनाएं. स्मार्ट फ्रिज, टीवी और कैमरों को उस गेस्ट नेटवर्क से जोड़ें और अपने पर्सनल फोन व लैपटॉप को मेन वाई-फाई से. इससे अगर कोई फ्रिज हैक भी कर ले, तो भी आपके फोन तक नहीं पहुंच पाएगा.