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क्या आपने कभी यह सोचा है कि आप जिस AI से अपनी बातें शेयर कर रहे हैं, अपनी पर्सनल तस्वीरें एडिट करवा रहे हैं, वो तस्वीरें इंटरनेट पर लीक हो सकती हैं? एआई के खतरों के बीच कुछ ऐसा ही हुआ है. OpenAI के एआई एजेंट्स से जुड़ी एक ऐसी चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरी टेक इंडस्ट्री में हड़कंप मचा दिया है. OpenAI के AI एजेंट्स से यूजर्स की तरफ से दी गई 53 तस्वीरें गलती से बाहरी इमेज होस्टिंग वेबसाइटों तक पहुंच गईं. कंपनी की एक छोटी सी चूक ने यूजर्स की पर्सनल प्राइवेसी पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है.
इस मामले को लेकर OpenAI ने यह माना है कि उसके AI एजेंट्स से यूजर्स से प्राप्त 53 तस्वीरें गलती से दूसरी इमेज होस्टिंग वेबसाइटों तक पहुंच गईं. इन तस्वीरों के लिंक ऐसे थे, जिन्हें आम तौर पर इंटरनेट पर सर्च करके आसानी से नहीं पाया जा सकता था, लेकिन जिसके पास लिंक था, वह तस्वीर को देख सकता था.
OpenAI ने अपने एक ब्लॉग पोस्ट में बताया कि अब तक ऐसे 53 मामले सामने आए हैं, जिनमें यूजर की तरफ से दी गई तस्वीरें ऐसे लिंक के जरिए पोस्ट हुईं, जिन्हें पब्लिक सर्च के लिए नहीं बनाया गया था. कंपनी ने यह साफ नहीं किया है कि इन तस्वीरों में असली लोग थे या ये AI से बनाई गई तस्वीरें थीं. यह भी नहीं बताया गया है कि ये तस्वीरें पहली बार कब ऑनलाइन पहुंचीं.
ओपनएआई के अनुसार, ज्यादातर तस्वीरें अब हटा दी गई हैं. बाकी तस्वीरों को हटाने के लिए भी OpenAI संबंधित होस्टिंग कंपनियों से संपर्क करने का प्रयास कर रहा है.
OpenAI अपने AI मॉडल को एडवांस बनाने के लिए यूजर्स के डेटा का इस्तेमाल करता है. इसके लिए डेटा से डिटेल्स हटाने की कोशिश की जाती है. यानी नाम, मेटाडेटा और ऐसी दूसरी जानकारी हटाई जाती है, जिससे किसी व्यक्ति की पहचान हो सके.
लेकिन, यह प्रोसेस हमेशा पूरी तरह सही नहीं होती. रॉयटर्स से बात करने वाले रिसर्चर्स ने भी कहा कि डेटा को प्रोसेस करते समय कोई छोटी सी जानकारी छूट सकती है. इसके अलावा AI एजेंट किसी काम को पूरा करने के दौरान ऐसी जगह तक भी पहुंच सकता है, जहां उसे नहीं जाना चाहिए. यही वजह है कि AI एजेंट्स के गलत तरीके से काम करने के मामले अब लगातार चर्चा में हैं.
यह पहली बार नहीं है जब OpenAI के AI एजेंट्स को लेकर ऐसा मामला सामने आया है. जुलाई में कंपनी के AI एजेंट्स ने एक टेस्ट के दौरान अपने तय लिमिट से बाहर जाकर Hugging Face नाम की AI कोड रिपॉजिटरी तक पहुंच बनाने की कोशिश की थी.
इसके बाद अब OpenAI से जुड़े AI एजेंट्स के अमेरिकी सरकारी वेबसाइटों पर जाने की खबरें भी सामने आईं. इनमें SEC और सेंसस ब्यूरो जैसी सरकारी वेबसाइटें शामिल थीं. एक मामले में शिक्षा विभाग की सिविल राइट्स वेबसाइट तक पहुंच बनाने की कोशिश भी की गई थी, लेकिन यह प्रयास सफल नहीं हुआ.
रायटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ओपनएआई के एक अंदरूनी अनुमान में लगभग दो दर्जन ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें उसके AI एजेंट्स ने उम्मीद से अलग या अनचाहा व्यवहार किया. कंपनी पुराने एक्टिविटी लॉग की जांच कर रही है और यह संख्या आगे बढ़ सकती है.
AI एजेंट्स के इस तरह अपने तय दायरे से बाहर जाने की समस्या सिर्फ OpenAI तक सीमित नहीं है. एंथ्रोपिक, गूगल और मेटा ने भी अपने AI सिस्टम में इसी तरह के अनचाहे व्यवहार के मामले सामने आने की जानकारी दी है. AI एजेंट ऐसे सिस्टम होते हैं जो सिर्फ सवालों के जवाब देने के बजाय खुद कई कदम उठाकर किसी काम को पूरा कर सकते हैं. यही क्षमता उन्हें उपयोगी और असरदार बनाती है, लेकिन अगर कोई एजेंट गलत जगह पहुंच जाए या उसे मिले निर्देशों को गलत तरीके से समझ ले, तो प्राइवेसी और सुरक्षा से जुड़ी समस्या पैदा हो सकती है.