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अगर आप वाइल्डलाइफ या बर्ड फोटोग्राफी के शौकीन हैं और नया कैमरा लेंस खरीदने का सोच रहे हैं, तो आपके लिए Nikon ने शानदार ऑप्शन पेश किया है. फोटोग्राफर्स को अक्सर किसी दूर बैठे पक्षी की साफ और डीटेल्ड फोटो खींचने में परेशानी का सामना कर सकते हैं. थोड़ा सा कैमरा हिला नहीं कि परफेक्ट फ्रेम हाथ से निकल जाता है. इसी परेशानी को दूर करने के लिए Nikon ने भारतीय मार्केट में अपना नया और दमदार NIKKOR Z 120-300mm f/2.8 TC VR S लेंस लॉन्च कर दिया है. लगभग 15 लाख रुपये की कीमत वाले इस प्रीमियम लेंस की सबसे बड़ी खासियत इसका इन-बिल्ट 1.4x टेलीकन्वर्टर है, जो दूर-दराज में छिपे पक्षियों और जंगली जानवरों की सटीक तस्वीर लेना बहुत ही आसान काम बना देता है.
इस लेंस में एक ऐसी सुविधा दी गई है, जिसके लिए आमतौर पर फोटोग्राफर्स को अलग से उपकरण रखना पड़ता है. दरअसल, इसमें 1.4x टेलीकन्वर्टर पहले से लगा हुआ है. इसकी मदद से 120-300mm की फोकल लेंथ को बढ़ाकर 168-420mm किया जा सकता है. यानी दूर की चीजों को कैमरे में ज्यादा करीब से कैद करने के लिए लेंस बदलने की जरूरत नहीं होगी. Nikon का कहना है कि यह दुनिया का पहला ऐसा इंटरचेंजेबल जूम लेंस है, जिसमें f/2.8 का स्थिर अपर्चर और इन-बिल्ट 1.4x टेलीकन्वर्टर दिया गया है. इसकी कीमत 14,99,995 रुपये रखी गई है.
नए लेंस का वजन 2,735 ग्राम है. सुनने में यह वजन भी कम नहीं लगता, लेकिन पुराने मॉडल के मुकाबले इसमें करीब 515 ग्राम की कमी की गई है. Nikon ने साल 2020 में AF-S NIKKOR 120-300mm f/2.8E FL ED SR VR लेंस पेश किया था. नया मॉडल उसी का हल्का वर्जन है और इसमें टेलीकन्वर्टर भी अंदर ही मिलता है. कम रोशनी में तस्वीरें लेने के लिए इसमें f/2.8 अपर्चर दिया गया है. सुबह और शाम के वक्त जंगल में फोटो खींचने वालों को इसका फायदा मिल सकता है.
तेजी से भागते जानवर या उड़ते पक्षी की तस्वीर लेते समय फोकस चूकना आम बात है. Nikon ने इस लेंस में Silky Swift VCM ऑटोफोकस सिस्टम लगाया है. इससे तेजी से मूव करने वाले सब्जेक्ट को ट्रैक करने में मदद मिलेगी. स्पोर्ट्स और एक्शन फोटोग्राफी में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है. लेंस में Meso Amorphous Coat और ARNEO Coat भी दिए गए हैं, जो तेज रोशनी के कारण तस्वीर में आने वाली चमक और फ्लेयर को कम करते हैं. इसके अलावा VR तकनीक कैमरे के हिलने से होने वाले असर को घटाती है. Synchro VR सपोर्ट वाले कैमरे के साथ यह 6.5 स्टॉप तक स्टेबिलाइजेशन देता है. बॉडी की बात करें तो इसमें मैग्नीशियम अलॉय का इस्तेमाल हुआ है. धूल और पानी की बूंदों से बचाने के लिए खास सीलिंग भी दी गई है.
Nikon का यह लेंस 15 नवंबर 2026 से भारत में कस्टमर्स खरीद सकेंगे, हालांकि यह अभी ऑफिशियल डेट नहीं है. इसे कंपनी के आउटलेट्स से खरीदा जा सकेगा. यह Nikon के फुल फ्रेम FX फॉर्मेट मिररलेस कैमरों के साथ काम करेगा.