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लोकतंत्र के महापर्व में मतदान के प्रति जुनून और अपने गांव के भविष्य के प्रति जिम्मेदारी की एक प्रेरणादायक तस्वीर झुंझुनूं जिले की ग्राम पंचायत बदनगढ़ में देखने को मिली. यहां सरपंच पद के चुनाव में वोट डालने के लिए 64 वर्षीय सावित्री देवी ने अपनी शारीरिक परेशानी को भी आड़े नहीं आने दिया. दोनों पैरों में रॉड लगी होने के बावजूद वह एंबुलेंस से करीब 950 किलोमीटर का सफर तय कर बड़ौदा से अपने पैतृक गांव बदनगढ़ पहुंचीं.
64 वर्षीय सावित्री देवी ने अपने पैतृक गांव बदनगढ़ पहुंचीं और मतदान कीं. उनका यह जज्बा क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया. सावित्री देवी पत्नी स्वर्गीय भागीरथमल शर्मा मूल रूप से बदनगढ़ की निवासी हैं. वर्तमान में उनका परिवार बड़ौदा में व्यवसाय करता है और वह अपने व्यवसायी बेटे विनोद शर्मा के साथ वहीं रहती हैं.
पंचायत चुनाव में मतदान करने के लिए वह अपने सुपुत्र एवं समाजसेवी विनोद शर्मा, पुत्रवधू राधा शर्मा व अनिता शर्मा तथा पौत्र सचिन शर्मा, शिवानी और हर्ष के साथ गांव पहुंचीं. दोनों पैरों में रॉड लगी होने के कारण उनके लिए सामान्य तरीके से यात्रा करना आसान नहीं था. इसके बावजूद उन्होंने मतदान के अपने अधिकार को प्राथमिकता दी और एंबुलेंस के जरिए लंबी दूरी तय कर अपने गांव पहुंचीं. सावित्री देवी का यह कदम बताता है कि लोकतंत्र में एक-एक वोट की कितनी अहमियत है. उनका जज्बा उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है, जो छोटी-मोटी परेशानियों के कारण मतदान से दूरी बना लेते हैं.
बदनगढ़ ग्राम पंचायत में सरपंच पद की सीट सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित है. चुनाव के दौरान लोकतंत्र की एक और खूबसूरत तस्वीर सामने आई, जब सरपंच पद की सभी छह महिला प्रत्याशी एक साथ नजर आईं. चुनावी प्रतिस्पर्धा के बीच महिला प्रत्याशियों की यह तस्वीर आपसी सम्मान और लोकतांत्रिक भावना का संदेश देती दिखाई दी. राजस्थान में पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के तहत बदनगढ़ ग्राम पंचायत में मतदान को लेकर मतदाताओं में उत्साह देखने को मिला.
गांव के मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शाम 6 बजे तक ग्राम पंचायत में करीब 75 प्रतिशत मतदान हुआ. बदनगढ़ में सावित्री देवी की मतदान के प्रति प्रतिबद्धता और छह महिला प्रत्याशियों का एक साथ नजर आना चुनावी माहौल की दो खास तस्वीरें रहीं. एक ओर सावित्री देवी ने लंबा सफर तय कर लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई, तो दूसरी ओर महिला प्रत्याशियों ने एक साथ नजर आकर स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा की मिसाल पेश की.
Reporter- Sandeep Kedia