भाषा चुनें
  • Hindi
  • English
  • Marathi
  • Bengali
  • Tamil
  • Malayalam
  • Gujarati
  • Telugu
  • Kannada
  • Odisha
  • Z Bharat
  • ZEE PHH
  • ZEE Business
  • WION
राज्य चुनें
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • मध्य प्रदेश
  • छत्‍तीसगढ़
  • हरियाणा
  • दिल्ली
  • बिहार
  • झारखण्ड
  • राजस्‍थान
  • हिमाचल प्रदेश
  • हिन्दीEnglishमराठीবাংলাதமிழ்മലയാളംગુજરાતીతెలుగుಕನ್ನಡଓଡ଼ିଶାZ BharatPHHBusinessWION
  • facebookyoutubetwitterlinkedinwhatsapp
Zee News Hindi
App
Zee News Hindi
  • News
  • वीडियो
  • फोटोज़
  • रील्स
  • लाइव ब्लॉग
  • राज्य चुनें

Add Zee Business As A Preferred Source
App
  • लेटेस्ट न्यूज़
  • देश
  • खेल
  • दुनिया
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • ओरिजनल
  • टेक
  • धर्म
  • ऑटो
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • राशिफल
  • LIVE टीवी
  • लेटेस्ट न्यूज़
  • देश
  • खेल
  • दुनिया
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • ओरिजनल
  • टेक
  • धर्म
  • ऑटो
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • राशिफल
  • ज़ी न्यूज़ हिंदी
  • /टेक
  • /217 साल से दबी खूनी जंग की गुप्त फाइल लीक! AI ने तोड़ा नेपोलियन का वो सीक्रेट कोड, जिस राज पर मौत का सन्नाटा पसरा रहा

217 साल से दबी खूनी जंग की गुप्त फाइल लीक! AI ने तोड़ा नेपोलियन का वो सीक्रेट कोड, जिस राज पर मौत का सन्नाटा पसरा रहा

217 साल पुराने नेपोलियन बोनापार्ट के दौर के एक गुप्त कोड वाले पत्र को AI ने सिर्फ 6 घंटे में डिकोड कर दिया है. जानिए कैसे AI ने इस 1809 के सीक्रेट मिलिट्री मैसेज को पढ़ा और इसमें कौन से युद्ध के राज छिपे थे.

Written ByMohit Chaturvedi
Published: Oct 13, 2026, 01:16 PM IST|Updated: Oct 13, 2026, 01:18 PM IST
joinshare
217 साल से दबी खूनी जंग की गुप्त फाइल लीक! AI ने तोड़ा नेपोलियन का वो सीक्रेट कोड, जिस राज पर मौत का सन्नाटा पसरा रहा
Image Credit: Napoleon

About the Author

Mohit Chaturvedi

Mohit Chaturvedi

मोहित चतुर्वेदी डिजिटल न्यूज मीडिया में 16 से अधिक वर्षों का एक्सपीरियंस रखने वाले एक वरिष्ठ टेक जर्नलिस्ट हैं, जो वर्तमान में Zee News में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में टेक्नोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं. स्मार्टफोन रिव्यू, गैजेट एनालिसिस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सुरक्षा में गहरी विशेषज्ञता रखने वाले मोहित ने Apple, Samsung, OnePlus, Vivo और Xiaomi जैसे टॉप ब्रांड्स के फ्लैगशिप डिवाइसों का गहन और निष्पक्ष इन-डेप्थ रिव्यू किया है. अंतरराष्ट्रीय टेक इवेंट्स की ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव रखने वाले मोहित ने लंदन में 'Nothing Phone' और आयरलैंड के बेलफास्ट में 'Realme' के ग्लोबल लॉन्च इवेंट्स को कवर किया है, और इससे पहले वे NDTV, आजतक और दैनिक भास्कर जैसे देश के सबसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में टेक जर्नलिज्म और डिजिटल कंटेंट स्ट्रेटेजी में अहम भूमिकाएं निभा चुके हैं. जटिल तकनीकी बारीकियों को बेहद आसान भाषा में डिकोड करने के लिए पहचाने जाने वाले मोहित से सीधे Mohit.chaturvedi@zeemedia.com पर ईमेल के जरिए या उनके एक्स और इंस्टाग्राम हैंडल्स पर कनेक्ट किया जा सकता है.
Read More

ट्रेंडिंग

  • न्यूज़
  • फोटो
  • वीडियो
चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का बिहार पर दिखेगा असर, 28 अक्टूबर से बारिश के आसार, 29 को पूरे राज्य में 'ऑरेंज अलर्ट'

चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का बिहार पर दिखेगा असर, 28 अक्टूबर से बारिश के आसार, 29 को पूरे राज्य में 'ऑरेंज अलर्ट'

2

PM मोदी के पिता पर टिप्पणी से गरमाई सियासत: गजेंद्र सिंह शेखावत और अतुल भंसाली ने कांग्रेस को घेरा

3

SBI-PNB-HDFC में 16 दिन नहीं होगा काम! चेक करें नवंबर में कब-कब बंद रहेंगे बैंक?

4

एटम बम का घमंड धड़ाम: भारत की परमाणु पावर से 'जिन्नालैंड' में हड़कंप; बिलबिला उठे सियासतदान

5

BJP vs Congress: 1 नवंबर को कांग्रेस की रैली के जवाब में बीजेपी करेगी पदयात्रा

logo
  • contact us
  • privacy policy
  • legal
  • investor info
  • advertise with us
© 1998-2026 Indiadotcom Digital Private Limited, All Rights Reserved.

दुनिया के सबसे मशहूर तानाशाह और सेनापति नेपोलियन बोनापार्ट के दौर की एक बेहद गुप्त मिलिट्री चिट्ठी को AI ने पूरी तरह से डिकोड कर दिया है. इस लेटर के सामने आते ही इतिहास की किताबों के कई पन्नों से धूल हट गई है और 1809 के महायुद्ध का एक सबसे बड़ा राज दुनिया के सामने आ गया है.

217 साल पुराना वह रहस्यमयी लिफाफा
बात साल 1809 की है जब पूरा यूरोप जंग के मुहाने पर खड़ा था. फ्रांस के महान सेनापति नेपोलियन बोनापार्ट की सेनाएँ पूरे यूरोप में अपना परचम लहरा रही थीं. उसी दौर में इटली के वायसराय प्रिंस यूजीन डी ब्यूहर्नाइस के हेडक्वार्टर से एक बेहद सीक्रेट लेटर जारी किया गया था. यह लेटर नेपोलियन के हुक्म पर फ्रांसीसी जनरल ऑगस्ट डी मारमोंट को भेजा गया था. इस खत में सेना की गुप्त स्थिति और युद्ध की रणनीति लिखी हुई थी. दुश्मनों के हाथ लगने के डर से इस पूरे खत को एक खास तरह के गुप्त कोड यानी साइफर (Cypher) में लिखा गया था. युद्ध खत्म हो गया, नेपोलियन का दौर बीत गया और दो सदियां गुजर गईं, लेकिन उस खत में क्या लिखा था, यह कोई नहीं जान सका.

जब इंसानी दिमाग हार गया और AI जीत गया
पिछले 217 सालों में दुनिया भर के दर्जनों शोधकर्ताओं और क्रिप्टोग्राफर्स ने इस खत के पन्ने पर बने अजीबोगरीब निशानों को डिकोड करने की कोशिश की. कई लोगों ने तो अपनी पूरी जिंदगी इस कोड को सुलझाने में लगा दी, लेकिन किसी को भी पूरी कामयाबी नहीं मिली. हर कोई इस जटिल कोड के आगे घुटने टेकने पर मजबूर हो गया. लेकिन अब 21वीं सदी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने वह कर दिखाया जो इंसान 22 दशकों में नहीं कर पाए थे. साइबर सिक्योरिटी कंपनी सेंटीनलवन (SentinelOne) के एक होनहार इंजीनियर कार्टर चर्च ने इस नामुमकिन काम को मुमकिन बना दिया.

AI ने सिर्फ 6 घंटे में कैसे किया यह चमत्कार
कार्टर चर्च ने इस काम के लिए OpenAI के एडवांस्ड AI मॉडल GPT-6 Astra का इस्तेमाल किया. इस AI ने इस जटिल कोड को सुलझाने के लिए किसी इंसान की तरह सोचना शुरू किया.

स्टेप 1 (इमेज रीडिंग): सबसे पहले AI ने 217 साल पुरानी चिट्ठी की इमेज को बहुत ध्यान से पढ़ा. उसने पूरी शीट को अलग-अलग पंक्तियों में काटा और हाथ से लिखे गए 175 अलग-अलग निशानों की पहचान की.

स्टेप 2 (सिंबल मैचिंग): AI ने यह तय किया कि इनमें से कौन-कौन से सिंबल एक ही अक्षर के लिए दो बार लिखे गए हैं.

स्टेप 3 (कोड ब्रेकिंग): सिंबल्स की पहचान करने के बाद AI ने होमॉफोनिक सब्स्टिट्यूशन साइफर (Homophonic Substitution Cypher) का एनालिसिस शुरू किया. उसने कोड लिखा, इतिहास के पुराने रिकॉर्ड्स से मिलान किया और सिर्फ 6 घंटे के अंदर पूरा खत डिकोड कर दिया.

आखिर क्या लिखा था नेपोलियन के उस सीक्रेट खत में?
जब AI ने इस लेटर को डिकोड करके उसका अनुवाद किया, तो उसमें छिपा 1809 के युद्ध का सबसे बड़ा राज बाहर आ गया. खत में लिखा था कि ऑस्ट्रिया की सेना फ्रांस पर हमला करने की तैयारी कर रही थी, जबकि फ्रांसीसी सेना का एक बड़ा हिस्सा स्पेन में फंसा हुआ था. ऐसे में नेपोलियन ने अपने जनरल मारमोंट को ऑस्ट्रियाई हमलों से सावधान रहने और सेना की सही स्थिति बताने के लिए यह गुप्त संदेश भेजा था.

1809 की इतिहास की तारीख भी बदल गई
इस खत के डिकोड होने से सिर्फ कोड ही नहीं टूटा, बल्कि इतिहास की एक बड़ी तारीख का भी सुधार हो गया. डिकोड किए गए मैसेज में सैनिकों की संख्या, अधिकारियों के पद और उनकी लोकेशन का मिलान करके इंजीनियर कार्टर चर्च ने यह साबित कर दिया कि यह खत मार्च 1809 के आखिरी हफ्ते में लिखा गया था. यानी ऑस्ट्रिया द्वारा फ्रांस पर हमला करने से ठीक दो हफ्ते पहले यह सीक्रेट मैसेज भेजा गया था. इससे पहले इतिहासकार इस खत की सही तारीख को लेकर असमंजस में थे.

दुनिया के सबसे बड़े कोड-ब्रेकिंग एक्सपर्ट्स ने दी मंजूरी
जब कार्टर चर्च ने इस शोध को सार्वजनिक किया, तो दुनिया भर के शोधकर्ता हैरान रह गए. टोक्यो के मशहूर शोधकर्ता सतोशी तोमोकियो, जो दुनिया भर के ऐतिहासिक गुप्त कोड्स का सबसे बड़ा डेटाबेस 'क्रिप्टियाना' (Cryptiana) चलाते हैं, उन्होंने इस सॉल्यूशन की जांच की. उन्होंने AI द्वारा निकाले गए जवाब को बिल्कुल सही पाया और अपने रिकॉर्ड में इस 217 साल पुरानी समस्या को "Solved" यानी पूरी तरह से सुलझा हुआ घोषित कर दिया.

इतिहास को समझने का जरिया अब बदल जाएगा
यह सिर्फ एक चिट्ठी का डिकोड होना नहीं है, बल्कि यह इस बात का सबूत है कि आने वाले समय में इतिहास को कैसे पढ़ा जाएगा. दुनिया भर के संग्रहालयों और अभिलेखागारों में ऐसे लाखों ऐतिहासिक दस्तावेज पड़े हैं जो ऐसे ही जटिल कोड्स या मिट चुकी लिखावट की वजह से आज तक अनसुलझे हैं. AI की इस ताकत से अब सदियों पुराने दबे हुए राज बहुत तेजी से बाहर आएंगे. प्राचीन राजाओं की गुप्त नीतियां, युद्ध के सीक्रेट प्लान्स और गायब हो चुकी सभ्यताओं के रहस्य अब बहुत जल्द हमारे सामने होंगे.

इंसानी दिमाग Vs आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
नेपोलियन बोनापार्ट अपने दौर में दुश्मनों को चकमा देने के लिए सबसे कठिन साइफर कोड्स का इस्तेमाल करने के लिए जाने जाते थे. उनका मानना था कि उनके कोड्स को कोई भी दुश्मन कभी नहीं तोड़ पाएगा. 200 सालों तक नेपोलियन का यह दावा सच भी साबित हुआ क्योंकि कोई भी इंसानी दिमाग उनके कोड को नहीं तोड़ पाया. लेकिन 21वीं सदी के AI ने यह साबित कर दिया कि डेटा और पैटर्न को समझने में वह इंसानी दिमाग से बहुत आगे निकल चुका है. जिस काम में इंसानों की कई पीढ़ियां खप गईं, उसे AI ने महज 360 मिनट में खत्म कर दिया.

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:
Artificial Intelligence