AI की रफ्तार धीमी करने पर भिड़े टेक दिग्गज: अमोदेई, मस्क और ऑल्टमैन चाहते हैं ब्रेक, पर जुकरबर्ग ने क्यों किया इनकार?
AI की बढ़ती शक्ति के बीच एआई की रफ्तार धीमी करने को लेकर टेक दिग्गजों में अलग-अलग राय देखने को मिल रही है. अमोदेई, मस्क और ऑल्टमैन जहां ब्रेक लगाने के पक्ष में हैं, वहीं जुकरबर्ग ने कंपनियों को खुद सुरक्षा करने की सलाह दी है.
टेक जगत में इन दिनों AI की बढ़ती शक्ति को लेकर बहस छिड़ी हुई है. एक ओर जहां कई बड़ी टेक कंपनियों के दिग्गज एआई के विकास में ब्रेक लगाने की वकालत कर रहे हैं, वहीं इसी सेक्टर की बड़ी कंपनी Meta के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने इसके बिल्कुल उलट रुख अपनाया है. जुकरबर्ग ने AI डेवलपमेंट को धीमा करने की किसी भी जरूरत को सिरे से खारिज कर दिया है.
हाल ही में एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई ने टेक जगत से अपील की थी कि AI के बढ़ते कदम रोके जाने चाहिए और इसके लिए एक तीन सूत्रीय योजना भी पेश की थी. हैरानी की बात यह है कि OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन और बिजनेसमैन एलन मस्क ने भी इस विचार से सहमति जताई थी. लेकिन जुकरबर्ग ने इसके उलट बात कही है.
AI कंपनियां खुद उठा सकती हैं सुरक्षा के कदम
जुकरबर्ग ने X पर एक पोस्ट के जरिए अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि AI कंपनियों को सुरक्षा से जुडे कदम उठाने के लिए पूरी इंडस्ट्री के बीच किसी समझौते का इंतजार करने की जरूरत नहीं है. मार्क के अनुसार हर AI लैब की जिम्मेदारी है कि वह अपने मॉडल को सुरक्षित तरीके से ट्रेन करे और इसके लिए जरूरी कदम खुद उठा सके.
जुकरबर्ग का कहना है कि AI कंपनियों के पास अपने सिस्टम को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने का कारण भी है. यूजर्स और मार्केट की ओर से कंपनियों पर लगातार ऐसे AI सिस्टम तैयार करने का प्रेशर है, जिन पर लोग भरोसा कर सकें और साथ ही साथ यूजर्स की जरूरत भी पूरी हो सके.
भरोसेमंद AI को बताया जरूरी
Meta CEO ने AI मॉडल और एजेंट्स के लिए ट्रस्ट और अलाइनमेंट को बहुत जरूरी बताया. मार्क का मानना है कि आने वाले समय में यही क्षमताएं AI सिस्टम के बीच अंतर पैदा करेंगी. सरल शब्दों में कहें तो AI अलाइनमेंट का मतलब यह है कि AI सिस्टम इंसानों की जरूरतों, निर्देशों और अपेक्षाओं के अनुसार काम करे.
Last month I wrote about how we can build a positive and safe future for everyone: https://t.co/1KtONlqBs5
Every lab has the responsibility and incentive to move at the pace required to train its models safely, and the ability to take its own actions to ensure that happens.
The…— Mark Zuckerberg (@finkd)
जुकरबर्ग के अनुसार अगर कोई टेक कंपनी AI के अलाइनमेंट और भरोसे पर पर्याप्त ध्यान नहीं देती है, तो वह उन कंपनियों से पीछे रह सकती है जो ज्यादा भरोसेमंद AI सिस्टम तैयार कर रही हैं. इस कारण से कंपनियों के पास खुद ही अपने AI मॉडल की सुरक्षा और भरोसेमंद प्रदर्शन पर काम करने का कारण मौजूद है.
स्वतंत्र एक्सपर्ट्स से जांच की जरूरत
जुकरबर्ग ने AI की सुरक्षा के लिए स्वतंत्र एक्सपर्ट्स से जांच और सलाहकारों की भूमिका पर भी जोर दिया. मार्क के अनुसार AI कंपनियों को अपने सिस्टम की जांच और रिव्यू के लिए स्वतंत्र एक्सपर्ट्स की मदद लेनी चाहिए. इससे AI मॉडल की क्षमताओं और संभावित जोखिमों को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिल सकती है.
उन्होंने कंप्यूटिंग संसाधनों के इस्तेमाल को भी AI सुरक्षा से जोडा. जुकरबर्ग के मुताबिक कंपनियों को अपनी कंप्यूटिंग क्षमता का बडा हिस्सा लोगों को AI सेवाएं देने में लगाना चाहिए, बजाय इसके कि वे लगातार AI को खुद में सुधार करने की दौड में लगा दें.