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150 गुना सस्ता और 125 गुना रॉकेट जैसी स्पीड... क्या OpenAI की बादशाहत खत्म करने आ गया है भारत का खुफिया हथियार?

भारत के टेक एंटरप्रेन्योर सैम पसुपालक ने SKY-001 नाम का एक ऐसा AI मॉडल पेश किया है जो GPT-6 Astra जैसे बड़े मॉडल्स को टक्कर दे रहा है. 150 गुना सस्ता और बेहद तेज यह AI इंजीनियरिंग और CAD-BIM डिजाइनिंग में क्रांति ला रहा है.

Written By Mohit Chaturvedi
Published: Oct 21, 2026, 07:00 AM IST | Updated: Oct 21, 2026, 07:10 AM IST
Image Credit: SKY 001
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AI का नाम आता है तो सबसे पहले OpenAI का नाम लिया जाता है या फिर अमेरीकी कंपनी का नाम जुबान पर आ जाता है. लेकिन एक भारतीय ने OpenAI के सबसे एडवांस्ड मॉडल को धूल चटा दी है, और वो भी 150 गुना कम कीमत में? जी हां, यह कोई कहानी नहीं बल्कि सच है. भुबनेश्वर के रहने वाले सैम पसुपालक ने SKY-001 नाम का ऐसा AI टूल तैयार किया है, जिसने पूरी दुनिया के टेक गुरुओं को सोचने पर मजबूर कर दिया है.

टेक की दुनिया में नया भूचाल
स्काईफॉल AI के को-फाउंडर और CEO सैम पसुपालक ने एक नया AI मॉडल पेश किया है. इस मॉडल का नाम SKY-001 रखा गया है. दावा किया जा रहा है कि यह AI मॉडल दुनिया के सबसे खतरनाक और एडवांस्ड AI मॉडल्स जैसे GPT-6 Astra को भी पछाड़ सकता है और वो भी बहुत ही मामूली खर्च पर.

क्या है AI मॉडल में खास?
SKY-001 को खास तौर पर इंजीनियरिंग और आर्किटेक्चर से जुड़े कामों के लिए बनाया गया है. यह कंप्यूटर-एडेड डिजाइन (CAD) और बिल्डिंग इंफॉर्मेशन मॉडलिंग (BIM) जैसे पेचीदा कामों को पलक झपकते ही अंजाम दे सकता है. अब तक जो AI मॉडल काम कर रहे थे, वे कई बार डिजाइन तो बना देते थे लेकिन उनमें काम आने वाले छोटे-छोटे पार्ट्स गायब हो जाते थे. लेकिन SKY-001 ऐसा नहीं करता. यह किसी भी पूरे प्रोजेक्ट को एक साथ बनाने के बजाय छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर काम करता है.

यह AI काम कैसे करता है?
जब भी किसी बड़ी कार, मशीन या गैजेट का डिजाइन बनाना होता है, तो SKY-001 सबसे पहले उस पूरे प्रोडक्ट को अलग-अलग हिस्सों और कॉम्पोनेंट्स में तोड़ देता है. इसके बाद यह हर एक पार्ट का स्केच, उसका विजुअल और उसे बनाने का पूरा तरीका स्टेप-बाय-स्टेप तैयार करता है. ठीक यही तरीका यह बिल्डिंग्स के डिजाइन यानी BIM में भी अपनाता है. यह एक मकान या बिल्डिंग के नक्शे को अलग-अलग कमरों और यूनिट्स में बांट देता है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि अगर किसी प्रोजेक्ट में हजारों स्टेप्स भी शामिल हों, तो भी कोई गलती नहीं होती और पूरी डिजाइन एकदम सटीक बनती है.

SKY-001 बनाम GPT-6 Astra: आंकड़े क्या कहते हैं?
सैम पसुपालक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने टेस्ट के रिजल्ट शेयर किए हैं. इन आंकड़ों को देखकर हर कोई हैरान है.

स्पीड का मुकाबला: सैम के मुताबिक SKY-001 टेस्ट किए गए अन्य बड़े AI मॉडल्स की तुलना में 51 से 125 गुना ज्यादा तेज है.

कीमत का अंतर: अगर खर्च की बात करें तो SKY-001 दूसरे मॉडल्स से 150 से 210 गुना ज्यादा सस्ता है. CAD डिजाइन के एक काम के लिए जहां GPT-6 Astra लगभग $0.75 (डॉलर) वसूलता है, वहीं SKY-001 का खर्च मात्र $0.005 आता है.

एक्युरेसी: एक्युरेसी के मामले में SKY-001 ने 79.7 परसेंट स्कोर किया, जबकि GPT-6 Astra का स्कोर 79.1 परसेंट था. यानी एक्युरेसी में भी यह मॉडल थोडा आगे ही रहा. हालांकि यह बात ध्यान रखने वाली है कि ये नतीजे खुद स्काईफॉल AI की टीम के टेस्ट पर आधारित हैं और अभी किसी बाहरी एजेंसी ने इनकी जांच नहीं की है.

18 महीने की दिन-रात की मेहनत
इस गजब के टेक टूल को बनाने में सैम पसुपालक और उनकी पूरी टीम को करीब 18 महीने का वक्त लगा. जब उन्होंने इस टूल के बेंचमार्क नतीजे दुनिया के सामने रखे, तो टेक एक्सपर्ट्स दंग रह गए. हालांकि यह टूल अभी खास तौर पर इंजीनियरिंग कामों के लिए ही टेस्ट किया गया है, इसलिए इसे आम बातचीत वाले AI टूल से तुलना करना थोड़ा जल्दबाजी होगी. लेकिन इंजीनियरिंग के फील्ड में इसने वाकई कमाल कर दिखाया है.

कौन हैं सैम पसुपालक?
चलिए अब बात करते हैं इस मास्टरमाइंड बंदे की जिसने यह कमाल किया है. सैम पसुपालक मूल रूप से ओडिशा के भुबनेश्वर के रहने वाले हैं और फिलहाल वे अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में रहते हैं.

उन्होंने साल 2011 में कनाडा की मशहूर यूनिवर्सिटी ऑफ वॉटरलू से मैथमेटिक्स और कंप्यूटर साइंस में बैचलर्स डिग्री हासिल की. इसके बाद 2019 में उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से मास्टर्स की पढ़ाई पूरी की.

वॉटरलू में पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने रोबोटिक्स, आर्टिफिशल इंटेलिजेंस और ह्यूमन-कंप्यूटर इंटरैक्शन जैसी एडवांस्ड तकनीकों पर काम करना शुरू कर दिया था.

सैम का पुराना रिकॉर्ड भी रहा है धमाकेदार
सैम पसुपालक कोई नए नाम नहीं हैं. 2025 में स्काईफॉल AI शुरू करने से पहले वे 2011 में 'मालूबा' (Maluuba) नाम के एक AI रिसर्च स्टार्ट-अप के को-फाउंडर और CEO रह चुके हैं. मालूबा इतना शानदार स्टार्ट-अप था कि दिग्गज कंपनी टेक जायंट माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) ने 2017 में उसे खरीद लिया था. मालूबा में काम करते हुए सैम ने कई बेहतरीन रिसर्चर्स और इंजीनियर्स की टीम को लीड किया था, जो नेचुरल लैंग्वेज और AI पर काम करते थे.

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About the Author

मोहित चतुर्वेदी डिजिटल न्यूज मीडिया में 16 से अधिक वर्षों का एक्सपीरियंस रखने वाले एक वरिष्ठ टेक जर्नलिस्ट हैं, जो वर्तमान में Zee News में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में टेक्नोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं. स्मार्टफोन रिव्यू, गैजेट एनालिसिस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सुरक्षा में गहरी विशेषज्ञता रखने वाले मोहित ने Apple, Samsung, OnePlus, Vivo और Xiaomi जैसे टॉप ब्रांड्स के फ्लैगशिप डिवाइसों का गहन और निष्पक्ष इन-डेप्थ रिव्यू किया है. अंतरराष्ट्रीय टेक इवेंट्स की ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव रखने वाले मोहित ने लंदन में 'Nothing Phone' और आयरलैंड के बेलफास्ट में 'Realme' के ग्लोबल लॉन्च इवेंट्स को कवर किया है, और इससे पहले वे NDTV, आजतक और दैनिक भास्कर जैसे देश के सबसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में टेक जर्नलिज्म और डिजिटल कंटेंट स्ट्रेटेजी में अहम भूमिकाएं निभा चुके हैं. जटिल तकनीकी बारीकियों को बेहद आसान भाषा में डिकोड करने के लिए पहचाने जाने वाले मोहित से सीधे Mohit.chaturvedi@zeemedia.com पर ईमेल के जरिए या उनके एक्स और इंस्टाग्राम हैंडल्स पर कनेक्ट किया जा सकता है.
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