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खुद दीपफेक का शिकार हुआ यह भारतीय छात्र, फिर बनाई ऐसी AI टेक्नोलॉजी, जिससे अब बड़े-बड़े हैकर्स भी कांप रहे

16 साल के वैष्णव आनंद खुद दीपफेक का शिकार हुए तो उन्होंने 'DeepTrust' नाम का गजब AI टूल बना दिया. जानिए कैसे यह ऐप फेक वीडियो और फोटो का पर्दाफाश करता है.

Written By Mohit Chaturvedi
Published: Sep 21, 2026, 07:32 AM IST | Updated: Sep 21, 2026, 07:34 AM IST
Image Credit: DeepTrust AI
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आजकल इंटरनेट और सोशल मीडिया की दुनिया में AI टेक्नोलॉजी जितनी तेजी से आगे बढ़ रही है, उतना ही इसका गलत इस्तेमाल भी बढ़ रहा है. किसी की भी फोटो या वीडियो को AI की मदद से इस तरह एडिट कर दिया जाता है कि असली और नकली में फर्क करना लगभग नामुमकिन हो जाता है. इसे ही 'दीपफेक' कहा जाता है. कई बार लोग इसका शिकार होकर पूरी तरह टूट जाते हैं, लेकिन कैलिफोर्निया के 16 साल के एक स्कूली छात्र वैष्णव आनंद ने हार मानने के बजाय एक ऐसा कदम उठाया जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया. खुद दीपफेक का शिकार होने के बाद वैष्णव ने एक ऐसा AI टूल बना डाला जो पलक झपकते ही नकली वीडियो और फोटो का पर्दाफाश कर देता है. आइए जानते हैं वैष्णव के इस 'DeepTrust' टूल और उनकी इंस्पायरिंग कहानी के बारे में.

जब खुद का फर्जी वीडियो बना तो हिल गए वैष्णव
यह पूरी बात अगस्त 2024 की है जब वैष्णव आनंद कैलिफोर्निया के 'द एथेनियन स्कूल' में पढ़ाई कर रहे थे. उस समय उनकी उम्र सिर्फ 16 साल थी. एक दिन वो खुद एक दीपफेक घटना का शिकार हो गए. जब उन्होंने देखा कि कैसे AI की मदद से किसी की पहचान और भरोसे को सेकंडों में नुकसान पहुंचाया जा सकता है, तो उन्हें गहरा झटका लगा. लेकिन रोने या डरने की जगह उन्होंने इस समस्या को जड़ से खत्म करने की ठान ली. उन्होंने सोचा कि जब उनके साथ ऐसा हो सकता है, तो दुनिया में न जाने कितने लोग रोज इसका शिकार हो रहे होंगे.

जन्म हुआ 'DeepTrust' का
वैष्णव ने उसी समय 'DeepTrust' नाम के एक प्रोजेक्ट पर काम करना शुरू कर दिया. उनका मकसद एक ऐसा सिस्टम बनाना था जो नकली फोटो, वीडियो, ऑडियो और मीडिया का आसानी से पता लगा सके. उन्होंने केवल लैब के नियमों या किताबी ज्ञान पर भरोसा नहीं किया, बल्कि असली दुनिया की मुश्किलों पर ध्यान दिया. अक्सर जब कोई वीडियो वॉट्सऐप या सोशल मीडिया पर शेयर होता है, तो उसकी क्वालिटी खराब या कंप्रेस हो जाती है. वैष्णव ने अपने AI को इस तरह तैयार किया कि वीडियो खराब क्वालिटी का हो या किसी नए AI टूल से बनाया गया हो, यह उसे तुरंत पकड़ लेता है.

पेटेंट वाली टेक्नोलॉजी 'क्वाड-स्ट्रीम'
जैसे-जैसे वैष्णव का यह प्रोजेक्ट आगे बढ़ा, उन्होंने इसमें एक खास टेक्नोलॉजी जोड़ी जिसे 'क्वाड-स्ट्रीम अप्रोच' कहा जाता है. यह सिस्टम किसी भी वीडियो या फोटो को देखने के साथ-साथ उसकी गहराई और बारीक फ्रीक्वेंसी की जांच करता है. उनकी यह रिसर्च इतनी अनोखी है कि इसके लिए उन्होंने पेटेंट भी अप्लाई किया हुआ है. वैष्णव की नजर सिर्फ आम फोटो-वीडियो तक ही सीमित नहीं रही, उन्होंने यह भी देखा कि कैसे AI से फर्जी सेटेलाइट तस्वीरें बनाकर दुनिया को गुमराह किया जा सकता है. उनकी इस रिसर्च को IEEE जैसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में भी सराहा गया है.

आम लोगों और बुजुर्गों के लिए 'AITruthCheck' ऐप
वैष्णव जानते थे कि आम जनता, छात्रों और बुजुर्गों के लिए कोडिंग या मुश्किल सॉफ्टवेयर समझना आसान नहीं होता. इसलिए उन्होंने 'AITruthCheck.app' नाम का एक टूल बनाया. इसे इस्तेमाल करने के लिए मोबाइल में कोई भारी-भरकम ऐप इंस्टॉल करने की जरूरत नहीं पड़ती. कोई भी यूजर वेबसाइट पर जाकर आसानी से किसी भी मीडिया फाइल को चेक कर सकता है कि वो असली है या नकली. इस टूल को अब कई स्कूलों में भी टेस्ट किया जा रहा है ताकि बच्चे और टीचर्स साइबर क्राइम से सुरक्षित रह सकें.

16 साल का छात्र बना ग्लोबल स्टार
2024 में 16 साल की उम्र में शुरू हुआ यह सफर आज एक बड़े मुकाम पर पहुंच चुका है. वैष्णव का यह टूल अब सिर्फ एक स्कूल प्रोजेक्ट नहीं रहा, बल्कि एक बड़ी AI रिसर्च बन चुका है. उनके इस स्टार्टअप को 'ब्लू ओशियन एंटरप्रेन्योरशिप कम्पटीशन 2026' में टॉप 100 ग्लोबल फाइनलिस्ट और 'कॉनराड चैलेंज 2026' में दुनिया के टॉप 5 फाइनलिस्ट में जगह मिली है. वैष्णव की यह कहानी हर उस इंसान के लिए मिसाल है जो मुसीबत के सामने घुटने टेकने के बजाय उसे अपनी ताकत बना लेता है.

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About the Author

मोहित चतुर्वेदी डिजिटल न्यूज मीडिया में 16 से अधिक वर्षों का एक्सपीरियंस रखने वाले एक वरिष्ठ टेक जर्नलिस्ट हैं, जो वर्तमान में Zee News में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में टेक्नोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं. स्मार्टफोन रिव्यू, गैजेट एनालिसिस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सुरक्षा में गहरी विशेषज्ञता रखने वाले मोहित ने Apple, Samsung, OnePlus, Vivo और Xiaomi जैसे टॉप ब्रांड्स के फ्लैगशिप डिवाइसों का गहन और निष्पक्ष इन-डेप्थ रिव्यू किया है. अंतरराष्ट्रीय टेक इवेंट्स की ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव रखने वाले मोहित ने लंदन में 'Nothing Phone' और आयरलैंड के बेलफास्ट में 'Realme' के ग्लोबल लॉन्च इवेंट्स को कवर किया है, और इससे पहले वे NDTV, आजतक और दैनिक भास्कर जैसे देश के सबसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में टेक जर्नलिज्म और डिजिटल कंटेंट स्ट्रेटेजी में अहम भूमिकाएं निभा चुके हैं. जटिल तकनीकी बारीकियों को बेहद आसान भाषा में डिकोड करने के लिए पहचाने जाने वाले मोहित से सीधे Mohit.chaturvedi@zeemedia.com पर ईमेल के जरिए या उनके एक्स और इंस्टाग्राम हैंडल्स पर कनेक्ट किया जा सकता है.
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