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किसानों को SMS, टीचर्स को फ्री ट्रेनिंग और बिजनेस को फंडिंग, Google के नए AI प्लान में क्या-क्या?

Google ने भारत में AI के इस्तेमाल को और भी ज्यादा बढ़ावा देने के लिए कई नई पार्टनरशिप की है. इसके तहत किसानों को खेती से जुड़ी सलाह, टीचर्स को फ्री ट्रेनिंग शामिल है. कंपनी का फोकस आम लोगों तक AI का फायदा पहुंचाने पर है.

Written ByUdbhav Tripathi
Published: Oct 17, 2026, 09:01 AM IST|Updated: Oct 17, 2026, 09:25 AM IST
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किसानों को SMS, टीचर्स को फ्री ट्रेनिंग और बिजनेस को फंडिंग, Google के नए AI प्लान में क्या-क्या?
Image Credit: गूगल AI इंडिया प्लान

About the Author

Udbhav Tripathi

Udbhav Tripathi

उद्भव त्रिपाठी जी न्यूज डिजिटल में सब एडिटर हैं. वह जुलाई 2025 में जी न्यूज से जुड़े. साइंस और ऑटो-टेक की खबरें लोगों तक पहुंचाने का काम करते हैं. उन्होंने अब तक Samsung, Realme और  Vivo जैसे स्मार्टफोन्स के रिव्यू किए हैं. 2025 के बिहार चुनाव में इन्होंने लाइव खबरें चलाई थी जो लोगों को काफी पसंद आई थी. इनकी खबरें काफी भरोसेमंद होती हैं. इससे पहले वे हरिभूमि में काम कर चुके हैं. जहां उन्होंने टेक, एक्सप्लेनर और देश दुनिया पर भी काम किया. इनकी पढ़ाई की बात करें तो इन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मॉस कम्यूनिकेशन में PG कर रखा है. अगर आपको इनसे बात करनी है, तो आप udbhavtripaathi@gmail.com पर जुड़ सकते हैं.
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आज के डिजिटल दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI अब लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बनता जा रहा है. टेक्नोलॉजी अब लैब से निकलकर सीधे लोगों की जिंदगी के कामों को आसान बना रही है. इसी क्रम में गूगल ने भारत के लिए एक बड़ा प्लान सामने रखा है. गूगल ने देश में कृषि, शिक्षा और छोटे बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए कई नए बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए कई नई पहलों का ऐलान किया है. इस पहल का मकसद यह तय करना है कि एडवांस टेक्नोलॉजी का फायदा देश के दूर-दराज के इलाकों और हर वर्ग के लोगों तक पहुंचे. तो आइए जानते हैं कि गूगल का यह नया एआई प्लान खेती-किसानी से लेकर पढ़ाई और बिजनेस की तस्वीर कैसे बदलने जा रहा है.

ज्वार की बेहतर किस्में तैयार करने में मिलेगी मदद

अक्सर मौसम में बदलाव का असर खेती पर सबसे ज्यादा पड़ता है. ऐसे में किसानों को ऐसी फसलें तैयार करना चाहिए, जो मुश्किल परिस्थितियों में भी अच्छी पैदावार दे. Google DeepMind और Google.org ने इस काम में मदद के लिए हैदराबाद स्थित इंटरनेशनल क्रॉप्स रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर द सेमी-एरिड ट्रॉपिक्स समेत दूसरे संस्थानों के साथ पाटनरशिप की है.

इस प्रोजेक्ट में ज्वार के बीजों और उनके आनुवंशिक गुणों का रिसर्च किया जाएगा. इसके लिए ICRISAT के जीन बैंक में मौजूद 44 हजार से ज्यादा बीजों में से नमूने लिए जाएंगे. ये बीज भारत समेत 90 से ज्यादा देशों से जुटाए गए हैं. AI और मशीन लर्निंग की सहायता से वैज्ञानिक यह समझने का प्रयास करेंगे कि ज्वार की कौन सी किस्में किसानों को ज्यादा पैदावार दे सकती हैं और मौसम में होने वाले बदलाव का सामना कर सकती हैं.

गूगल के इस रिसर्च से जुड़ी जानकारी का एक खुला जेनेटिक एटलस भी तैयार किया जाएगा, इसका प्रयोग भारत समेत दुनिया भर के रिसर्चर्स कर सकेंगे. इसके लिए Google DeepMind तीन साल की रिसर्च फेलोशिप भी देगा. आगे इसी तकनीक से चना, मूंगफली और अरहर जैसी फसलों पर भी काम करने की अभी प्लानिंग है.

किसानों तक पहुंचेगी खेती से जुड़ी जानकारी

Google अपने AI मॉडल की सहायता से किसानों तक खेती से जुड़ी जरूरी जानकारी और सूचना पहुंचाने पर लगा हुआ है. इसके लिए गुजरात सरकार के कृषि प्रगति प्लेटफॉर्म पर इन मॉडलों का प्रयोग हो रहा है. गूगल के अनुसार, बीते एक साल में इस व्यवस्था के माध्यम से 6 लाख से ज्यादा किसानों को 90 करोड़ से ज्यादा SMS आधारित सलाह भेजी गई हैं.

इन मैसेज सलाहों में मिट्टी की सेहत, फसल की देखभाल, कीटों से बचने के तरीके और खराब मौसम से जुड़ी जरूरी जानकारी शामिल है. इसके साथ ही अब गूगल अपने एग्रीकल्चर अंडरस्टैंडिंग मॉडल को पब्लिक प्रीव्यू के लिए जारी कर रहा है. इससे स्टार्टअप और रिसर्चर्स स्थानीय जरूरतों के मुताबिक खेती से जुड़े नए टूल तैयार कर सकेंगे.

टीचर्स को फ्री ट्रेनिंग देगा Google

एजुकेशन सेक्टर में गूगल ने मई में AI Educator Series शुरू की थी. गूगल के मुताबिक, इस प्रोग्राम के तहत अब तक 80 हजार से ज्यादा टीचर्स को ट्रेनिंग दी जा चुकी है. इसमें जेमिनी जैसे टूल की सहायता से लेसन प्लान बनाने और पढ़ाई की जरूरी प्वाइंट तैयार करने का तरीका बताया जाता है.

अब इस प्रोग्राम को आगे बढ़ाते हुए भारत के दूसरे राज्यों तक ले जाया जा रहा है, जैसे एमपी, बिहार और सिक्किम. इन राज्यों में टीचर्स के लिए फ्री ऑनलाइन कोर्स भी उपलब्ध कराया जा रहा है. फिलहाल अभी यह अंग्रेजी में है, वहीं हिंदी समेत 6 दूसरे भाषाओं में इसके एडीसन इसी महीने के अंत तक लाने की प्लानिंग है.

(ये भी पढ़ेंः AI एजेंट का खतरनाक खेल! भारतीय कंपनियों के सिस्टम में बिना परमिशन बनाई पहुंच, सरकार ने जारी की बड़ी चेतावनी)

छोटे कारोबारियों के लिए 130 करोड़ रुपये की मदद

Google.org छोटे कारोबारियों के लिए The Nudge को 1.5 करोड़ डॉलर की फंडिंग देगा. भारतीय रुपये में यह रकम लगभग 130 करोड़ रुपये बैठती है. इसका इस्तेमाल ऐसे AI टूल बनाने में होगा, जो छोटे बिजनेस करने वालों को लोन लेने, नए मार्केट तलाशने और जरूरी नियमों का पालन करने में सहायता कर सके. इसके साथ छोटे शहरों के लोगों को लोकल भाषाओं में ट्रेनिंग देने वाला प्लेटफॉर्म भी तैयार किया जाएगा, जिससे वे जरूरी स्किल सीखकर छोटे बिजनेस से जुड़ सकें.

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