SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

Elon Musk की टेस्ला को आंख दिखाने आई 'देसी Flying Car'! गूगल-यूट्यूब देखकर BA Pass ने मचाई सनसनी, देख लें Video

उत्तराखंड के 21 साल के रवि टम्टा ने 13 साल की खुद की मेहनत से एक इलेक्ट्रिक उड़ने वाली कार HAPIDA SKYNeX बना दी है. जानें इस हैरान कर देने वाले देसी अविष्कार के बारे में.

Written By Mohit Chaturvedi
Published: Oct 26, 2026, 11:17 AM IST | Updated: Oct 26, 2026, 11:20 AM IST
Image Credit: उत्तराखंड के रवि टम्टा ने इलेक्ट्रिक उड़ने वाली कार HAPIDA SKYNeX बना दी है.
Join

अगर उत्तराखंड के किसी छोटे से गांव का एक 21 साल का लड़का बिना किसी इंजीनियरिंग डिग्री के अपने घर में ही उड़ने वाली कार बना दे, तो कैसा लगेगा. जी हां, यह कोई फिल्मी कहानी नहीं बल्कि बिल्कुल सच है. उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के रहने वाले रवि टम्टा ने 13 साल की लगातार रिसर्च, मेहनत और इंटरनेट से सीखकर एक ऐसी सिंगल-सीटर उड़ने वाली इलेक्ट्रिक कार बनाई है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है. हाल ही में इस फ्लाइंग कार की टेस्ट फ्लाइट भी पूरी हो चुकी है.

टेस्ला को भूल जाओ, अब आया देसी टैलेंट
दुनिया भर में जब भी फ्लाइंग व्हीकल या उड़ने वाली गाड़ियों की बात होती है, तो लोग एलन मस्क की कंपनी टेस्ला या फिर अमेरिका-जापान की बड़ी-बड़ी टेक कंपनियों का नाम लेते हैं. लेकिन उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के काफलीखान गांव के रहने वाले 21 साल के रवि टम्टा ने कुछ ऐसा ही कारनामा करके दिखाया है. रवि ने बिना किसी कॉलेज या बड़ी यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई किए बिना ही अपने दम पर एक इलेक्ट्रिक उड़ने वाली कार बना डाली है. इस उड़ने वाली कार का नाम उन्होंने HAPIDA SKYNeX रखा है. सबसे मजेदार बात यह है कि रवि ने कॉलेज से BA यानी बैचलर्स ऑफ आर्ट्स की पढ़ाई की है, लेकिन उनका दिमाग किसी बड़े वैज्ञानिक या रोबोटिक्स इंजीनियर से कम नहीं चल रहा है.

 

 

सड़कों के जाम देखकर आया आइडिया
पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोग अक्सर जानते हैं कि वहां रास्ते कितने मुश्किल और घुमावदार होते हैं. जब कभी किसी गांव में कोई बीमार पड़ता है या इमरजेंसी होती है, तो सड़कों के रास्ते अस्पताल पहुंचने में घंटों का समय लग जाता है. रवि टम्टा जब छोटे थे, तभी से अपने आसपास के लोगों को इस मुसीबत से जूझते हुए देखते थे. साल 2015 के आसपास उनके दिमाग में यह विचार आया कि क्यों न कुछ ऐसा बनाया जाए जो सड़कों के बजाय सीधे हवा में उड़कर लोगों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचा सके. उन्होंने ठान लिया था कि वे पहाड़ के लोगों के लिए उड़ने वाली गाड़ी बनाएंगे ताकि मुश्किल वक्त में किसी की जान बचाई जा सके और मिनटों में सफर पूरा हो सके.

न कॉलेज की फीस, न कोचिंग... इंटरनेट से सीखा पूरा ज्ञान
रवि के पिता हरीश राम एक मामूली मैकेनिक हैं और घर में बहुत ज्यादा पैसे नहीं थे कि रवि को किसी बड़े इंजीनियरिंग कॉलेज में भेजा जा सके. लेकिन रवि ने हार नहीं मानी. उन्होंने अपनी पढ़ाई के साथ-साथ गूगल, यूट्यूब और इंटरनेट के बाकी जरियों से एयरोडायनामिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी, मोटर्स और बैटरियों के बारे में जानकारी हासिल करना शुरू किया. लगातार 13 सालों तक प्रयोग करने, गलतियां सुधारने और प्रैक्टिकल करने के बाद आखिरकार रवि ने अपनी इस ड्रीम प्रोजेक्ट 'हपिडा स्काईनेक्स' (HAPIDA SKYNeX) का प्रोटोटाइप बनाकर तैयार कर दिया.

कैसे काम करती है यह उड़ने वाली कार
रवि की बनाई यह HAPIDA SKYNeX कार एक सिंगल-सीटर इलेक्ट्रिक व्हीकल है, यानी इसमें एक बार में एक व्यक्ति बैठकर उड़ान भर सकता है. इस गाड़ी में कई सारे पावरफुल इलेक्ट्रिक मोटर और पंखे लगे हुए हैं, जो ठीक उसी तरह काम करते हैं जैसे हम आसमान में उड़ने वाले मल्टीरोटर ड्रोन को देखते हैं. इस कार की सबसे बड़ी खासियत इसका VTOL यानी वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग सिस्टम है. इसका सीधा सा मतलब यह है कि इस गाड़ी को उड़ाने या उतारने के लिए किसी लंबे रनवे या एयरपोर्ट की जरूरत बिल्कुल नहीं है. यह आपकी छत या एक छोटे से आंगन से भी सीधे ऊपर की तरफ उड़ सकती है और सीधे नीचे उतर सकती है. साथ ही यह पूरी तरह से बैटरी पर चलती है, जिससे पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचता.

अगस्त में हुई पहली टेस्ट फ्लाइट
रवि टम्टा ने अपनी स्टार्टअप कंपनी 'हपिडा स्काई प्राइवेट लिमिटेड' के तहत इस प्रोजेक्ट को तैयार किया है. अगस्त के महीने में इस उड़ने वाली कार की पहली सफल टेस्ट उड़ान यानी टेस्ट फ्लाइट की गई. जब यह कार जमीन से ऊपर उठी, तो वहां मौजूद लोग देखते ही रह गए. हालांकि, रवि और उनकी टीम का कहना है कि अभी यह एक शुरुआती टेस्टिंग मॉडल है. इस कार को आम जनता के लिए मार्केट में उतारने या पैसेंजर के लिए सुरक्षित बनाने से पहले अभी कई तरह की टेस्टिंग की जाएगी. इसमें बैटरी की कैपेसिटी, उड़ान की स्टेबिलिटी और सेफ्टी सिस्टम्स को और मजबूत बनाया जाएगा ताकि उड़ते वक्त कोई खतरा न रहे.

सिर्फ कार ही नहीं, बना चुके हैं कई अनोखे जुगाड़
रवि टम्टा का दिमाग बचपन से ही नई-नई चीजें बनाने में चलता रहा है. उड़ने वाली कार बनाने से पहले भी वे कई ऐसे शानदार अविष्कार कर चुके हैं जो आम लोगों की जिंदगी आसान बना सकते हैं. उन्होंने एक ऐसा जूता तैयार किया था जिससे चलते-चलते मोबाइल चार्ज हो जाता है. इसके अलावा उन्होंने दृष्टिहीन लोगों के लिए एक स्मार्ट स्टिक बनाई थी. इतना ही नहीं, बांस काटने की मशीन, जंगलों में लगने वाली आग को बुझाने के लिए खास फायर फाइटिंग इक्विपमेंट और वन विभाग के लिए भी कुछ गैजेट्स बनाए हैं. उनके ये अविष्कार दिखाते हैं कि वे समाज की समस्याओं का हल निकालने में कितना यकीन रखते हैं.

आगे क्या है प्लान और कब मिलेगी उड़ान की मंजूरी
रवि की यह उड़ने वाली कार भविष्य में पहाड़ी इलाकों, दूर-दराज के गांवों और मेडिकल इमरजेंसी के दौरान बहुत बड़ी मददगार साबित हो सकती है. हालांकि, इसे सड़कों या आसमान में कमर्शियल तौर पर चलाने से पहले भारत सरकार की सिविल एविशन अथॉरिटी यानी DGCA (Directorate General of Civil Aviation) से कई तरह की क्लीयरेंस और परमिशन लेनी पड़ेगी. सरकार से सभी सुरक्षा नियम पास होने के बाद ही यह कार पूरी तरह से हवा में उड़ने के लिए सड़कों पर आएगी.

Add Zee News as a Preferred Source

About the Author

मोहित चतुर्वेदी डिजिटल न्यूज मीडिया में 16 से अधिक वर्षों का एक्सपीरियंस रखने वाले एक वरिष्ठ टेक जर्नलिस्ट हैं, जो वर्तमान में Zee News में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में टेक्नोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं. स्मार्टफोन रिव्यू, गैजेट एनालिसिस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सुरक्षा में गहरी विशेषज्ञता रखने वाले मोहित ने Apple, Samsung, OnePlus, Vivo और Xiaomi जैसे टॉप ब्रांड्स के फ्लैगशिप डिवाइसों का गहन और निष्पक्ष इन-डेप्थ रिव्यू किया है. अंतरराष्ट्रीय टेक इवेंट्स की ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव रखने वाले मोहित ने लंदन में 'Nothing Phone' और आयरलैंड के बेलफास्ट में 'Realme' के ग्लोबल लॉन्च इवेंट्स को कवर किया है, और इससे पहले वे NDTV, आजतक और दैनिक भास्कर जैसे देश के सबसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में टेक जर्नलिज्म और डिजिटल कंटेंट स्ट्रेटेजी में अहम भूमिकाएं निभा चुके हैं. जटिल तकनीकी बारीकियों को बेहद आसान भाषा में डिकोड करने के लिए पहचाने जाने वाले मोहित से सीधे Mohit.chaturvedi@zeemedia.com पर ईमेल के जरिए या उनके एक्स और इंस्टाग्राम हैंडल्स पर कनेक्ट किया जा सकता है.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES