अगर आप भी अपने स्मार्टफोन में कोई नया ऐप डाउनलोड करने के लिए गूगल प्ले स्टोर का सहारा लेते हैं, तो जरा सावधान हो जाइए. इस दिनों साइबर फ्रॉड का बड़ा खेल चल रहा है, जिसमें अब ऐप के नाम से ही फर्जी ऐप तैयार किए जा रहे हैं. कुछ इसी तरह हुआ है गूगल क्रोम के साथ. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, Google Chrome के नाम और आइकन से मिलता-जुलता एक फेक ऐप Google Play Store मौजूद है, जिस पर 1 लाख से ज्यादा लोगों ने डाउनलोड किया है. सबसे हैरानी की बात तो यह है कि यह ऐप सर्च रिजल्ट में Google के असली Chrome ब्राउजर से ऊपर भी दिखाई दे रहा था. लेकिन, अब गूगल ने इस ऐप को Play Store से हटा दिया.
Android Authority की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले की जानकारी Reddit पर शेयर की गई एक पोस्ट और PiunikaWeb की रिपोर्ट के माध्यम से सामने आई. Reddit पर शेयर किए गए स्क्रीनशॉट में फेक ऐप गूगल क्रोम के ऑफिशियल ऐप से ऊपर नजर आ रहा था. बताया गया कि ऐप को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए पेड विज्ञापन का भी इस्तेमाल किया गया था.
रिपोर्ट के मुताबिक, इस ऐप को 22 अगस्त को Ball Bounce नाम के गेम के रूप में Play Store पर जारी किया गया था. इसके बाद 30 सितंबर को इसका नाम और आइकन बदलकर Google Chrome जैसा कर दिया गया. इससे यूजर्स के लिए असली और नकली ऐप के बीच अंतर करना मुश्किल हो सकता था. लेकिन, नाम और आइकन Chrome जैसे होने के बाद भी यह ऐप ब्राउजर की तरह काम नहीं करता था. Reddit पर एक यूजर के कमेंट के अनुसार, यह असल में एक चैट ऐप था, जिसमें पहले से तय जवाब मिलते थे.
इस घटना के बाद Play Store पर ऐप्स की जांच और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं.
Play Store Android ऐप डाउनलोड करने का ऑफिशियल प्लेटफॉर्म है, लेकिन यहां मौजूद हर ऐप को बिना जांचे डाउनलोड करना सही नहीं है. कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप ऐसे फर्जी ऐप से बच सकते हैं.
Google Chrome का ऑफिशियल ऐप Google LLC की तरफ से जारी किया जाता है. अगर Chrome के नाम से कोई ऐप किसी अनजान डेवलपर के नाम से दिखाई दे, तो उसे डाउनलोड करने से पहले अच्छी तरह जांच लें.
ऐप के डिस्क्रिप्शन, स्क्रीनशॉट और डेवलपर की प्रोफाइल को ध्यान से देखें. अगर ऐप की जानकारी अधूरी है या डेवलपर के दूसरे ऐप का उससे कोई संबंध नहीं दिखता, तो सावधान हो जाएं.
Play Store पर सबसे ऊपर दिखने वाला ऐप जरूरी नहीं कि आधिकारिक भी हो. किसी ऐप को इंस्टॉल करने से पहले उसके डेवलपर का नाम और आधिकारिक लिस्टिंग जरूर चेक करें. Chrome डाउनलोड करने के लिए Google की ऑफिशियल वेबसाइट का इस्तेमाल कर सकते हैं.
कोई ऐप अगर अपने काम से जुड़ी जरूरत से ज्यादा परमिशन मांगता है, तो उसे लेकर सावधान रहें. खासकर ऐसी परमिशन देने से बचें, जिनका ऐप के काम से कोई जुड़ा न हो.
Android फोन में मौजूद Google Play Protect ऐप्स को स्कैन करता है और संभावित रूप से नुकसान पहुंचाने वाले ऐप्स की पहचान करने में मदद करता है. इसे ऑन रखने से ज्यादा सुरक्षा मिल जाती है. लेकिन इस बात का भी ध्यान रखें कि यह हर संदिग्ध ऐप को पकड़ने की गारंटी नहीं देता.