एलन मस्क अब खोलेंगे अपना 'Amazon'? इस हरकत से भड़के दुनिया के सबसे अमीर इंसान, एक ट्वीट ने उड़ाई Jeff Bezos की नींद
एलन मस्क ने अमेजन को टक्कर देने के लिए अपनी खुद की ई-कॉमर्स साइट शुरू करने का संकेत दिया है. अमेजन द्वारा Grok AI बोट्स को ब्लॉक करने के बाद मस्क का यह रिएक्शन आया है. जानिए क्या है AI शॉपिंग बोट्स का पूरा विवाद और मस्क का प्लान.
दुनिया के सबसे अमीर इंसान एलन मस्क और शॉपिंग जायंट अमेजन के बीच एक नया पंगा शुरू हो गया है. अमेजन ने जैसे ही मस्क के AI बोट्स को अपनी साइट पर शॉपिंग करने से रोका, मस्क ने सीधा अमेजन को टक्कर देने का हिंट दे दिया. आइए जानते हैं कि इस डिजिटल वॉर के पीछे का पूरा माजरा क्या है...
मस्क Vs अमेजन
आजकल की जेनरेशन हर काम में शॉर्टकट और स्मार्ट तरीके पसंद करती है. चाहे खाना ऑर्डर करना हो या ऑनलाइन शॉपिंग, अगर काम एक क्लिक में हो जाए तो क्या ही बात है. लेकिन सोचिए अगर आपका AI बोट आपके लिए शॉपिंग करने जाए और कोई वेबसाइट उसे दरवाजा ही बंद कर दे तो क्या होगा? कुछ ऐसा ही हुआ है एलन मस्क के साथ.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के मालिक एलन मस्क ने अब ई-कॉमर्स की दुनिया में सबसे बड़े खिलाड़ी अमेजन को सीधी चुनौती देने का मन बना लिया है. मामला तब गरम हुआ जब X पर एक यूजर ने शिकायत की कि अमेजन उनके Grok AI बोट्स को अपनी वेबसाइट पर शॉपिंग करने और ऑर्डर देने से रोक रहा है. इस पर एलन मस्क ने एक ऐसा रिप्लाई कर दिया, जिसने पूरी दुनिया के बिजनेसमैन और टेक लवर्स के कान खड़े कर दिए. मस्क ने लिखा, "शायद हमें अमेजन का एक कॉम्पिटिटर शुरू करना चाहिए."
Grok बोट्स और अमेजन के बीच क्या हुआ पंगा?
यह पूरी कहानी X पर हुई एक बातचीत से शुरू होती है. एक यूजर ने दावा किया कि उसका Grok AI बोट अमेजन पर प्रोडक्ट्स देखने और रिटर्न हैंडल करने का काम कर रहा था. लेकिन अमेजन ने अचानक इस बोट की एंट्री ब्लॉक कर दी.
उस यूजर ने X पर सवाल उठाया कि अगर लोगों के AI असिस्टेंट अमेजन से सामान नहीं खरीद पाएंगे, तो क्या लोग किसी दूसरे ऑनलाइन स्टोर पर शिफ्ट हो जाएंगे? इसके बाद यूजर ने मस्क को सुझाव दिया कि उन्हें 'X Shop' नाम से एक नया ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म लॉन्च कर देना चाहिए. मस्क ने इस सुझाव को खारिज नहीं किया, बल्कि अमेजन को टक्कर देने की बात कहकर इस आग में घी डाल दिया.
क्या मस्क सच में बनाएंगे 'X Shop'?
एलन मस्क की आदत है कि वे कई बार सोशल मीडिया पर मजाक-मजाक में बड़ी बातें कह देते हैं. उन्होंने अभी तक इस बात की कोई ऑफिशियल डिटेल नहीं दी है कि यह 'X Shop' कैसा दिखेगा या वे इसे कब तक लाएंगे. लेकिन इतिहास गवाह है कि मस्क जो सोचते हैं, वे कई बार कर भी दिखाते हैं.
याद कीजिए, इस साल की शुरुआत में जब रयानएयर के सीईओ के साथ मस्क की स्टारलिंक वाई-फाई को लेकर बहस हुई थी, तब मस्क ने पूरी एयरलाइन खरीदने का मजाक बनाया था. लेकिन ई-कॉमर्स का मामला थोड़ा अलग है, क्योंकि मस्क अपने ऐप X को एक 'एवरीथिंग ऐप' (Everything App) बनाना चाहते हैं, जहां पेमेंट से लेकर शॉपिंग तक सब कुछ एक ही जगह हो सके.
अमेजन ने AI बोट्स पर क्यों लगाया बैन?
अब सवाल यह उठता है कि आखिर अमेजन को इन AI बोट्स से क्या दिक्कत है? दरअसल, अमेजन का कहना है कि थर्ड-पार्टी AI बोट्स बिना इजाजत के उनकी साइट पर घूमते हैं और कस्टमर्स का डेटा कैप्चर करते हैं.
हाल ही में अमेजन ने मेटा के 'Muse' नाम के पर्सनल AI एजेंट को भी अपनी साइट से ब्लॉक कर दिया था. अमेजन के मुताबिक, मेटा ने उन्हें यह जानकारी नहीं दी थी कि उनका बोट अमेजन की वेबसाइट पर आकर शॉपिंग करेगा. अमेजन का मानना है कि इससे यूजर्स की प्राइवेसी और सिक्योरिटी को खतरा हो सकता है.
टेक कंपनियों का डर और प्राइवेसी का सवाल
अमेजन के एक प्रवक्ता ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा कि जो ऐप्स या बोट्स कस्टमर्स की तरफ से दूसरे बिजनेस से खरीदारी करते हैं, उन्हें ट्रांसपेरेंट होना चाहिए. कंपनियों को यह तय करने का हक होना चाहिए कि वे किसी AI बोट को अपनी साइट पर एंट्री देना चाहती हैं या नहीं.
जब यूजर्स मेटा के बोट के जरिए अमेजन पर शॉपिंग करने की कोशिश कर रहे थे, तो उन्हें एक वॉर्निंग मैसेज दिखाई दे रहा था. उसमें लिखा था कि किसी अनऑथराइज्ड AI एजेंट का इस्तेमाल करना अमेजन के टर्म्स ऑफ यूज (नियमों) का उल्लंघन है.
युवाओं के लिए इसका क्या मतलब है?
आज के युवा AI और ऑटोमेशन के दौर में जी रहे हैं. हम चाहते हैं कि हमारा फोन और हमारे AI बोट्स हमारे सारे रूटीन काम खुद निपटा लें. जैसे ही आप कहें, "हे Grok, मेरे लिए सबसे सस्ता और बढ़िया स्नीकर खरीद लो", और काम हो जाए.
लेकिन ई-कॉमर्स कंपनियां जैसे अमेजन, फ्लिपकार्ट वगैरह नहीं चाहतीं कि AI बोट्स सीधे उनकी साइट से डेटा उठाएं. वे चाहती हैं कि कस्टमर खुद उनकी वेबसाइट पर आए, एड्स देखे और टाइम स्पेंड करे. यही वजह है कि AI शॉपिंग एजेंट और रिटेल कंपनियों के बीच यह नई जंग शुरू हो चुकी है.