दिखने में प्यारा, पर है अंगारा... जानिए क्यों प्लेन का दुश्मन बन चुका है पावरबैंक, क्यों आसमान में जाते ही निकलने लगती है आग?
इंडिगो की फ्लाइट में पावर बैंक में आग लगने की घटना के बाद डीजीसीए ने MOBIKINS MK-PB-04 मॉडल पर बैन लगा दिया है. जानिए क्यों विमानों में पावर बैंक फटते हैं और सफर के दौरान क्या सावधानियां रखनी चाहिए.
आजकल जब भी हम घर से बाहर निकलते हैं, तो फोन की बैटरी बचाने के लिए पॉकेट चार्जर यानी पावर बैंक हमारे बैग में जरूर होता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपका यही छोटा सा गैजेट किसी दिन आपके लिए बड़ी आफत बन सकता है? हाल ही में दिल्ली से चेन्नई जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट में कुछ ऐसा ही हुआ, जिसने पूरे एविएशन सेक्टर को हिलाकर रख दिया है. फ्लाइट आसमान में थी और अचानक एक यात्री के पावर बैंक में भयानक आग लग गई. देखते ही देखते पूरे केबिन में धुआं फैल गया, जिसके बाद प्लेन को बीच रास्ते में ही डायवर्ट करना पड़ा. इस खतरनाक हादसे के बाद अब सरकार ने एक खास पावर बैंक मॉडल पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है.
कौन सा पावर बैंक हुआ है बैन?
इस डरावनी घटना के तुरंत बाद देश के एविएशन रेगुलेटर यानी DGCA ने बहुत कड़ा एक्शन लिया है. डीजीसीए ने साफ कर दिया है कि अब किसी भी पैसेंजर या कार्गो फ्लाइट में एक खास मॉडल का पावर बैंक बिल्कुल नहीं ले जाया जा सकता है.
बैन किया गया यह मॉडल MOBIKINS MK-PB-04 है. रिपोर्ट्स और शुरुआती जांच में सामने आया है कि इसी मॉडल के पावर बैंक में आग लगने की वजह से यह पूरा हादसा हुआ था. डीजीसीए चीफ वीर विक्रम यादव की तरफ से सभी एयरलाइंस को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं कि वे इस मॉडल की अच्छे से जांच करें और यात्रियों को इसके बारे में अवेयर करें. अच्छी बात यह है कि बैन सिर्फ इसी एक खास मॉडल पर है, इसलिए आपको अपने दूसरे पावर बैंकों को लेकर ज्यादा डरने की जरूरत नहीं है, बस थोड़ा अलर्ट रहने की जरूरत है.
इंडिगो फ्लाइट में हवा में क्या-क्या हुआ था?
यह घटना 11 अक्टूबर की है. इंडिगो की फ्लाइट नंबर 6E 6115 दिल्ली से चेन्नई के लिए निकली थी. प्लेन अभी हवा में ही था कि अचानक एक यात्री के पास रखे पावर बैंक (या लिथियम-आयन बैटरी वाले गैजेट) से अचानक धुआं निकलने लगा.
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए फ्लाइट के केबिन क्रू ने बिना एक सेकंड गंवाए समझदारी दिखाई. उन्होंने तुरंत सुरक्षा नियमों का पालन किया और प्लेन को हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट की तरफ डायवर्ट कर दिया. गनीमत यह रही कि पायलट ने प्लेन को सुरक्षित लैंड करवा लिया और किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई. एयरलाइन ने यात्रियों को दूसरी फ्लाइट से उनकी मंजिल तक पहुंचाया और इस अचानक आई परेशानी के लिए माफी भी मांगी. लेकिन इस हादसे ने एक बार फिर इस बहस को छेड़ दिया है कि हवा में उड़ते प्लेन के अंदर ये पोर्टेबल बैटरियां कितनी खतरनाक साबित हो सकती हैं.
आखिर पावर बैंक हवा में क्यों फट जाते हैं?
आपके दिमाग में भी यह सवाल आ रहा होगा कि भला चलते-फिरते पावर बैंक अचानक आग क्यों पकड़ लेते हैं? इसके पीछे की असली वजह इनमें इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन बैटरी होती है.
इन बैटरियों का इस्तेमाल इसलिए होता है क्योंकि ये बहुत कम जगह में ढेर सारी एनर्जी स्टोर कर सकती हैं. हम अपने फोन, लैपटॉप और स्मार्टवॉच को चार्ज करने के लिए इन्हीं का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन जब ये बैटरियां अंदर से खराब हो जाती हैं, डैमेज हो जाती हैं, बहुत ज्यादा गर्म हो जाती हैं या इन्हें गलत तरीके से चार्ज किया जाता है, तो ये किसी छोटे बम की तरह फट सकती हैं.
साइंस की भाषा में इसे 'थर्मल रनवे' (Thermal Runaway) कहा जाता है. जब बैटरी का कोई सेल बेकाबू होकर बहुत ज्यादा गर्म होने लगता है, तो उसके अंदर केमिकल रिएक्शन बहुत तेज हो जाती है. इससे और ज्यादा गर्मी पैदा होती है और देखते ही देखते बैटरी से धुआं निकलने लगता है या वह ब्लास्ट हो जाती है. घटिया क्वालिटी के लोकल चार्जर्स, नकली बैटरियों का इस्तेमाल और डिवाइस की सही देखभाल न करना ही इन हादसों की जड़ है.
प्लेन के अंदर बैटरी में आग लगना इतना खतरनाक क्यों है?
जमीन पर अगर किसी बैटरी में आग लग जाए, तो उसे फायर एक्सटिंग्विशर या पानी से बुझाना आसान होता है. लेकिन आसमान में हजारों फीट की ऊंचाई पर, एक बंद हवाई जहाज के केबिन के अंदर यह किसी चुनौती से कम नहीं होता. क्रू मेंबर्स के लिए एक तरफ यात्रियों की जान बचाना और दूसरी तरफ प्लेन को सुरक्षित उड़ाए रखना बहुत मुश्किल हो जाता है.
लिथियम-आयन बैटरी की आग की एक और डरावनी बात यह है कि इसमें बहुत ज्यादा हीट पैदा होती है और यह बार-बार सुलग सकती है. यानी अगर आप ऊपर से आग बुझा भी दें, तब भी बैटरी अंदर से इतनी गर्म रहती है कि वह दोबारा भड़क सकती है. यही वजह है कि दुनिया भर की एयरलाइंस और एविएशन एजेंसियां इन पोर्टेबल बैटरियों को विमानों के लिए सबसे बड़ा खतरा मानती हैं.
यात्रियों के लिए क्या हैं नए नियम और जरूरी सावधानियां?
इन लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए यात्रियों के लिए कुछ सख्त नियम बनाए गए हैं, जिन्हें हर ट्रैवलर को पता होना चाहिए:
हैंड बैग में ही रखें: पावर बैंक और एक्स्ट्रा बैटरियों को हमेशा अपने हैंड बैगेज (केबिन बैग) में ही रखें, भूलकर भी इन्हें चेक-इन लगेज में न डालें. ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि अगर बैटरी में कोई दिक्कत हो, तो क्रू की नजर उस पर तुरंत पड़ सके.
पहुंच में होना चाहिए: सफर के दौरान पावर बैंक हमेशा आपकी नजर के सामने और पहुंच में होना चाहिए. उसे कभी भी ऊपर वाले लगेज रैक (ओवरहेड बिन) में न ठूंसें.
क्या करें अगर कोई दिक्कत दिखे? यदि सफर के दौरान आपको लगे कि आपका पावर बैंक अचानक गर्म हो रहा है, उसमें सूजन आ रही है, अजीब सी बदबू आ रही है या धुआं निकल रहा है, तो बिना देर किए तुरंत क्रू मेंबर को इसकी जानकारी दें. खुद उसे हाथ लगाने या गुस्से में फेंकने की गलती बिल्कुल न करें.