Asus पर बड़ा साइबर अटैक! हैकर्स ने उड़ाया करोड़ों कस्टमर्स का डेटा, नाम-नंबर से लेकर ऑर्डर डिटेल तक खतरे में
टेक कंपनी Asus के ई-शॉप पर बड़ा साइबर हमला हुआ है, जिससे करोड़ों कस्टमर्स का पर्सनल डेटा खतरे में आ गया है. कंपनी ने चेतावनी दी है कि स्कैमर्स इस लीक डेटा का इस्तेमाल करके आपके साथ ऑनलाइन ठगी कर सकते हैं.
लैपटॉप और टेक गैजेट्स बनाने वाली दिग्गज कंपनी Asus पर हैकर्स ने बड़ा हमला किया है, जिससे दुनियाभर के करोड़ों यूजर्स के डेटा पर बड़ा संकट मंडरा रहा है. अब आसुस ने भी माना है कि उसके ई-शॉप के सिक्योरिटी सिस्टम को भेदकर कस्टमर्स का डेटा चुरा लिया गया है. इस डेटा ब्रीच के बाद कंपनी ने कस्टमर्स के लिए एक हाई-अलर्ट जारी किया है, क्योंकि स्कैमर्स इसी जानकारी के जरिए लोगों को ठगने की कोशिश कर सकते हैं. हालांकि राहत की बात ये है कि आपका बैंक खाता सुरक्षित है, लेकिन स्कैमर्स आपके नाम और नंबर का गलत फायदा उठा सकते हैं. आइए जानते हैं कि इस डेटा सेंधमारी से आपको क्या नुकसान हो सकता है.
ताइवान की टेक कंपनी Asus ने अपने कुछ Asus eShop कस्टमर्स को ईमेल भेजकर बताया है कि उसके ऑनलाइन स्टोर के एक हिस्से में बिना परमिशन के एक्सेस किया गया था. इसके चलते कुछ कस्टमर्स की जानकारी खतरे में पड़ सकती है. कंपनी के अनुसार इसमें कॉन्टैक्ट डिटेल और ऑर्डर से जुडी जानकारी शामिल हो सकती है.
Asus eShop में हुई अनऑफिशियल एंट्री
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार Asus ने अपने रजिस्टर्ड eShop कस्टमर्स को इस घटना के बारे में जानकारी दी है. कंपनी ने बताया कि उसे Asus eShop के एक हिस्से में अनऑफिशियल एक्सेस का पता चला था. कंपनी के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि कस्टमर्स के कुछ ऑर्डर से जुडी जानकारी एक्सेस की गई हो सकती है. इसमें ग्राहकों की कॉन्टैक्ट डिटेल और ऑर्डर रिकॉर्ड शामिल हैं.
Asus eShop कंपनी का ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जहां कस्टमर Asus के लैपटॉप, कंप्यूटर, स्मार्टफोन और दूसरे प्रोडक्ट खरीद सकते हैं. रिपोर्ट के अनुसार रिसर्च प्लेटफॉर्म Grips Intelligence के डेटा के मुताबिक, पिछले साल Asus eShop का सालाना रेवेन्यू लगभग 1.3 अरब डॉलर रहा था. ऐसे में इस प्लेटफॉर्म पर मौजूद ग्राहकों की संख्या काफी ज्यादा हो सकती है.
बैंक डिटेल और पेमेंट जानकारी सुरक्षित
हालांकि Asus ने कस्टमर्स को एक राहत भी दी है. कंपनी ने साफ किया है कि इस घटना में पेमेंट से जुडी जानकारी शामिल नहीं है. यानी बैंक अकाउंट डिटेल या पेमेंट संबंधी जानकारी के चोरी होने की बात सामने नहीं आई है. Asus ने यह भी कहा है कि उसे अभी तक ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है जिससे पता चले कि चोरी हुई जानकारी का गलत इस्तेमाल किया गया है या किसी प्रभावित ग्राहक को नुकसान हुआ है.
कंपनी का कहना है कि जैसे ही उसे अनऑफिशियल एक्सेस का पता चला, उसने प्रभावित सिस्टम को सेफ करने के लिए जरूरी कदम उठाए. Asus ने कहा कि प्रभावित सिस्टम को सेफ कर लिया गया है और फिलहाल उसे लगातार चल रहे किसी अनऑफिशियल एक्सेस का सबूत नहीं मिला है.
फ्रॉड को लेकर Asus ने किया अलर्ट
Asus ने कस्टमर्स को यह चेतावनी दी है कि अगर किसी कस्टमर की जानकारी इस घटना में एक्सेस हुई है तो उसका इस्तेमाल फ्रॉड के लिए किया जा सकता है.
हैकर्स या दूसरे लोग Asus के नाम का इस्तेमाल करके ग्राहकों को फर्जी ईमेल, मैसेज या फोन कॉल कर सकते हैं. ये मैसेज या कॉल Asus के प्रोडक्ट, सर्विस या किसी पुराने ऑर्डर से जुडे हुए दिख सकते हैं.
ऐसे में Asus कस्टमर्स को अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध मैसेज का रिप्लाई करने या फोन पर अपनी पर्सनल और अकाउंट से जुडी जानकारी शेयर करने से बचना चाहिए.
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पहले भी सामने आया था अलग मामला
यह पहली बार नहीं है जब Asus से जुडा कोई साइबर सिक्योरिटी मामला सामने आया हो. पिछले साल दिसंबर में कंपनी ने एक अलग घटना की जानकारी दी थी. उस समय Asus ने बताया था कि उसके एक सप्लायर को हैक किया गया था. उस समय Everest नाम के रैनसमवेयर ग्रुप ने दावा किया था कि उसने Asus से 1TB से ज्यादा डेटा चुराया है. Asus ने बताया था कि उस घटना में उसके फोन से जुडा कुछ कैमरा सोर्स कोड प्रभावित हुआ था. हालांकि कंपनी के अनुसार उस घटना का उसके प्रोडक्ट या यूजर्स की प्राइवेसी पर असर नहीं पडा था.
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