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ब्रह्मांड के सीने पर टिमटिमा रहा है दुनिया का सबसे रहस्यमयी हरा तारा! वैज्ञानिकों ने खोज निकाला सबसे बड़ा राज

अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने धरती से 280 लाइट इयर्स दूर एक रहस्यमयी हरे तारे की खोज की है. ड्रैको नक्षत्र में मौजूद इस ग्रीन स्टार का राज जानकर आपके होश उड़ जाएंगे.

Written By Mohit Chaturvedi
Published: Oct 21, 2026, 12:43 PM IST | Updated: Oct 21, 2026, 12:58 PM IST
Image Credit: Green Star
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वैज्ञानिकों ने ब्रह्मांड की गहराई में एक ऐसा चमकीला हरा तारा खोज निकाला है, जिसे देखकर एक्सपर्ट्स भी हैरान हैं. वैज्ञानिकों ने हाल ही में अंतरिक्ष में एक ऐसे तारे को ढूंढा है जो हरे रंग की रहस्यमयी रोशनी बिखेर रहा है. अंतरिक्ष की इस दुनिया में रहस्यों की कोई कमी नहीं है, लेकिन जब कोई चीज एकदम अलग और चौंकानी वाली सामने आती है, तो सबका ध्यान उसकी तरफ खिंच जाता है.

क्या है इस तारे का नाम और यह कहां स्थित है?
इस अनोखे तारे का नाम वैज्ञानिकों ने WD J1330+6435 रखा है. यह हमारी धरती से लगभग 280 लाइट-इयर्स दूरी पर मौजूद है. यह तारा 'ड्रैको' नाम के नक्षत्र में छिपा हुआ है. एस्ट्रोनॉमर्स की एक टीम ने इस पर लंबी स्टडी की है, जिसकी रिपोर्ट 'आरएएस टेक्निक्स एंड इंस्ट्रूमेंट्स' नाम के जर्नल में पब्लिश हुई है. इस रिसर्च के सामने आने के बाद से ही स्पेस लवर्स के बीच सनसनी फैल गई है.

नॉर्मल तारे होते हैं दूसरे रंग के, फिर यह हरा क्यों है?
यूनिवर्सिटी ऑफ वार्विक के जाने-माने एस्ट्रोफिज़िसिस्ट मार्क हॉलैंड्स ने सीएनएन को बताया कि सामान्य तौर पर जो तारे हमें आसमान में दिखते हैं, वे या तो नीले, सफेद या फिर नारंगी रंग के होते हैं. लेकिन इस तारे का रंग एकदम अलग है. नॉर्मल स्टार्स की लिस्ट में इस तरह के हरे रंग का कोई तारा फिट ही नहीं बैठता है. यही वजह है कि वैज्ञानिक भी यह सोचने पर मजबूर हो गए हैं कि आखिर ऐसा कैसे संभव हो सकता है.

व्हाइट ड्वार्फ और सोडियम का खतरनाक खेल
असल में यह तारा एक 'व्हाइट ड्वार्फ' यानी सफेद बौना तारा है. व्हाइट ड्वार्फ उन तारों के अवशेष होते हैं जिनका न्यूक्लियर फ्यूल खत्म हो चुका होता है और वे अपनी बाहरी परतों को झाड़ चुके होते हैं. इस तारे का हरा रंग इसकी बहुत ही भारी और घनी हवा यानी एटमॉस्फेयर की वजह से है. इस तारे के अंदर सोडियम और हीलियम के बीच एक अजीब सा रिएक्शन होता है. जब सोडियम वहां की भारी गैसों और हीलियम के साथ रिएक्ट करता है, तो तारे से निकलने वाली रोशनी की वेवलेंथ पूरी तरह बदल जाती है. इसके अलावा कैल्शियम जैसे दूसरे एलिमेंट्स भी इसके स्पेक्ट्रम पर असर डालते हैं.

वैज्ञानिकों ने कैसे लगाया इस बात का पता?
अब सवाल यह आता है कि क्या वैज्ञानिकों ने इस तारे की कोई डायरेक्ट तस्वीर खींची है जिसमें यह हरा दिख रहा है. आपको बता दें कि सीधे फोटो खींचने के बजाय वैज्ञानिकों ने स्पेक्ट्रल डेटा और इंसानों की रंग पहचानने की क्षमता के मॉडल्स का इस्तेमाल करके यह कैलकुलेट किया है कि यह तारा असल में कैसा दिखाई देगा. इस डिजिटल और साइंटिफिक कैलकुलेशन से पता चला कि इस तारे का कुल रंग हरा बैठता है.

280 लाइट-इयर्स दूर होने का असली मतलब क्या है?
जब हम कहते हैं कि यह तारा 280 लाइट-इयर्स दूर है, तो इसका मतलब यह है कि प्रकाश को वहां से यहां तक पहुंचने में 280 साल का समय लगता है. यानी आज हम टेलीस्कोप से जिस तारे को देख रहे हैं, वह असल में वैसा है जैसा वो 280 साल पहले हुआ करता था. हम सीधे तौर पर पास्ट यानी भूतकाल को देख रहे होते हैं. यह बात अपने आप में काफी रोमांचक और दिमाग को हिला देने वाली है.

तारे का तापमान और आकार जानकर उड़ जाएंगे होश
इस व्हाइट ड्वार्फ तारे का तापमान करीब 4,000 डिग्री सेल्सियस है. यह बहुत ही ज्यादा कॉम्पैक्ट और छोटा है. हैरानी की बात तो यह है कि इसका साइज लगभग हमारी अपनी धरती के बराबर ही है, लेकिन इसका वजन बहुत ज्यादा है. इतने छोटे साइज में इतनी ज्यादा ऊर्जा और गर्मी होना किसी चमत्कार से कम नहीं है.

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About the Author

मोहित चतुर्वेदी डिजिटल न्यूज मीडिया में 16 से अधिक वर्षों का एक्सपीरियंस रखने वाले एक वरिष्ठ टेक जर्नलिस्ट हैं, जो वर्तमान में Zee News में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में टेक्नोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं. स्मार्टफोन रिव्यू, गैजेट एनालिसिस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सुरक्षा में गहरी विशेषज्ञता रखने वाले मोहित ने Apple, Samsung, OnePlus, Vivo और Xiaomi जैसे टॉप ब्रांड्स के फ्लैगशिप डिवाइसों का गहन और निष्पक्ष इन-डेप्थ रिव्यू किया है. अंतरराष्ट्रीय टेक इवेंट्स की ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव रखने वाले मोहित ने लंदन में 'Nothing Phone' और आयरलैंड के बेलफास्ट में 'Realme' के ग्लोबल लॉन्च इवेंट्स को कवर किया है, और इससे पहले वे NDTV, आजतक और दैनिक भास्कर जैसे देश के सबसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में टेक जर्नलिज्म और डिजिटल कंटेंट स्ट्रेटेजी में अहम भूमिकाएं निभा चुके हैं. जटिल तकनीकी बारीकियों को बेहद आसान भाषा में डिकोड करने के लिए पहचाने जाने वाले मोहित से सीधे Mohit.chaturvedi@zeemedia.com पर ईमेल के जरिए या उनके एक्स और इंस्टाग्राम हैंडल्स पर कनेक्ट किया जा सकता है.
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