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International Literacy Day 2026: किताबें पढ़ना तो आ गया, लेकिन क्या आप डिजिटली इंटेलिजेंट हैं? इन 7 सवालों के जवाब देकर खुद को परखिए

आज के AI और इंटरनेट के दौर में क्या आप भी फेक न्यूज, डीपफेक और ऑनलाइन फ्रॉड के शिकार हो रहे हैं? जानिए इन 7 आसान सवालों के जवाब और परखिए कि आप डिजिटली कितने स्मार्ट और सेफ हैं.

Written By Mohit Chaturvedi
Published: Sep 08, 2026, 07:25 AM IST | Updated: Sep 08, 2026, 08:07 AM IST
Image Credit: International Literacy Day 2026
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आज यानी 8 सितंबर को पूरी दुनिया में International Literacy Day (अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस) मनाया जा रहा है. आज के दौर में साक्षर या पढ़ा-लिखा होने का मतलब सिर्फ किताबें पढ़ना या दस्तखत करना नहीं रह गया है, बल्कि डिजिटल दुनिया में समझदारी से कदम रखना भी साक्षरता का ही एक मुख्य हिस्सा है.

आजकल हर किसी के हाथ में स्मार्टफोन है और हम सब दिन का काफी टाइम रील्स स्क्रॉल करने, वीडियो देखने और सोशल मीडिया पर बिताते हैं. लेकिन क्या सिर्फ फोन चलाना या नए फीचर्स यूज करना ही आपको डिजिटली साक्षर बनाता है? AI के इस दौर में सबसे बड़ा चैलेंज है फेक न्यूज, डीपफेक फोटोज और ऑनलाइन स्कैम से खुद को बचाना. अगर आप खुद को टेक-सैवी और इंटरनेट स्मार्ट समझते हैं, तो इस साक्षरता दिवस पर यह टेस्ट आपके लिए ही है. इन 7 आसान सवालों के जवाब पढ़िए और जानिए कि डिजिटल दुनिया में आप कितने सेफ और समझदार हैं.

1. AI की बनी फोटो या Deepfake कैसे पहचानें?
AI से बनी फोटोज देखने में काफी रियल लगती हैं, लेकिन थोड़ा ध्यान देंगे तो सच सामने आ जाएगा. सबसे पहले फोटो में दिख रहे इंसान के हाथ और उंगलियां देखें. AI अक्सर हाथों की शेप, उंगलियों की गिनती (जैसे 6 उंगलियां बना देना) या आंखों की पुतलियों को सही से नहीं बना पाता. इसके अलावा बैकग्राउंड में लिखे टेक्स्ट, लाइट और परछाई के एंगल पर ध्यान दें. अगर फोटो में चेहरा जरूरत से ज्यादा ग्लो कर रहा है या स्किन प्लास्टिक जैसी दिख रही है, तो समझ जाएं कि यह AI का जादू है.

2. WhatsApp पर आई वायरल खबर को सच मानें या नहीं?
अगर किसी व्हाट्सएप मैसेज पर 'Forwarded Many Times' लिखा है, तो उस पर आंख बंद करके भरोसा न करें. जब भी कोई अजब-गजब या सनसनीखेज खबर मिले, तो सबसे पहले गूगल पर जाकर उससे जुड़े शब्द सर्च करें. देखें कि क्या किसी बड़े और भरोसेमंद न्यूज पोर्टल ने उस खबर को कवर किया है. भारत सरकार की PIB Fact Check जैसी वेबसाइट्स भी ऐसे दावों का सच बताती हैं. जब तक खबर की पूरी पुष्टि न हो जाए, उसे किसी ग्रुप में आगे शेयर न करें.

3. OTP मांगने वाला फोन आए तो क्या करें?
अगर कोई कॉल करके कहे कि वह बैंक मैनेजर, पुलिस अफसर या कस्टमर केयर से बोल रहा है और आपका अकाउंट ब्लॉक होने से बचाने के लिए OTP मांग रहा है, तो तुरंत फोन काट दें. कोई भी असली बैंक या कंपनी कभी भी आपसे फोन पर OTP या UPI PIN नहीं मांगती. गलती से भी अपना OTP किसी को न बताएं और न ही मैसेज में आए किसी लिंक पर क्लिक करें. अगर मन में थोड़ा भी शक हो, तो बैंक की ब्रांच में जाकर या उनकी ऑफिशियल वेबसाइट वाले नंबर पर ही बात करें.

4. ChatGPT या Gemini जैसे AI के जवाबों पर कितना भरोसा करें?
AI टूल्स बहुत काम के हैं, लेकिन वे 100% सही नहीं होते. कई बार AI बहुत आत्मविश्वास के साथ गलत या पुरानी जानकारी दे देता है. टेक की दुनिया में इसे 'AI Hallucination' कहा जाता है. इसलिए पढ़ाई-लिखाई, हेल्थ, कानून या पैसों से जुड़े जरूरी मामलों में AI के जवाब को फाइनल न मानें. हमेशा गूगल पर जाकर या किसी एक्सपर्ट से उस बात को क्रॉस-चेक जरूर करें.

5. स्टेशन या कैफे का फ्री Wi-Fi यूज करते समय क्या ध्यान रखें?
रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट या किसी कैफे में मिलने वाला फ्री पब्लिक वाई-फाई यूज करते समय कभी भी Google Pay, PhonePe या नेट बैंकिंग जैसे काम न करें. ऐसे खुले वाई-फाई नेटवर्क पूरी तरह से सेफ नहीं होते और हैकर्स आपके फोन का डेटा या पासवर्ड आसानी से चुरा सकते हैं. अगर फ्री वाई-फाई चलाना ही पड़े, तो सिर्फ नॉर्मल वीडियो देखने या सर्फिंग के लिए इस्तेमाल करें और फोन में VPN का यूज करें ताकि आपका डेटा सुरक्षित रहे.

6. "लॉटरी लगी है" वाले मैसेज या लिंक का क्या करें?
"आपको 25 लाख की लॉटरी लगी है" या "आज रात बिजली कट जाएगी, तुरंत बिल भरें" जैसे मैसेज साइबर ठगों का बड़ा हथियार हैं. मैसेज में दिए गए किसी भी अनजान लिंक पर कभी क्लिक न करें. ये लिंक आपको एक फर्जी वेबसाइट पर ले जाते हैं, जहां आपकी बैंकिंग डिटेल्स और पर्सनल डेटा चोरी हो जाता है. ऐसे मैसेज देखते ही उन्हें तुरंत ब्लॉक और रिपोर्ट कर दें.

7. सोशल मीडिया अकाउंट और पासवर्ड को सेफ कैसे रखें?
अपने इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और बैंकिंग ऐप्स में '2-Factor Authentication' (2FA) फीचर को हमेशा ऑन रखें. इससे जब भी कोई नए फोन में आपका अकाउंट खोलने की कोशिश करेगा, तो पहले आपके नंबर पर एक कोड आएगा. इसके अलावा अपना पासवर्ड कभी भी अपना नाम, '123456' या बर्थडे न रखें. पासवर्ड में लेटर्स, नंबर्स और स्पेशल कैरेक्टर्स (जैसे @, #, $) का इस्तेमाल करें और हर 3-4 महीने में इसे बदलते रहें.

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About the Author

मोहित चतुर्वेदी डिजिटल न्यूज मीडिया में 16 से अधिक वर्षों का एक्सपीरियंस रखने वाले एक वरिष्ठ टेक जर्नलिस्ट हैं, जो वर्तमान में Zee News में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में टेक्नोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं. स्मार्टफोन रिव्यू, गैजेट एनालिसिस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सुरक्षा में गहरी विशेषज्ञता रखने वाले मोहित ने Apple, Samsung, OnePlus, Vivo और Xiaomi जैसे टॉप ब्रांड्स के फ्लैगशिप डिवाइसों का गहन और निष्पक्ष इन-डेप्थ रिव्यू किया है. अंतरराष्ट्रीय टेक इवेंट्स की ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव रखने वाले मोहित ने लंदन में 'Nothing Phone' और आयरलैंड के बेलफास्ट में 'Realme' के ग्लोबल लॉन्च इवेंट्स को कवर किया है, और इससे पहले वे NDTV, आजतक और दैनिक भास्कर जैसे देश के सबसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में टेक जर्नलिज्म और डिजिटल कंटेंट स्ट्रेटेजी में अहम भूमिकाएं निभा चुके हैं. जटिल तकनीकी बारीकियों को बेहद आसान भाषा में डिकोड करने के लिए पहचाने जाने वाले मोहित से सीधे Mohit.chaturvedi@zeemedia.com पर ईमेल के जरिए या उनके एक्स और इंस्टाग्राम हैंडल्स पर कनेक्ट किया जा सकता है.
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