)
अगर आप भी iPhone, Mac, iPad या Apple के दूसरे डिवाइस का का इस्तेमला करते हैं, तो जरा सावधान हो जाइए. Apple के कई डिवाइस को लेकर सॉफ्टवेयर की चेतावनी जारी हुई है. भारत सरकार की कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम यानी CERT-In ने ऐप्पल डिवाइसेस में पुरानी ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल कर रहे यूजर्स के लिए एक गंभीर सुरक्षा चेतावनी जारी की है.
CERT-In के अनुसार, इन डिवाइसेस में मौजूद पुरानी सॉफ्टवेयर कमियों का फायदा उठाते हुए हैकर्स और साइबर फ्रॉड करने वाले लोग यूजर्स के पर्सनल डेटा में एंट्री ले सकते हैं या डिवाइस को रिमोटली कंट्रोल कर सकते हैं. इसी बड़ी खतरे को देखते हुए सरकारी एजेंसी ने सभी Apple यूजर्स को तुरंत अपने डिवाइसेस को लेटेस्ट सॉफ्टवेयर अपडेट करने की बात कही है.
यह चेतावनी CERT-In ने 28 अक्टूबर को जारी की है. इसमें Apple के कई ऑपरेटिंग सिस्टम और Safari ब्राउजर में मौजूद सुरक्षा खामियों का जिक्र किया गया है. इन खामियों की गंभीरता को देखते हुए यूजर्स को अपने डिवाइस में मौजूद लेटेस्ट सिक्योरिटी अपडेट इंस्टॉल करने की सलाह दी गई है. यह चेतावनी आम यूजर्स के साथ उन संस्थानों के लिए भी खास है, जो कामकाज के लिए Apple डिवाइस का इस्तेमाल करते हैं.
CERT-In की चेतावनी के दायरे में Apple के कई डिवाइस शामिल हैं. लेकिन, कौन सा अपडेट आपके डिवाइस पर लागू होगा, यह उसके मॉडल और इस्तेमाल किए जा रहे ऑपरेटिंग सिस्टम पर तय करता है.
iPhone
iOS 18.7.11, 26.7.2 या 27.2 से पुराने वर्जन इस्तेमाल करने वाले प्रभावित डिवाइस.
iPad
iPadOS के प्रभावित पुराने वर्जन पर चलने वाले सपोर्टेड मॉडल.
Mac और MacBook
macOS Sequoia 15.8.2, macOS Tahoe 26.7.2 या macOS Golden Gate 27.2 से पुराने बताए गए वर्जन.
Apple Watch
watchOS 27.2 से पुराने वर्जन पर चलने वाली सपोर्टेड वॉच.
Apple TV
tvOS 27.2 से पुराने वर्जन वाले डिवाइस.
Apple Vision Pro
visionOS 27.2 से पुराने वर्जन पर चलने वाले हेडसेट.
Safari ब्राउजर
macOS Sequoia और macOS Tahoe पर इस्तेमाल किए जा रहे Safari के प्रभावित पुराने वर्जन.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इन खामियों की मदद से साइबर अपराधी यूजर्स के डिवाइस में खतरनाक कोड भी रन करा सकते हैं. इसके साथ ही वे सिस्मट में ज्यादा एक्सेस प्राप्त करने, पर्सनल जानकारी तक पहुंचने और सुरक्षा से जुड़ी पाबंदियों को तोड़ने की भी कोशिश कर सकते हैं. कुछ मामलों में डिवाइस या सिस्टम को काम करने से रोकने का खतरा भी है. इन सुरक्षा खामियों में मेमोरी से जुड़ी खराबियां, बफर ओवरफ्लो और डेटा को गलत तरीके से पढ़ने या लिखने जैसी समस्याएं भी शामिल हैं. किसी यूजर को नुकसान पहुंचाने के लिए साइबर अपराधी खास तरीके से तैयार की गई वेबसाइट, फाइल, फोटो, ऑडियो या वीडियो की भी मदद ले सकते हैं.
अपने ऐप्पल डिवाइस को सेफ रखने के लिए सबसे पहले उसका मौजूदा सॉफ्टवेयर वर्जन चेक कर लें. इसके लिए iPhone और iPad में Settings > General > Software Update पर जाना. वहीं Mac और MacBook में System Settings > General > Software Update में जाकर अपडेट चेक कर सकते हैं. Apple Watch, Apple TV और Vision Pro में भी सेटिंग्स के जरिए उपलब्ध अपडेट देख सकते हैं. अगर आपके डिवाइस में नया ऑपरेटिंग सिस्टम इंस्टॉल नहीं हो सकता, तो उसके लिए मौजूद लेटेस्ट सिक्योरिटी अपडेट जरूर चेक करें.