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1980s वाले विंटेज फोटो ट्रेंड के पीछे का कड़वा सच! आपकी एक HD सेल्फी दे सकती है हैकर्स को आपकी प्राइवेसी का एक्सेस

1980s विंटेज AI फोटो ट्रेंड में अपलोड की गई आपकी सेल्फी कहां जाती है? जानिए क्या ChatGPT, Gemini और Claude आपकी तस्वीरों को डिलीट करते हैं या सर्वर में सेव रखते हैं. एक्सपर्ट्स से जानिए प्राइवेसी रिस्क और डेटा सेफ्टी के तरीके.

Written By Mohit Chaturvedi
Published: Sep 14, 2026, 02:02 PM IST | Updated: Sep 14, 2026, 02:06 PM IST
Image Credit: AI Photo Trend
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आजकल इंस्टाग्राम और एक्स पर 1980s स्टाइल AI फोटो का ट्रेंड जबरदस्त तरीके से छाया हुआ है. हर कोई अपनी एक सिंपल सेल्फी या फोटो किसी भी AI बॉट पर अपलोड कर रहा है और कुछ ही सेकंड में 80 के दशक वाली धांसू विंटेज फोटो बनकर तैयार हो जा रही है. यह देखने में बहुत ही कूल और नुकसान रहित लगता है.

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि फोटो बनाने के बाद आपकी वो ओरिजिनल सेल्फी कहां जाती है? क्या AI टूल उसे तुरंत डिलीट कर देता है या वो उनके सर्वर में सेव रहती है? 'वायर्ड' (Wired) की एक नई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि आपका यह मजेदार एडिट आपके लिए बड़ा प्राइवेसी रिस्क बन सकता है.

आपकी एक सेल्फी क्यों है सबसे ज्यादा सेंसिटिव डेटा?
न्यू यॉर्क यूनिवर्सिटी अबू धाबी की साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट क्रिस्टिना पेपर बताती हैं कि जब आप अपनी कोई फोटो किसी AI टूल पर अपलोड करते हैं, तो वो सिर्फ एक फोटो नहीं होती. आपका चेहरा आपका बायोमेट्रिक डेटा है जो आपकी पहचान बताता है.

इसके अलावा फोटो फाइल में कई हिडन डिटेल्स छिपी होती हैं, जिन्हें EXIF मेटाडेटा कहा जाता है. इसमें यह दर्ज होता है कि फोटो कब खींची गई, किस फोन से ली गई और उस वक्त आपकी सटीक लोकेशन क्या थी. जब आप कोई सेल्फी AI पर अपलोड करते हैं, तो आपकी फोटो की एक कॉपी कंपनी के सर्वर पर चली जाती है. बार-बार ऐसे टूल्स का इस्तेमाल करने से AI आपके व्यवहार, आदतों और काम करने के तरीके का पूरा पैटर्न समझ लेता है.

ChatGPT, Gemini और Claude कब तक रखते हैं आपका डेटा?
रिपोर्ट के मुताबिक अलग-अलग AI प्लेटफॉर्म्स यूज़र्स के डेटा को अलग-अलग समय तक अपने पास स्टोर करके रखते हैं:

ChatGPT (OpenAI): जब तक आप चैट डिलीट नहीं करते, तब तक डेटा आपकी हिस्ट्री में रहता है. अगर आप चैट डिलीट भी कर देते हैं, तो भी OpenAI के सिस्टम पर वो डेटा 30 दिनों तक रहता है. कुछ केस में लीगल और सिक्योरिटी कारणों से इसे बिना आपकी पहचान के लंबे समय तक रखा जा सकता है.

Gemini (Google): गूगल का Gemini बाय-डिफ़ॉल्ट 18 महीने तक आपकी चैट और फाइलों को सेव रखता है. चूंकि Gemini आपकी गूगल ड्राइव और फोटोज़ से भी जुड़ा होता है, इसलिए यह आपके पर्सनल डेटा के बड़े हिस्से को एक्सेस कर सकता है.

Claude (Anthropic): क्लॉड में डिलीट की गई चैट 30 दिन में बैकएंड से हट जाती हैं. लेकिन अगर आपने AI ट्रेनिंग के लिए सहमति दी है, तो अनाम (De-identified) डेटा 5 साल तक रखा जा सकता है. वहीं सेफ्टी वायलेशन से जुड़ी चैट 2 से 7 साल तक स्टोर हो सकती हैं.

चैट डिलीट कर देने से तुरंत गायब नहीं होती आपकी फोटो
अक्सर लोग सोचते हैं कि ऐप से 'Clear Chat' पर क्लिक करते ही सब कुछ खत्म हो गया. लेकिन साइबर एक्सपर्ट्स का साफ कहना है कि ऐप स्क्रीन से डिलीट होने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि फोटो कंपनी के सर्वर से तुरंत डिलीट हो गई है.

सर्वर बैकअप और डेटा प्रोसेस की वजह से वो फोटो हफ्तों या महीनों तक वहां मौजूद रह सकती है. इसके अलावा भविष्य में होने वाले 'मॉडल इन्वर्जन' जैसे साइबर अटैक्स में हैकर्स AI मॉडल के जरिए इस डेटा को एक्सट्रैक्ट करने की कोशिश कर सकते हैं.

AI का मजा भी लें और सेफ भी रहें: अपनाएं ये 5 सेफ्टी टिप्स
अगर आप ट्रेंड्स को मिस नहीं करना चाहते और AI का इस्तेमाल भी करना चाहते हैं, तो इन सिंपल प्राइवेसी हैक्स को अपनाकर खुद को सुरक्षित रख सकते हैं:

  1. सेंसिटिव डेटा शेयर न करें: ऐसी कोई भी फोटो अपलोड न करें जिसमें आपका घर, गाड़ी नंबर, आईडी कार्ड या बैकग्राउंड में कोई प्राइवेट चीज दिख रही हो.
  2. मॉडल ट्रेनिंग बंद करें: ChatGPT या Gemini की सेटिंग्स में जाएं और 'Data Controls' या 'Model Training' का ऑप्शन हमेशा ऑफ (OFF) करके रखें.
  3. इंकॉग्निटो या टेम्पररी मोड का यूज करें: चैट ऐप्स में मिलने वाले Temporary Chat मोड का इस्तेमाल करें ताकि डेटा हिस्ट्री में सेव ही न हो.
  4. पुरानी चैट डिलीट करते रहें: जिन पुरानी फोटो और फाइलों का काम खत्म हो चुका है, उन्हें नियमित रूप से अपनी हिस्ट्री से हटाते रहें.
  5. दूसरों की फोटो बिना पूछे न डालें: दोस्तों, बच्चों या परिवार के लोगों की फोटो को किसी भी AI ऐप पर बिना उनकी सहमति के अपलोड करने से बचें.
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About the Author

मोहित चतुर्वेदी डिजिटल न्यूज मीडिया में 16 से अधिक वर्षों का एक्सपीरियंस रखने वाले एक वरिष्ठ टेक जर्नलिस्ट हैं, जो वर्तमान में Zee News में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में टेक्नोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं. स्मार्टफोन रिव्यू, गैजेट एनालिसिस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सुरक्षा में गहरी विशेषज्ञता रखने वाले मोहित ने Apple, Samsung, OnePlus, Vivo और Xiaomi जैसे टॉप ब्रांड्स के फ्लैगशिप डिवाइसों का गहन और निष्पक्ष इन-डेप्थ रिव्यू किया है. अंतरराष्ट्रीय टेक इवेंट्स की ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव रखने वाले मोहित ने लंदन में 'Nothing Phone' और आयरलैंड के बेलफास्ट में 'Realme' के ग्लोबल लॉन्च इवेंट्स को कवर किया है, और इससे पहले वे NDTV, आजतक और दैनिक भास्कर जैसे देश के सबसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में टेक जर्नलिज्म और डिजिटल कंटेंट स्ट्रेटेजी में अहम भूमिकाएं निभा चुके हैं. जटिल तकनीकी बारीकियों को बेहद आसान भाषा में डिकोड करने के लिए पहचाने जाने वाले मोहित से सीधे Mohit.chaturvedi@zeemedia.com पर ईमेल के जरिए या उनके एक्स और इंस्टाग्राम हैंडल्स पर कनेक्ट किया जा सकता है.
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