पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर में एक बार फिर से बगावत की चिंगारी शोला बनकर भड़क रही है. आंदोलनकारियों ने शहबाज शरीफ की सरकार को दो टूक चुनौती देते हुए कहा है कि अगर हिम्मत है तो फौज को गोलियां चलाने का हुक्म देकर हमें सड़क से हटा दें, वरना इस बार भी हम लोग अपने कदम पीछे हटाने को तैयार नहीं हैं.
पीओके यानी पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर में शासन के तरीके को लेकर एक बार फिर बगावत तेज हो गई है. यहां के प्रदर्शनकारी लंबे समय से पाकिस्तान से आजाद होने की मांग कर रहे हैं. 2026 में जिस तरह आंदोलनकारियों को गोली चलाकर मौत के घाट उतारा गया. उससे हालात बेकाबू हो गए हैं.